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अल्‍जाइमर के रिस्‍क को कम करने केलिए अपनाएं ये टिप्स

हाइलाइट्स

अल्‍जाइमर के खतरे को कम करने के लिए अपनाएं हेल्‍दी डाइट. रेग्‍यूलर एक्‍सरसाइज से शरीर को फिट रखने में मदद मिलती है.अल्‍जाइमर के खतरे को कम करने के लिए तनाव को कम करना जरूरी.

Reduce The Risk Of Alzheimer’s – अल्‍जाइमर ब्रेन से संबंधित समस्‍या है जिसमें मेमोरी लॉस और व्‍यवहार में परिवर्तन जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं. दुनियाभर में लगभग 4.4 करोड़ लोग इस परेशानी से प्रभावित हैं. वैसे तो अल्‍जाइमर होने के कई कारण हैं लेकिन इसका मुख्‍य कारण अधिक उम्र या सिर में लगने वाली गंभीर चोट हो सकती है. अल्‍जाइमर के दौरान पेशेंट्स को पुरानी बातें या जगह याद नहीं रहती. अल्‍जाइमर एक लाइलाज बीमारी है जो समय के साथ और अधिक बढ़ सकती है. हार्ट प्रॉब्‍लम, डायबिटीज और हाई ब्‍लड प्रेशर से अल्‍‍जाइमर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है इसलिए लाइफस्‍टाइल में बदलाव करके इसके रिस्‍क को कम किया जा सकता है. चलिए जानते हैं कौन सी टिप्‍स अपनाकर अल्‍जाइमर को कम किया जा सकता है.

हेल्‍दी न्‍यूट्रिशियस डाइट
अल्‍जाइमर के खतरे को कम करने के लिए हेल्‍दी न्‍यूट्रिशियस डाइट का सहारा लिया जा सकता है. हेल्‍थ डॉट कॉम के अनुसार न्‍यूट्रिशियस डाइट में फल, सब्जियां, प्रोटीन और साबित अनाज को शामिल किया जा सकता है. न्‍यूट्रिशियस डाइट से कई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स को ठीक किया जा सकता है जो अल्‍जाइमर को बढ़ावा दे सकते हैं.

नियमित एक्‍सरसाइज करना
अल्‍जाइमर के रिस्‍क को कम करने के लिए प्रत्‍येक सप्‍ताह कम से कम 150 मिनट का मॉडरेट इंटेंस एक्‍सरसाइज करनी फायदेमंद हो सकती है. तेज चलना एक हेल्‍दी एक्सरसाइज ऑप्‍शन हो सकता है. इससे कई समस्‍याओं को ठीक किया जा सकता है.

लें प्रॉपर स्‍लीप
नींद न आने की समस्‍या अल्जाइमर के लिए जिम्‍मेदार हो सकती है. पर्याप्‍त नींद न लेने की वजह से दिमाग की मांसपेशियां ठीक ढंग से काम नहीं कर पाती जो ब्रेन संबंधी कई बीमारियों को बढ़ावा दे सकती है. अल्‍जाइमर के रिस्‍क को कम करने के लिए प्रतिदिन कम से कम 7 घंटे की प्रॉपर नींद लेना बे‍हद जरूरी है. नींद ओवरऑल हेल्‍थ के लिए फायदेमंद हो सकती है.

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तनाव करें कम
अधिक तनाव शरीर और दिमाग के लिए हानिकारक हो सकता है. तनाव को कम करने के लिए अपनी पसंद की चीजें करनी चाहिए ताकि दिमाग को रिलेक्‍स करने में मदद मिल सके. तनाव और चिंता से डिप्रेशन भी बढ़ सकता है.

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मेटेंन सोशल कनेक्‍शन
उम्र बढ़ने के साथ लोगों में अलग और अकेले रहने की प्रवृत्त्ति जन्‍म लेने लगती है. वे लोगों से सोशल डिस्टेंस बना लेते हैं. अकेले रहने से डिमेंशिया का रिस्‍क बढ़ जाता है. जहां तक हो सके सोशल कनेक्‍शन को मेंटेन करें ताकि लोगों के संपर्क में रहकर अपनी मेंटल प्रॉब्‍लम्‍स को दूर किया जा सकता है.

Tags: Better sleep, Health, Lifestyle, Mental health

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