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ज्यादा कैल्शियम सप्लीमेंट लेन से हार्ट की बीमारी का खतरा, जानिए इसकी सही खुराक

हाइलाइट्स

कैल्शियम के लिए दवा लेने वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने के आसार 86 फीसदी ज्यादा हैहड्डियों और दांतों का 90 प्रतिशत हिस्सा कैल्शियम से ही बनता है

Calcium supplements:कोरोना काल में अधिकांश लोग खुद से दवाओं का सेवन करने लगे हैं. ऐसे में इन दिनों लोग बिना डॉक्टरों की सलाह से कैल्शियम सप्लीमेंट का सेवन करने लगे. हालांकि इसमें कोई शक नहीं कि कैल्शियम शरीर में सबसे जरूरी पोषक तत्वों में से एक है. शरीर में पाए जाने वाले मिनिरल्स में से सबसे ज्यादा कैल्शियम ही पाया जाता है. यह हड्डियों और दांतों के लिए आवश्यक पोषक तत्व है. हमारे शरीर की हड्डियों और दांतों का 90 प्रतिशत हिस्सा कैल्शियम से ही बनता है. कैल्शियम का शारीरिक गतिविधियों में बहुत इस्तेमाल होता है. यह मसल्स गतिविधियों और दिल को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है. इसके अलावा कैल्शियम दिमाग और शरीर के अन्य हिस्सों के बीच हेल्दी संपर्क के लिए भी जरूरी है. शरीर में कैल्शियम की पूर्ति भोजन से प्राप्त हो जाती है लेकिन अगर कैल्शियम सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया जाए तो इसका उल्टा असर भी हो सकता है. मायो क्लिनिक के मुताबिक कैल्शियम सप्लीमेंट लेते समय सावधानियां बरतने की जरूरत है.

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कैल्शियम की सही मात्रा
दरअसल, 9 से 50 साल के व्यक्तियों को रोजना 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है. अगर शरीर में कैल्शियम की कमी होती है तो इसकी जांच आवश्यक है. कैल्शियम की जांच से यह पता लगाया जाता है कि खून में कैल्शियम की कितनी मात्रा है. एक सामान्य वयस्क व्यक्ति में प्रति डेसीलीटर खून में 8.5 से 10.5 मिलीग्राम कैल्शियम की मात्रा होनी चाहिए. दूसरी जांच है आयोनाइज्ड कैल्शियम की. एक स्वस्थ्य वयस्क में प्रति डेसीलीटर खून में 4.65 से 5.2 मिलीग्राम आयोनाइज्ड कैल्शियम की मात्रा होनी चाहिए.

कैसे समझे कि कैल्शियम की कमी है
अगर शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, तो कंफ्यूजन, मेमोरी लॉस, मांसपेशियों में ऐंठन, हाथ-पैर या चेहरे में कभी-कभी सुन्नापन या झुनझुनी, अवसाद, मतिभ्रम, मसल्स क्रेंप, नाखूनों का कमजोर होना या निकल जाना, आसानी से हड्डी फ्रेक्चर हो जाना जैसे लक्षण दिखाई देने लगते है.

क्या है खतरा
मायो क्लीनिक वेबसाइट के मुताबिक कैल्शियम सप्लीमेंट की जरूरत सबको नहीं होती है. कुछ रिसर्च में यह पाया गया कि कैल्शियम सप्लीमेंट को लेने से हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ सकता है. बीबीसी की एक खबर के मुताबिक हार्ट नाम की पत्रिका में निकले शोध में कहा है कि कैल्शियम सप्लीमेंट सावधानी से लेना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बजाए संतुलित डाइट लेना बेहतर तरीका होगा. अध्ययन के दौरान पाया गया कि कैल्शियम के लिए दवा लेने वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने के आसार 86 फीसदी ज्यादा है. मायो क्लीनिक के मुताबिक कैल्शियम सप्लीमेंट के साइड इफेक्ट के रूप में गैस, कब्ज और पेट फूलने की समस्या हो सकती है.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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