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ठोस खाना बच्‍चे की नींद में करता है इजाफा, जानें कितना और कब से शुरू करें आहार

हाइलाइट्स

बच्‍चे की अच्‍छी नींद का कनेक्‍शन उसकी डाइट से होता है. छह महीने बाद बच्‍चे को ठोस आहार दिया जा सकता है.बच्‍चे की उम्र और भूख के अनुसार होनी चाहिए उसकी डाइट.

Solid Food Increases Baby’s Sleep – रात में जब बच्‍चा सोते हुए बार-बार उठने लगे तो समझिए वह भूखा है या उसे पर्याप्‍त आहार नहीं मिला है. कई पेरेंट्स इस बात से परेशान रहते हैं कि उनका बच्‍चा कम सोता है या बार-बार उठ जाता है. कई शोध में भी यह बात सामने आई है कि बच्‍चे की अच्छी और गहरी नींद का कनेक्‍शन उसके खाने से होता है. जो बच्‍चे केवल ब्रेस्‍टफीड करते हैं उन्‍हें बार-बार भूख लगती है जिस वजह से वह सही ढंग से सो नहीं पाते. बच्‍चे को यदि जल्‍दी ठोस आहार देना शुरू किया जाए तो उसकी नींद में भी सुधार हो सकता है. जब बच्‍चे की नींद पूरी नहीं होती तो उसके व्‍यवहार में बदलाव आने लगता है. वह चिड़चिड़ापन, जिद्द और अधिक गुस्‍सा दिखाने लगते हैं. चलिए जानते हैं बच्‍चे की अच्‍छी नींद के लिए कब से और कितना आहार देना चाहिए.

कब से शुरू करें ठोस आहार
हेल्‍थलाइन के अनुसार बच्‍चे की गहरी नींद का कनेक्‍शन उसकी डाइट से होता है. हर बच्‍चे की भूख और नींद का पैटर्न अलग-अलग होता है. ज्‍यादातर पेरेंट्स बच्‍चे की भूख को देखते हुए चार महीने में ही उसे फल और सब्जियों की प्‍यूरी देना शुरू कर देते हैं. बच्‍चे का एपेटाइट काफी वीक होता है इसलिए 6 महीने के बाद ही बच्‍चे को ठोस आहार देना शुरू करना चाहिए. 6 महीने के बच्‍चे का पेट सिर्फ ब्रेस्‍ट मिल्‍क से नहीं भरता इसलिए बच्‍चे की खुराक के अनुसार आहार देना शुरू किया जा सकता है.

छह महीने से करें शुरुआत
छह महीने के बढ़ते बच्‍चे को पोषक तत्‍वों की अधिक आवश्‍यकता होती है जिसमें आयरन, कैल्शियम और फैट हों. इस उम्र में बच्‍चे की पाचन और इम्‍युनिटी डेवलप हो रही होती है इसलिए उसके आहार में फल, सब्जियों और दालों को शामिल किया जा सकता है. छह महीने के बच्‍चे को गाजर, आलू, कद्दू, गोभी, सेब, केला, पपीता से बनी प्‍यूरी देना बेहतर होगा. बच्‍चे को छोटी कटोरी दाल और चावल भी दिया जा सकता है लेकिन वह भी बारीक पिसा हुआ होना चाहिए.

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सात से नौ महीने में जरूरी हैं स्‍टार्च
सात से नौ महीने के बच्‍चे की डाइट में थोड़ा परिवर्तन आने लगता है. उसकी भूख बढ़ने लगती और बच्‍चे की एक्टिविटी में भी बदलाव आने लगता है. सात से नौ महीने में बच्‍चे को पोषक तत्‍वों के साथ स्‍टार्च की भी जरूरत पड़ने लगती है. बच्‍चे को रागी, जई, चावल, दलिया, आलू, सूजी, साबूदाना, ब्रेड और चावल जैसे स्‍टार्च दिए जा सकते हैं. ये बच्‍चे को ग्रोथ करने में मदद करते हैं.

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10 महीने में दे सकते हैं नमक
जैसे-जैसे बच्‍चा बढ़ता है उसका डाइजेस्टिव सिस्‍टम भी मजबूत होने लगता है. वह जो आहार लेता है उसे सही ढंग से पचाने लगता है. 10 से 12 महीने में बच्‍चे की भूख में काफी अंतर आ जाता है. वह पसंद की चीजों की डिमांड भी करना सीख जाता है. 10 महीने के बच्‍चे को नमक, शक्‍कर और शहद दिए जा सकते हैं. साथ ही इस उम्र में बच्‍चे को उबला अंडा और डेयरी प्रोडक्‍ट भी दे सकते हैं लेकिन कम मात्रा में.

Tags: Health, Lifestyle, Parenting

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