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एसिलोक, जिनटेक का करते हैं इस्तेमाल तो अलर्ट हो जाएं, हो सकता है कैंसर का खतरा! रिसर्च

हाइलाइट्स

रैनिटिडाइन में नाइट्रोसोडिमिथाइलामाइन (NDMA) रसायन पाया जाता है जो कैंसरकारक होता है ये दवाइयां सरकार की आवश्यक दवाओं की लिस्ट से बाहर हो सकती हैं

Antacid ranitidine: पेट में गैस या जलन की समस्या बहुत आम है. जब भी गैस की दिक्कत होती है कुछ लोग बिना सोचे एंटासिड टैबलेट जैसे कि एसिलोक, जिनटेक या रेनटेक आदि खा लेते हैं. यदि आप भी ऐसा करते हैं तो अलर्ट हो जाएं क्योंकि एंटासिड या रैनिटिडाइन टैबलेट से कैंसर का जोखिम हो सकता है. पहले ही कई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि एंटासिड टैबलेट में कैंसरकारी तत्व मौजूद होते हैं. अब सरकार ने इन दवाओं को जरूरी दवाई की सूची से बाहर निकालने का फैसला कर लिया है.

अमेरिकन नेशनल फाउंडेशन फॉर कैंसर रिसर्च (एनएफसीआर) के मुताबिक रैनिटिडाइन में नाइट्रोसोडिमिथाइलामाइन (NDMA) रसायन पाया जाता है जो कैंसरकारक होता है. एनएफसीआर के मुताबिक एनडीएमए का लेवल तब और बढ़ जाता है जब इसे सामान्य तापमान पर रखा जाता है. अमेरिकी फूड एंड ड्रग एसोसिएशन ने इसे तत्काल बाहर करने की सिफारिश की थी. इसके बाद कई देशों में इस दवा को चलन से बाहर कर दिया था.

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जरूरी दवाओं की सूची से बाहर होगी
ये दवाइयां सरकार की आवश्यक दवाओं यानी नेशनल लिस्ट ऑफ इसेंसियल मेडिसिंस (NLEM) की लिस्ट से बाहर हो सकती हैं. हालांकि इसकी जगह सबसे ज्यादा मांग वाली एंटी डायबिटिक ड्रग
टेनिलि ग्लिप्टिन (Teneligliptin) लिस्ट में शामिल हो सकती है. न्यूज 18 को आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार नई NLEM लिस्ट से 26 दवाओं को बाहर कर सकती है. इस सूची में 34 नई दवाइयों को शामिल करने की संभावना है. न्यूज18 ने इससे पहले जनवरी में खबर दी थी कि सरकार ज्यादा मांग वाली दवाइयों को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाने पर विचार कर रही है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के तहत बनी एक एक्सपर्ट कमेटी ने पिछले साल 399 फॉर्मूलेशंस की एक संशोधित सूची जमा की दी थी. इसके बाद सरकार ने सितंबर 2021 में लिस्ट जारी कर दी थी.

इसमें मौजूद सॉल्ट को लेकर सवाल
इससे पहले ही दुनिया भर में Ranitidine, Aciloc, Zinetac और Rantac जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के नाम से बिकने वाली दवाइयों में मौजूद सॉल्ट को लेकर सवाल उठने लगे थे. इसमें मौजूद तत्व के कारण कैंसर से जुड़ी कई खबरें सामने आई थीं. इसके बाद सरकार ने इसे लेकर एक्सपर्ट कमिटी बनाई थी. अब जाकर सरकार इन दवाइयों को जरूरी सूची से बाहर करने जा रही है. दरअसल, भारत में बड़े पैमाने पर एसिड से संबंधित अपच, पेट दर्द और सीने में जलन के उपचार के लिए डॉक्टर रैनिटिडाइन टैबलेट का सुझाव देते हैं. कुछ लोग बिना डॉक्टर की सलाह से भी इसका सेवन करते हैं.

Tags: Cancer, Health, Health tips, Lifestyle

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