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क्‍या कोरोना के नए वेरिएंट्स पर कारगर है कोरोना वैक्‍सीन? जानें

नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या अभी रोजाना करीब 2 हजार के आसपास बनी हुई है. वहीं एक्टिव केसेज (Corona Active Cases) भी फिलहाल 20 हजार से कम हैं. हालांकि कोरोना के नए-नए वेरिएंट्स के सामने आने के बाद इसके संक्रमण का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. विश्‍व के कई देशों में कोरोना के नए-नए वेरिएंट्स (Corona New Variants) सामने आने के बाद एक सवाल यह भी उठ रहा है कि कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) की दोनों या बूस्‍टर सहित तीनों डोज लगवाने वाले लोग क्‍या कोरोना के इन नए वेरिएंट्स से सुरक्षित हैं.

हाल ही में 25 अक्‍टूबर 2022 को द लैंसेट इन्‍फेक्शियस डिजीज में प्रकाशित विश्‍लेषण में बताया गया कि कोरोना के ओमिक्रोन (Omicron) के सब वेरिएंट बीए.1 और बीए.2 के मुकाबले दिसंबर 2021 में दक्षिण अफ्रीका में सामने आए ओमिक्रोन के नए वेरिएंट बीए.4 और बीए.5 पर कोरोना की वैक्‍सीन (Corona Vaccine) कम असरदार हैं. जबकि देखा जाए तो ये ही दो वेरिएंट हैं जो न केवल अमेरिका बल्कि वैश्विक स्‍तर पर फिलहाल कोरोना के मामले बढ़ाने के लिए जिम्‍मेदार हैं.

ध्‍यान देने वाली बात है कि ओमिक्रोन के बीए.4 और बीए.5 वेरिएंट के अलावा भी कुछ नए वेरिएंट्स सामने आ चुके हैं. इनमें एक्‍सई, रीकॉम्बिनेंट वेरिएंट एक्‍सबीबी, बीक्‍यू.1 बीएफ.7 आदि भी आ चुके हैं जो न केवल दुनिया में तेजी से फैल रहे हैं बल्कि इनके संक्रमित करने की रफ्तार भी काफी ज्‍यादा है. विदेशों में ही नहीं बल्कि भारत के भी कई राज्‍यों में इन वेरिएंट्स के केस आ चुके हैं.

वहीं कोरोना वैक्‍सीन के असर को लेकर नेशनल टक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्‍यूनाइजेशन (NTAGI) के चेयरमैन और कोविड टास्‍क फोर्स (Covid Task Force) के पूर्व प्रमुख डॉ. एन के अरोड़ा ने न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शेयर किए गए डेटा के अनुसारअ इन नए वेरिएंट्स पर मौजूद वैक्सीन बहुत ज्‍यादा असरदार नहीं हैं.

डॉ. अरोड़ा कहते हैं, यहां तक कि जिन वैक्सीन्स में ओमिक्रोन भी डाला गया है वे भी इसके सब वेरिएंट्स के खिलाफ प्रचुरता से कारगर नहीं पाई गई हैं. हालांकि जो अच्‍छी बात है वह यह है कि ओमिक्रोन के ये नए वेरिएंट संक्रामक जरूर हैं लेकिन घातक नहीं हैं. इनमें अभी तक मरीजों के लिए हॉस्‍पिटलाइजेशन या आईसीयू और वेंटिलेटर की जरूरत नहीं महसूस की गई. इन वेरिएंट्स से संक्रमित व्‍यक्ति घर पर ही ठीक भी हो रहा है.

एनटीएजीआई प्रमुख कहते हैं लेकिन चूंकि कोरोना हमारे आसपास मौजूद है. कोई भी वैक्‍सीन कोरोना की घातकता या गंभीरता को तो कम करती है लेकिन इसके संक्रमण को नहीं रोकती. ऐसे में सबसे ज्‍यादा जरूरी यही है कि इसके संक्रमण की चेन को बीच में रोक दिया जाए. कोरोना से संक्रमित होने से बचा जाए. लिहाजा इस समय में सर्विलांस और मास्क सबसे ज्‍यादा जरूरी है. लोगों को मास्‍क पहनकर ही रहना चाहिए.

Tags: Corona Virus

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