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एयर पॉल्यूशन से अपने फेफड़ों को कैसे रखें सुरक्षित? जानें सबसे आसान तरीके

हाइलाइट्स

एयर क्‍वालिटी फोरकास्‍ट पर नजर रखना है जरूरी. घर से बाहर निकते वक्त मास्‍क लगाना जरूरी है.खराब एयर क्‍वालिटी वाली जगहों पर जानें से बचें.

Protect Your Lungs To Adopt Easy Methods: जैसे-जैसे देश प्रगति कर रहा है, वैसे-वैसे वायु प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है. वायु प्रदूषण की कोई सीमा नहीं होती. घर के बाहर खराब एयर क्‍वालिटी से स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा असर पड़ सकता है. जंगल में लगने वाली आग से लेकर कार और फैक्‍टरियों से निकलने वाला धुआं, धूल, मोल्‍ड स्‍पोर्स और पोलेन तक ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो आउटडोर एयर क्‍वालिटी को प्रदूषित और प्रभावित कर सकती हैं. कई अध्‍ययनों से यह पता चला है कि बहुत अधिक समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने से अस्‍थमा, एलर्जी और कई तरह के कैंसर जैसी खतरनाक समस्‍याएं हो सकती हैं. ऐसे में फेफड़ों को हेल्‍दी बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है. खराब एयर क्‍वालिटी से फेफड़ों को बचाने के लिए कुछ आसान तरीके अपनाएं जा सकते हैं. चलिए जानते हैं इनके बारे में.

खराब एयर क्‍वालिटी से खुद को रखें सुरक्षित
वेबएमडी के मुताबिक खराब एयर क्‍वालिटी हर किसी को किसी न किसी तरह से प्रभावित कर सकती है. अगर किसी को हार्ट, लंग या एलर्जी की समस्‍या है तो वायु प्रदूषण और ज्‍यादा परेशान कर सकता है.

लोकल वेदर और एयर क्‍वालिटी फोरकास्‍ट पर रखें नजर
भारतीय मौसम विभाग और कई वेदर ऐप्‍स एयर क्‍वालिटी और मौसम से जुड़े डेली अलर्ट भेजते हैं. घर से बाहर निकलने से पहले इन अलर्ट पर एक बार नजर जरूर डालें. ये अलर्ट कलर-कोड के रूप में आते हैं. उदाहरण के लिए ग्रीन कलर का मतलब है क्‍लीन, सांस लेने योग्‍य हवा, जबकि लाल और मरून कलर का मतलब होता है खतरनाक प्रदूषण. अगर वायु प्रदूषण बहुत ज्‍यादा है तो कोशिश करें कि घर से बाहर न निकलें. बहुत जरूरी होने पर सुरक्षा इंतजामों के साथ बाहर जाएं.

घर पर रहें, खिड़की व दरवाजें बंद रखें
अगर स्‍मॉग अलर्ट, प्राकृतिक आपदा जैसे जंगल में आग या फिर  किसी फैक्‍टरी या हाईवे के नजदीक रहते हैं, तब घर के अंदर खराब हवा प्रवेश न कर पाएं इसे सुनिश्‍चित करना चाहिए. घर के खिड़की और दरवाजे अच्‍छी तरह से बंद रखें, जिससे बाहर की खराब हवा घर में प्रवेश न कर पाए.

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घर के बाहर एक्‍सरसाइज करने से बचें
जिस एरिया में पॉल्‍यूशन बहुत ज्‍यादा हो वहां एक्‍सरसाइज करने से बचें. हाई-ट्रैफिक एरिया में रनिंग या वॉकिंग न करें. बस और कार जैसे वाहन से जहरीला धुआं निकलता है और ये एयर क्‍वालिटी को खराब करता है. जब एयर क्‍वालिटी खराब हो तब बच्‍चों को भी घर से बाहर खेलने न भेजें.

रोज करें गुड़ का सेवन
आयुर्वेद में गुड़ को फेफड़ों के लिए वरदान माना गया है. गुड़ में आयरन और फोलेट जैसे लाभकारी तत्‍व होते हैं जो बॉडी डिटॉक्‍स करने का काम करते हैं. गुड़ फेफड़ों में जमी खराब चीजों को बाहर निकालने में भी मदद करता है. इसलिए हर रोज थोड़ा गुड़ जरूर खाना चाहिए.

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स्‍मोकिंग से बनाएं दूरी
अगर स्‍मोकिंग करते हैं तो इसे तुरंत छोड़ दें. अगर स्‍मोकिंग नहीं करते हैं तो ऐसे स्‍थानों पर जाने से बचें जहां आसपास लोग स्‍मोकिंग करते हैं. टोबैको फ्री रेस्‍टोरेंट और स्‍मोक-फ्री प्‍लेस पर ही जाएं.

घर पर करें ईको-फ्रेंडली चीजों का इस्‍तेमाल
कम एनर्जी या ईको-फ्रेंडली सोर्स जैसे सोलर पावर या इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग करें, ऐसा करने से घर के भीतर वायु प्रदूषण कम से कम होगा. लकड़ी या अन्‍य ऐसा कोई पदार्थ न जलाएं जिससे धुआं होता हो. घर के बाहर कचरा भी जलाने से बचें.

Tags: Air pollution, Diwali, Health, Lifestyle

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