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 एंग्जाइटी से बढ़ सकती है ईटिंग हैबिट, ऐसे करें अधिक खाने की आदत को अवॉइड

हाइलाइट्स

एंग्‍जाइटी को दूर करने के लिए माइंडफुल ईटिंग हैबिट की आदत डालें. ओवरईटिंग से बचने के लिए नियमित अंतराल में खाना खाएं.ईटिंग हैबिट को कम करने के लिए सेल्‍फ कंट्रोल जरूरी है.

Avoid Overeating Habit: अकेलापन और तनाव होने पर अधिकतर लोग जरूरत से ज्‍यादा खाना खाने लगते हैं. इमोशंस को कंट्रोल करने में खाना अहम भूमिका निभाता है, लेकिन एक्‍स्‍ट्रा खाने की आदत से ईटिंग हैबिट डेवलप हो जाती है. यह आगे चलकर ईटिंग डिसऑर्डर में भी तब्दील हो सकती है. ऐसा आमतौर पर तब होता है, जब व्‍यक्ति एंग्‍जाइटी महसूस करता है. तनाव कोर्टिसोल हॉर्मोन को रिलीज करता है और वास्‍तव में खाने से व्‍यक्ति बेहतर महसूस करने लगता है. खाना व्‍यक्ति के माइंड को डायवर्ट करने का काम करता है, इसलिए जब भी एंग्‍जाइटी होती है तो कुछ मीठा या चटपटा खाने का मन करता है. शुगर और फैट से भरे हुए फूड आइटम्‍स भावनाओं को सुन्न कर सकते हैं. इस प्रकार के खाने का नियमित रूप से सेवन करने से मोटापा, डायबिटीज, हाई बीपी और कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या हो सकती है. ईटिंग हैबिट पर कंट्रोल करने के लिए खुद पर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है, साथ ही इमोशनल ईटिंग को हेल्‍दी ईटिंग में बदलने का प्रयास किया जा सकता है. चलिए जानते हैं ईटिंग हैबिट को कैसे करें अवॉइड.

बैलेंस ईटिंग का लक्ष्‍य बनाएं
हेल्‍थ डॉट कॉम के अनुसार , एंग्‍जाइटी होने पर अधिकतर लोग अधिक शुगर और फैट वाला खाना पसंद करते हैं. शुगर और फैट वाले खाने से भावनाओं यानी इमोशंस को सुन्‍न करने में मदद मिलती है. ये खाना भले ही उस वक्‍त मन को संतुष्‍टी देता है, लेकिन ये हेल्‍थ के लिए नुकसानदायक हो सकता है. एंग्‍जाइटी होने पर जब भी हाई कैलोरी फूड खाने की इच्‍छा हो तो उसे गाजर,  ग्रिल्‍ड चिकन, हाई फाइबर और प्रोटीन को डाइट में शामिल करने का लक्ष्‍य बनाएं. ये फूड आइटम देर से पचते हैं और पेट को भरा रखते हैं.

नियमित अंतराल में खाएं
आप जितनी देर बिना खाए रहेंगे उतनी ही अधिक संभावना है कि आप अधिक खाना खाएंगे. इसके लिए जरूरी नहीं कि व्‍यक्ति को कोई तनाव या चिंता हो. एक बार में अधिक खाने की बजाय हर तीन से चार घंटे में बैलेंस्‍ड डाइट लें. नियमित अंतराल में खाने से पोर्शन कंट्रोल करने में मदद मिल स‍कती है. साथ ही एंग्‍जाइटी में अधिक खाने की इच्‍छा को भी शांत कर सकेंगे.

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जागरूक रहें
एंग्‍जाइटी को कम करने के लिए खाना बेहतरीन विकल्‍प नहीं होता, बल्कि सेल्‍फ कंट्रोल से चीजों को अपने मुताबिक मोल्‍ड किया जा सकता है. जब भी खाने बैठें जागरूक रहें और क्‍या खा रहे हैं, उस पर फोकस रहें. एक कौर खाने के बाद चम्‍मच को प्‍लेट पर रखें, इससे कम खाना कंज्‍यूम होता है. हाथ में चम्‍मच र‍हने से लगातार खाया जाता है. जितनी भूख हो उतना ही खाएं. खाने के पहले दो गिलास पानी पीलें, ताकि पेट जल्‍दी भर जाए.

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रुटीन में करें बदलाव
रुटीन में बदलाव करने से ओवरईटिंग को रोका जा सकता है. जब भी आप तनाव महसूस कर रहे हैं तो उस रास्‍ते न जाएं, जहां अनहेल्‍दी स्‍नैक्‍स मिलता हो. इससे अनहेल्‍दी स्‍नैकिंग से बच सकते हैं. साथ ही खाने का रुटीन सेट करें ताकि अधिक मिड मील से बचा जा सके.

Tags: Anxiety, Food, Health, Lifestyle

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