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आँखों में बसाया है तो रखना संभाल कर , कहीं बह न जाऊँ मैं काजल की तरह ,,

नर्म नाजुक किसी मखमल की तरह ,
इधर उधर फिरते हुए बादल की तरह ,,
आँखों में बसाया है तो रखना संभाल कर ,
कहीं बह न जाऊँ मैं काजल की तरह ,,

Mar Jaoonga Uski Ek Muskurahat Ke Liye Koi Ek Baar To Mujhpe Aitbaar Kare.

Itna Yaad Mat Karo Mujhe E Mere Dost, Hichkiyo Se Meri Jaan Nikal Aayi Hai!! :)