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गलत तरीके से फास्टिंग करना नुकसानदायक, आयुर्वेद से जानें इसका सही तरीका

हाइलाइट्स

व्रत रखने से शरीर अच्छी तरह डिटॉक्स हो जाता है.व्रत के दौरान जब भूख लगे तभी कुछ खाना चाहिए.

Tips To Follow During Vrat: फास्टिंग के दौरान जब व्यक्ति कुछ भी नहीं खाता तो बॉडी से एनर्जी गायब होने लगती है. आयुर्वेद में व्रत के दौरान शरीर की खास देखभाल करने की सलाह दी जाती है. व्रत रखने से शरीर डिटॉक्स होता है. ऐसे में शरीर कमजोर ना हो इस बात का ख्याल रखने की सलाह भी दी जाती है. व्रत के दौरान जब डाइट में बदलाव होता है, तो नींद और आलस आना आम बात है. हालांकि इंसान का शरीर इस बात का सक्षम होता है कि, वो नेचुरली तौर पर अपना रख-रखाव खुद कर लेता है. लेकिन आयुर्वेद के मुताबिक ठीक ढंग से व्रत का पालन करना भी आना जरूरी है.

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आयुर्वेद में बताए गए हैं व्रत रखने के फायदे
श्री श्री तत्त्व पंचाकर्म डॉट कॉम के मुताबिक आयुर्वेद में व्रत को हेल्थ के लिए फायदेमंद माना गया है. फास्टिंग से लोगों का डाइजेशन सही रहता है. शरीर के साथ मन साफ़ और शांत रहता है. शरीर से टॉक्सिक एलीमेंट्स बाहर निकल जाते हैं. दिमागी काम करने की क्षमता बढ़ती है. स्किन में ग्लो बढ़ता है और बालों के लिए भी फायदेमंद है. इम्यूनिटी भी दुरुस्त रहती है.

व्रत के दौरान अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स
-व्रत के दौरान जब भी भूख लगे तभी खाएं.
– नींबू, अदरक, इलायची, पुदीना, सौंफ जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए.
– समय-समय पर गरम पानी का सेवन करें, ताकि शरीर में हाइड्रेशन बरकरार रहे.
– व्रत के आखिर में जूस या फिर हल्का खाना ही डाइट में शामिल करें.

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Tags: Health, Lifestyle

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