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धुंधला दिखाई देना हो सकता है किसी बड़ी बीमारी का संकेत, जानें क्या है कारण

हाइलाइट्स

बहुत अधिक स्क्रीन टाइम से हो सकता है आई स्ट्रेन. स्ट्रोक की वजह से भी दिखाई पड़ता है धुंधला.ब्लर विजन हो सकता है ग्लूकोमा का संकेत.

What Is The Reason Of Blue Vision – धुंधला दिखाई देना इन दिनों बहुत कॉमन प्रॉब्लम है. आंख की कॉर्निया, रेटीना या ऑप्टिक नर्व में परेशानी होने पर अचानक ब्लर विजन की समस्या हो सकती है. किसी लंबी बीमारी के कारण भी धीरे-धीरे ब्लर विजन की प्रॉब्लम हो सकती है. लेकिन अचानक विजन का ब्लर्ड होना किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है. अचानक ब्लरी विजन होने के कुछ कारण मेडिकल इमरजेंसी भी हो सकती हैं जिनका जल्द से जल्द इलाज कराना जरूरी होता है. ऐसा न करने पर आंखों को बड़ा नुकसान और यहां तक कि विजन लॉस की गंभीर समस्या भी हो सकती है. भरपूर रोशनी और अंधेरे में धुंधला दिखाई पड़ने की समस्या को अनदेखा नहीं करना चाहिए. माइग्रेन, स्ट्रोक जैसी बड़ी प्रॉब्लम की वजह से भी कई बार धुंधला नजर आने लगता है. कई बार ब्रेन ट्यूमर होने पर भी धुंधला दिखाई देने लगता है.

डिटैच्ड रेटीना
हेल्थलाइन के मुताबिक जब रेटीना आंसू बनाना बंद कर देता है और नर्व में ब्लड की सप्लाई बाधित होने लगती है तब डिटैच्ड रेटीना की समस्या होती है. नेशनल आई इंस्टीट्यूट के मुताबिक ये समस्या उम्र बढ़ने या चोट लगने पर होती है. लेकिन कई बार डायबिटीज होने पर भी ये समस्या हो सकती है.

स्ट्रोक
जब स्ट्रोक आता है तब धुंधला दिखना या दोनों आंखों से दिखाई न देने की समस्या हो सकती है. स्ट्रोक से ब्रेन के उस हिस्से पर असर पड़ता है जो विजन को कंट्रोल करता है. स्ट्रोक की वजह से ब्लरी विजन या एक आंख की रोशनी जाने जैसी समस्या हो सकती है.

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ग्लूकोमा
जब आंख में ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक हो जाता है तब ग्लूकोमा की समस्या होती है. इस स्थिति में आंख के भीतर प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है जिसकी वजह से आंख में रेडनेस, दर्द और मितली जैसी समस्या हो सकती है. ये एक मेडिकल इमर्जेंसी है, जिसका तुरंत उपचार जरूरी है.

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आई स्ट्रेन
आई स्ट्रेन तब होता है जब किसी चीज को बहुत लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए लगातर देखा जाए या उस पर फोकस किया जाए. कंप्‍यूटर या स्मार्टफोन पर बहुत अधिक समय बिताने वालों के साथ ये समस्या अधिक हो सकती है. इसे डिजिटल आई स्ट्रेन भी कहते हैं. रात में या खराब लाइटिंग कंडीशन में रीडिंग या ड्राइविंग करने से भी आई स्ट्रेन हो सकता है.

Tags: Eyes, Health, Lifestyle

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