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आर्टिफिशियल स्वीटनर्स वेट लॉस के मिशन में दोस्त है या दुश्मन? जानिए यहां

हाइलाइट्स

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन भूख बढ़ाकर, खाने के कंजंप्शन को बढ़ा सकता है. आर्टिफिशियल स्वीटनर्स बॉडी वेट बढ़ाकर बीमारियों का कारण बनते हैं.आर्टिफिशियल स्वीटनर्स हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का कारण बन सकते हैं.

Artificial Sweeteners for Weight Loss : हेल्दी बॉडी के लिए वेट मैनेजमेंट ज़रूरी है. मोटापा अपने साथ डायबिटीज़, हार्ट प्रॉब्लम, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियां लेकर आता है, इसलिए समय रहते इसे नियंत्रित करना ही बॉडी के लिए फायदेमंद है. जब बात होती है, बॉडी वेट बढ़ने के कारणों की तो सबसे पहला नाम उभर कर आता है “मीठा”. चाय- कॉफी से लेकर केक – पेस्ट्री तक, ये मीठा डेली डाइट का बड़ा हिस्सा बन चुका है और इसका विकल्प ढूंढते हुए डाइट में एंट्री होती है आर्टिफिशियल स्वीटनर्स की. जी हां! आर्टिफिशियल स्वीटनर्स नॉर्मल चीनी से अलग एस्पार्टेम, स्टेवियोसाइड और सुक्रालोज़ जैसे नॉन न्यूट्रीटिव स्वीटनर्स को कहा जाता है. इसका क्रेज इतना बढ़ा हुआ है कि इसके कस्टमर्स का नंबर तेजी से ग्लोबल लेवल पर बढ़ता जा रहा है. इससे पहले की आर्टिफिशियल स्वीटनर्स को वेट लॉस में सहायक समझ लिया जाए, आइए जानते हैं, क्या सच में ये वेट लॉस मिशन के दोस्त बन सकते है?

आर्टिफिशियल स्वीटनर्स वेट लॉस में कितने सहायक हैं 

मेडिकल न्यूज टुडे डॉट कॉम के मुताबिक कई रिसर्चेस से पता चलता है की आर्टिफिशियल स्वीटनर्स बॉडी वेट बढ़ाने का काम करते हैं, साथ ही इनका सेवन हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों का भी कारण बन सकता है.

इनका सेवन गट बैक्टीरिया के लिए समस्या बनता है जिसके कारण मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है और भूख भी गड़बड़ा जाती है. अक्सर इसके कारण भूख बढ़ने और ज्यादा खाना खाने की परेशानी सामने आती है.

थोड़े समय के लिए शायद ये आर्टिफिशियल स्वीटनर्स वेट मैनेज कर सकते हैं, पर लॉन्ग टर्म में ये मोटापे का ही कारण बनता है. इसका असर ज्यादातर कमर के आस पास के हिस्से पर होता है.

कई महिलाओं और बच्चों पर हुए एक शोध से यह भी पता चलता है की प्रेगनेंसी के दौरान मां का आर्टिफिशियल स्वीटनर्स लेना बच्चे के वेट और मेटाबॉलिज्म पर भी नकारात्मक असर डालता है.

डॉक्टर्स की मानें तो इसे बेहतर विकल्प नहीं बल्कि एक नई और बड़ी परेशानी कह सकते हैं. वेट गेन से इसका जुड़ाव इसके सेवन से बचने की हिदायत देता है. आज तरह तरह के पैक्ड और फास्ट फूड्स में इसका उपयोग किया जाता है, वेट मैनेजमेंट के लिए ऐसे खाने से परहेज़ आवश्यक है.

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Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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