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गजब का फेस मास्क, 10 मिनट में बता देगा सामने कोरोना वायरस है या नहीं

हाइलाइट्स

शोधकर्ताओं ने छोटे से सेंसर को बनाने के लिए अप्टामर्स का इस्तेमाल किया है फेस मास्क पहनने से बीमारी फैलने का जोखिम कम हो सकता है

Face Mask Identify Virus Within 10 Minutes: कोरोना महामारी को आए हुए अब तीन साल से भी ज्यादा समय हो रहा हैं लेकिन अब तक यह बीमारी खतम होने का नाम नहीं ले रही. किसी को नहीं पता कि यह बीमारी कब जाएगी. जैसे ही संक्रमण के मामलों में कमी आने लगती है कि अचानक फिर से ये तेजी पकड़ लेते हैं. ऐसे में अब भी हमारे लिए कोरोना का खतरा बरकरार है. कोरोना से बचने के लिए अब शोधकर्ताओं ने एक गजब का फेस मास्क बनाया है. यह फेस मास्क सांसों में घुसने वाले इंफ्लूएंजा, कोविड-19 के वायरस की पहचान कुछ ही समय में करने में सक्षम है. मिंट में छपी खबर के मुताबिक अति संवेदनशील यह मास्क 10 मिनट के अंदर आपके मोबाइल पर अलर्ट भेजेगा कि आप जहां हैं वहां कोरोना वायरस है. यानी जब आप फेस मास्क लगाकर बाहर निकलेंगे तो मास्क हवा में वायरस के ड्रॉपलेट को डिटेक्ट करेगा. उसके बाद यह आपके मोबाइल पर अलर्ट भेजेगा कि यहां वायरस है, इसलिए सतर्क हो जाए.

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बंद कमरे में भी अच्छा काम करेगा
अगर कोई संक्रमित व्यक्ति कुछ बोलता है या खांसता है या छींकता है तो उसकी सांसों से श्वसन बैक्टीरिया जो कोविड-19 और एच1 एन 1 इन्फ्लूएंजा का कारण बनते हैं, के ड्रॉपलेट या एरोसोल हवा में घुल जाते हैं. इन एरोसोल या ड्रॉपलेट में वायरस युक्त अणु लंबे समय तक आस-पास के वातावरण में मौजूद रहते हैं. शंघाई टोंगजी यूनिवर्सिटी में मैटेरियल साइंस के प्रोफेसर यिन फेंग ने कहा कि पिछली रिसर्च में पता चला था कि फेस मास्क पहनने से बीमारी फैलने का जोखिम कम हो सकता है. इसलिए, हम एक ऐसा मास्क बनाना चाहते थे जो हवा में वायरस की उपस्थिति का पता लगा सके और पहनने वाले को सचेत कर सके. उन्होंने कहा कि वास्तव में हमारा मास्क बेहतर काम कर सकता है. यह वहां भी काम करेगा जहां बहुत कम वेंटीलेशन है. एलीवेटर और बंद कमरे जैसी जगहों में वायरस के होने का जोखिम ज्यादा रहता है. यह मास्क वहां भी वायरस को डिटेक्ट कर लेगा.

सेंसर मोबाइल में सिग्नल भेजता
इस मास्क में छोटा सा सेंसर लगा है जो वायरस के डिटेक्ट करते ही मोबाइल में सिग्नल भेज सकता है. शोधकर्ताओं की टीम का अगला लक्ष्य इस मास्क में पोलीमर और ट्रांजिस्टर के डिजाइन और संवेदनशील बनाने का है ताकि वायरस का पता लगाने में और कम समय लगे. इसके अलावा वे कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए पहनने योग्य चिकित्सा उपकरण विकसित कर रहे हैं. शोधकर्ताओं ने छोटे से सेंसर को बनाने के लिए अप्टामर्स का इस्तेमाल किया जो एक प्रकार का सिंथेटिक मॉल्यूक्यूल है. यह वायरस में मौजूद प्रोटीन को पहचानने में सक्षम है.

Tags: COVID 19, Health, Lifestyle, Omicron

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