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कश्‍मीर में स‍िनेमाहॉल का वो आखिरी क‍िस्‍सा; 70 लोग देख रहे थे आमिर खान की ‘मंगल पांडे’ और चलीं गोल‍ियां

कश्‍मीर घाटी में स‍िनेमाहॉल का खुलना, ये घटना उतनी आम नहीं है ज‍ितनी देश के क‍िसी दूसरे हि‍स्‍से में स‍िनेमाहॉल खुलना. दरअसल आज कोई फिल्‍म देखने का प्‍लान बनाना मतलब, अपने मोबाइल पर ट‍िकिट बुक कर फिल्‍म का आनंद उठाने ज‍ितना आसान है लेकिन ये हमेशा से ऐसा नहीं रहा है. एक फिल्‍म देखने के लि‍ए पहले प‍िताजी से परमीशन और पैसे दोनों लेना, मां को मनाना, फिर घंटों लंबी लाइन, फ‍िर भी ट‍िकिट न खरीद पाने पर ब्‍लैक में ट‍िकेट लेना… और तब जाकर कहीं रूपहले पर्दे पर स‍िनेमा को उतरते हुए देखना… ये सब करना पड़ता था. ये सब कश्‍मीर में भी ये होता था और सालों तक होता रहा, लेकिन पिछले 23 सालों में कश्‍मीर तो फिल्‍मों में खूब नजर आया, पर कश्‍मीर में फिल्‍में नजर नहीं आईं.

आपको आज हम उस घटना और माहौल के बारे में बता रहे हैं, जब 23 साल पहले स‍िनेमाहॉलों ने कश्‍मीर से रुखसती की. डॉ. सेवा स‍िंह बाजवा ने अपनी क‍िताब ‘The Facets of Indian Cinema’ में कश्‍मीर में स‍िनेमा के इतिहास में व‍िस्‍तार से ल‍िखा है. कश्‍मीर में स‍िनेमाहॉल के खुलने और बंद होने की घटना पर वह अपनी इस क‍िताब में ल‍िखते हैं, ’90 के दशक में जब आतंकवाद हावी होना शुरू हुआ तब सबसे पहले जो श‍िकार हुए उनमें स‍िनेमा भी एक था. आतंकवादी और चरमपंथ‍ियों ने सबसे पहले स‍िनेमा को हराम ठहरा द‍िया. एक आतंकवादी संगठन था, ‘अल्‍लाह टाइगर्स’ उसने शराब की दुकानों और स‍िनेमा हॉल्‍स के ख‍िलाफ फरमान न‍िकाला. 1989 में थ‍िएटर माल‍िकों ने डर-डर के सारे हॉल्‍स बंद कर द‍िए. तब उन्‍हें लगा था कुछ द‍िनों की बात है.’

वह आगे अपनी क‍िताब में ल‍िखते हैं, ‘फ‍िर 1999 का साल आया, हालात थोड़े काबू में आए, आतंकवाद कम हुआ. ऐसे में रीगल, नीलम बौर ब्रॉडवे स‍िनेमाघरों ने हिम्‍मत जुटाई और दोबारा शुरू हो गए. उसी साल आतंकवाद‍ियों ने रीगल स‍िनेमा पर हमला क‍िया और एक आदमी मारा गया. एक दर्जन के करीब लोग घायल हुए. स‍ितंबर 2005 में नीलम स‍िनेमा अकेला ऐसा स‍िनेमाघर था, जो तब भी चल रहा था. उसमें आमिर खान की फिल्‍म ‘मंगल पांडे द राइज‍िंग’ लगी थी. उस समय लगभग 70 लोग फिल्‍म देख रहे थे. तभी मुठभेड़ हुई एक आतंकी मारा गया.. जब जान के लाले पड़ गए हों तो ऐसे माहौल में फिल्‍म देखने कौन जाता है.’ इसके बाद कश्‍मीर में सरकार ने खूब कोशिश की कि लोगों का और स‍िनेमाघरों के बीच फ‍िर से र‍िश्‍ता बन पाए लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

अब लगभग 23 सालों बाद कश्‍मीर में फ‍िर से स‍िनेमा गुलजार हुआ है. द‍िलचस्‍प है कि कश्‍मीर में आखिरी फिल्‍म भी आमिर खान की ही देखी गई और सालों बाद अब वहां के लोग एक बार फिर आमिर खान को ही सबसे पहले पर्दे पर देखेंगे. श्रीनगर के पहले मल्टीप्लेक्स में आज सबसे पहली फिल्‍म आमिर खान (Aamir Khan) और करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) की ‘लाल सिंह चड्ढा’ ही दिखाई जाएगी. वहीं 23 स‍ितंबर को देशभर में र‍िलीज होने जा रही ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और सैफ अली खान (Saif Ali Khan) स्‍टारर फिल्‍म ‘व‍िक्रम वेधा’ (Vikram Vedha) और न‍िर्देशक मणीरत्‍नम की PS I कश्‍मीर में 23 साल बाद र‍िलीज होने वाली पहली फ‍िल्‍में बनेंगी.

कश्‍मीर में खुले इस मल्टीप्लेक्स के मालिक विजय धर ने न्यूज 18 से कहा- “एक परिवार की एक साथ फिल्म देखने की संस्कृति खो गई है. हम कश्मीर में युवाओं और बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए एक आरामदायक जगह देने की कोशिश कर रहे हैं.” विजय एक कश्मीर पंडित हैं और उन्होंने सालों पहले श्रीनगर में एक उस वक्त एक स्कूल खोला जब उनके दोस्तों ने उन्हें कश्मीर में नहीं जाने की सलाह दी थी.

Tags: Aamir khan, Entertainment Special

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