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दुनियाभर में छोटी बच्चियों के लिए ये 3 चुनौतियां हैं डरावनी, बच्चियों को लेकर रहें अलर्ट

हाइलाइट्स

गर्ल चाइल्‍उ ट्रैफिकिंग अंतरराष्‍ट्रीय समस्‍या बनी हुई है. बाल विवाह लड़कियों के पूरे जीवन को काफी प्रभावित करता है.

Big Issues Facing Girls in the Developing World: दुनियाभर में लाखों की तादात में ऐसी बच्चियां और महिलाएं हैं जो अपने बेसिक अधिकारों से भी बेदखल कर दी जाती हैं और उनके साथ हर तरह से भेदभाव किया जा रहा है. वे अपने परिवार व समाज से उपेक्षा की शिकार हो जाती हैं जिससे सबसे अधिक प्रभावित छोटी बच्चियां होती हैं जो अभी बचपन से बाहर भी नहीं निकली हैं. उन्‍हें नन्‍हीं सी उम्र में ही कठिन चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है. मुश्किल समस्‍या इसलिए भी है क्‍योंकि इस विकसित होती दुनिया में उनके सबसे करीबी लोग ही उसे बहला फुसलाकर ऐसे जघन्‍य अपनाध का  शिकार बनाते हैं या इस गहरी खाई में झोंकने का काम करते हैं. कॉम्‍पैशन में छपे आर्टिकल के मुताबिक जानते हैं कि विकसित होती आज की दुनिया में भी छोटी लड़कियों के लिए सबसे बड़ी 3 चुनौतियां कौन सी हैं जिससे हमें एक परिवार, समाज और नागरिक होने के नाते उन्‍हें हर संभव बचाने की जरूरत है.

दुनियाभर की लड़कियों के लिए सबसे बड़ी 3 चुनौतियां

गर्ल चाइल्‍ड ट्रैफिकिंग
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार, चाइल्‍ड ट्रैफिकिंग यानी बाल तस्करी तब होती है जब बच्चों को उनके सुरक्षात्मक वातावरण से बाहर निकाल दिया जाता है और शोषण के उद्देश्य से उनका शिकार किया जाता है. पूरी दुनिया में मानव तस्करी सबसे तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अपराधों में से एक बन गया है. इसमें अपराधी छोटी बच्चियों को उनके घरों और उनके परिवार से दूर बहला फुसलाकर ले जाते हैं और उन्‍हें ऐसे काम में लगाते  हैं जो उनके लिए शारीरिक रूप से हानिकारक होता ही है, भावनात्मक रूप से भी विनाशकारी होता है. मसलन, श्रम शोषण, यौन शोषण, जबरन शादी या गोद लेना, आपराधिक गतिविधियां आदि.

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बाल विवाह

गर्लनॉटब्राइड के मुताबिक, हर 3 सेकेंड में 1 लड़की बाल विवाह की शिकार हो रही है. 18 वर्ष की आयु से पहले विवाह को बाल विवाह माना जाता है जिससे लड़कियां ही नहीं, लड़कों को भी गुजरना पड़ना है. लेकिन लड़कियां इससे अधिक प्रभावित होती हैं. दुनिया भर में, आज 70 करोड़ से अधिक महिलाओं की शादी उनके 18वें जन्मदिन से पहले कर दी गई. हालांकि इस पर काफी संस्‍थाएं काम कर रही हैं और लोगों में बाल विवाह के प्रति जागुरकता फैला रही है, लेकिन इसके बावजूद यह प्रथा अभी तक समाप्‍त नहीं हुई है. साउथ अफ्रिका, सहारा और एशिया के देशों में यह अभी भी पूरी तरह समाप्‍त नहीं हुई है.

महिला जननांग विकृति
यह एक नॉन मेडिकल कल्‍चर और सामाजिक प्रथा है जिसमें लड़कियों के जननांग अंगों को हटाने की परंपरा है. महिला जननांग विकृति (Female Genital Mutilation)15 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों पर किया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, आज जीवित 200 मिलियन से अधिक लड़कियों और महिलाओं ने अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया के 30 देशों में FGM का अनुभव किया है जहां यह एक प्रचलित प्रथा रही है और आज भी की जा रही है. यह शारीरिक और मानसिक रूप से लड़कियों और महिलाओं के लिए काफी विनाशकारी होती है. यह एक कष्टदायी तरीका है जिसमें रक्तस्राव, संक्रमण, मूत्र प्रतिधारण और खुले घाव होने की संभावना काफी अधिक होती है. एफजीएम से बचे लोगों को बार-बार पेशाब आना, मूत्र पथ के संक्रमण, अल्सर, बांझपन, बच्चे के जन्म में जटिलता और नवजात मृत्यु की संभावना भी बहुत अधिक हो सकती है. इस प्रथा की वजह से हर साल हजारों बच्चों के जीवन का दावा करता है.

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Tags: Lifestyle, Women

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