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क्या है शिशुओं में होने वाला लैरींगोमलेशिया रोग? जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

हाइलाइट्स

लैरींगोमलेशिया 4-8 माह के शिशुओं को ज्यादा प्रभावित करती है. लैरींगोमलेशिया न्यूरोलॉजिकल और फिजियोलॉजिकल फैक्टर्स के कारण होती है. लैरींगोमलेशिया शिशुओं में अक्सर गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स के कारण होता है.

Laryngomalacia in Newborn : लैरींगोमलेशिया नवजात शिशुओं में होने वाली एक आम बिमारी है, बच्चे में जन्म से ही इस रोग के लक्षण मौजूद रहते हैं लेकिन, कुछ समय बाद ये नजर आने लगते है. अक्सर इस बिमारी का पता तब चलता है जब आपका बच्चा पीठ के बल लेटा होता है. हालांकि अभी तक इस बिमारी का कोई स्पष्ट कारण नही है, लेकिन कुछ मामलों में लैरींगोमलेशिया के लक्षण जन्म के तुरंत बाद ही सामने आने लगते हैं, जैसे सांस लेते समय गले से अजीब आवाज आना जो कुछ समय में खुद ठीक हो सकता है.

इसके 90 प्रतिशत मामले खुद ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन कुछ बच्चो को दवा और सर्जरी की आवश्यकता होती है. अगर इसके लक्षण बढ़ रहे हो जैसे की सांस लेने में परेशानी, दूध पीने में समस्या, एपनिया और सायनोसिस महसूस हो रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. लैरींगोमलेशिया अक्सर शिशुओं में गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स के कारण होता है और ये बच्चों की मसल्स को भी कमजोर करता है. आइए इसके बारे में जानते हैं,

लैरींगोमलेशिया के लक्षण :
किड्स हेल्थ डॉट ओआरजी के अनुसार लैरींगोमलेशिया के लक्षण जन्म के तुरंत बाद ही शिशु के अंदर देखने को मिल जाते, शुरुआती दिनों में इस बात का बहुत ध्यान रखना चाहिए की ये अधिक रूप से बच्चों को प्रभावित न करे. ये आमतौर पर 4 से 8 महीने के बच्चों को ज्यादा प्रभावित करता है. शिशुओं में आमतौर पर जोर से सांस लेना, घरघराहट होना, वजन का बढ़ना और एपनिया जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

लैरींगोमलेशिया के कारण :
लैरींगोमलेशिया होने का कोई खास कारण अभी स्पष्ट नहीं है, इसमें कुछ न्यूरोलॉजिकल या फिजियोलॉजिकल फैक्टर्स प्रमुख रूप से शामिल होते हैं. अक्सर ये तब ज्यादा प्रभावित करता है जब शिशु
की बॉडी रिलैक्स होती है, ये अधिकतर सोते समय परेशानी खड़ी कर सकता है.

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लैरींगोमलेशिया से बचाव :
लैरींगोमलेशिया कई बार आपने आप ही ठीक हो जाता है. लैरींगोमलेशिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आमतौर पर अपने बच्चे की नियमित जांच करवाते रहना चाहिए.

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Tags: Health, Lifestyle

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