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कान साफ करने के लिए ईयर बड का इस्तेमाल कितना सुरक्षित, जानें यहां

हाइलाइट्स

ईयर बड का प्रयोग करने से सुनने की क्षमता पर होता है असर. कान में मौजूद वैक्‍स कान की करता है सुर‍क्षा.वैक्‍स निकालने के लिए डॉक्‍टर की सलाह जरूरी.

How Safe To Use Ear Bud – कान का मैल या वैक्‍स साफ करने के लिए अधिकतर लोग कॉटन ईयर बड का इस्‍तेमाल करते हैं. वैसे तो कॉटन बड का इस्‍तेमाल वैक्‍स निकालने के लिए सुरक्षित माना जाता है लेकिन इसका अधिक प्रयोग कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है. ईयर बड के इस्‍तेमाल से कान का वैक्‍स कई बार बाहर निकलने की बजाय और अंदर चला जाता है जिससे कान में दर्द और सुनने में परेशानी आ सकती है. बता दें कि बॉडी कान के भीतर ईयर वैक्‍स का निर्माण करती है जिसे सेरुमेन कहा जाता है. ये वैक्‍स ईयर कैनल को सुरक्षा प्रदान करने लिए जरूरी मानी जाती है. लेकिन ये ईयरवैक्‍स हर किसी के लिए फायदेमंद हो ये जरूरी नहीं है. कई लोगों को इससे इंफेक्‍शन भी हो जाता है. कान साफ करने के लिए खुद से ईयर बड का इस्‍तेमाल करना खतरनाक हो सकता है इसलिए कान साफ करने से पहले डॉक्‍टर की सलाह लेना बेहद जरूरी होता है. चलिए जानते हैं ईयर बड से होने वाले नुकसान के बारे में.

कैसे बनता है वैक्‍स
कान की आउटर एक्‍सटर्नल ऑर्डिनरी कैनल स्किन के साथ मिलकर तैलीय पदार्थ, ईयर वैक्‍स का उत्‍पादन करती हैं. हेल्‍थ शॉट्स के अनुसार ये वैक्‍स ईयर कैनाल के बाहरी एक तिहाई हिस्‍से में बनती है. कान का वैक्‍स कान की सुरक्षा के लिए महत्‍वपूर्ण होता है. वैक्‍स कानों में जाने वाली डस्‍ट और सूक्ष्‍म जीवों को अपने में फंसाकर अंदर जाने से रोकता है. चबाने जैसी क्रियाओं की सहायता से मोम नियमित रूप से कान से बाहर निकल जाता है या बाहर की ओर निकल आता है जिसे हल्‍के हाथों से साफ किया जा सकता है.

सुनने की क्षमता पर पड़ता है असर
कॉटन ईयर बड से वैक्‍स निकालते समय वैक्‍स कई बार धक्‍के से अंदर की ओर चला जाता है. जो कान के पर्दे तक पहुंच जाता है और सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है.

कान का पर्दा फट सकता है
ईयर बड पर लगी कॉटन काफी सॉफ्ट होती है लेकिन बार-बार ईयर बड का इस्‍तेमाल करने की वजह से कान का पर्दा फटने का डर रहता है. इससे नसों को भी नुकसान पहुंच सकता है जिससे व्‍यक्ति बहरा भी हो सकता है.

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फंगल इंफेक्‍शन का डर
कॉटन की ईयर बड कई बार कान के अंदर कॉटन से निकलने वाले रेशे छोड़ देती है. ये रेशे इकट्ठे होकर कान में फंगस पैदा कर सकते हैं जिससे फंगस इंफेक्‍शन होने की आशंका अधिक होती है. कान में फंगस इंफेक्‍शन होने पर कान में दर्द, पानी आना या पस पड़ सकता है.

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कैसे करें कान की सफाई
– वैक्‍स साफ करने के लिए क्‍यू-टिप्‍स और सॉफ्ट कॉटन के कपड़े से बाहर निकल रही वैक्‍स को साफ किया जा सकता है.
– बच्‍चों की वैक्‍स अपने आप ही बाहर आ जाती है इसलिए बच्‍चों के कान में भूलकर भी कभी ईयरबड का प्रयोग न करें.
– कान की सफाई का अपना नेचुरल तरीका होता है इसलिए कान में ईयरबड, मा‍चिस की तीली या कोई भी पैनी वस्‍तु न डालें.
– वैक्‍स निकालने के लिए डॉक्‍टर से सलाह कर वैक्‍स रिमूवल सॉल्‍यूशन का प्रयोग कर सकते हैं इससे वैक्‍स ढीला होकर अपने आप ही बाहर आ जाता है.

Tags: Health, Infection, Lifestyle

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