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‘नाइट आउल’ को टाइप-2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज का अधिक खतरा, जानिए कैसे

हाइलाइट्स

सोने से 15 मिनट पहले बिस्‍तर पर जाने से आ सकती है अच्‍छी नींद. डा‍यबिटीज का खतरा कम करने के लिए पर्याप्‍त नींद लेना जरूरी.

What Is ‘Night Owl’ – जो लोग रात में देर तक जागते और सुबह देर तक सोना पसंद करते हैं उन्‍हें टाइप-2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी बी‍मारियों का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे लोगों को ‘नाइट आउल’ के नाम से जाना जाता है. जो लोग इस कैटेगरी में आते हैं उनके शरीर आमतौर पर एनर्जी के लिए कार्ब्‍स को जलाने में कम सक्षम होते हैं और अधिक फैट का निर्माण करते हैं. जो लोग जल्‍दी सोते और जल्‍दी जागते हैं वे फिजिकली अधिक एक्टिव होते हैं. नाइट आउल्‍स को कई गंभीर बीमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है. फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने और बैलेंस्‍ड डाइट लेने से डायबिटीज और हार्ट डिजीज को कम किया जा सकता है. चलिए जानते हैं किन बेसिक हेबिट को बदलने से नाइट आउल से अर्ली बर्ड बनने में मदद मिल सकती है.
हालांकि नाइट आउल का एक बॉडी क्‍लॉक होती है जो शाम में मेलाटोनिन का स्‍त्राव करता है जिसके परिणामस्‍वरूप रात में देर से नींद आती है और सुबह शरीर में सुस्‍ती रहती है. हेल्‍थ डॉट कॉम के अनुसार देर तक जागने से शरीर में ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ जाता है. साथ ही शरीर की इम्‍यूनिटी भी कम हो जाती है.

नाइट आउल को होता है अधिक खतरा
नाइट आउल को गंभीर बीमारियों का खतरा अधिक होता है. कई अध्‍ययनों से पता चलता है कि हर व्‍यक्ति की बॉडी क्‍लॉक अलग होती है इसलिए उनका मेटाबॉलिज्‍म भी अलग होता है. स्‍लो मेटाबॉलिज्‍म होने से शरीर में डायबिटीज और हार्ट डिजीज होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है. रात में देर तक जागने से व्‍यक्ति को आराम और एक्‍सरसाइज के दौरान एनर्जी के लिए कम फैट और अधिक कार्बोहाइड्रेट का उपयोग करना पड़ता है जो डायबिटीज को बढ़ावा देता है. कम फिजिकल एक्टिविटी होने से नाइट आउल आसानी से गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं.

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नाइट आउल कैसे बदलें रुटीन
– कई बार ये आदत बच्‍चों को उनके पैरेंट्स से लगती है. इसलिए इसे बदलने के लिए पेरेंट्स को खुद के रुटीन में भी बदलाव करना चाहिए.
– इस आदत से छुटकारा पाने के लिए 15 मिनट पहले बिस्‍तर पर जाएं. इससे सोने का माहौल बनेगा तो जल्‍दी नींद आएगी.
– सोने से पहले हल्‍की फिजिकल एक्टिविटी को रुटीन में शामिल करें. इससे नींद में परिवर्तन आएगा.
– डेली एक्‍सरसाइज में एरोबिक और रनिंग को शामिल करें.

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– हर घंटे बाद 5 मिनट वॉक करें या खाने के बाद कम से कम 10-15 मिनट तेज चलने का प्रयास करें.
– अच्‍छी नींद के लिए शाम में अधिक तनाव न लें.
– रात के खाने में अधिक शुगर और कैफीन का प्रयोग न करें.
– फोन और टैबलेट जैसे इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स को बेडरूम से बाहर छोड़ें.

Tags: Better sleep, Health, Lifestyle

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