in

नेगेटिव विचारों को शांत करने के लिए अपनाएं ये तरीके, जिंदगी में आएंगे बड़े बदलाव

हाइलाइट्स

अपने थॉट प्रोसेस को सकारात्मक तरीके से बदलने की कोशिश करें.किसी भी काम को करने के लिए उसके प्रति नजरिया सकारात्मक रखें.

How to deal Negative Thoughts: कोई भी व्यक्ति जब नेगेटिव सोच रहा होता है तब वो अपने साथ सबसे ज्यादा बुरा कर रहा होता है. नेगेटिव थिंकिंग स्लो पॉइजन की तरह काम करती है जो आपको धीरे धीरे खत्म करती है. अगर इससे छुटकारा पाने के तरीकों की बात करें तो यह बेहद मुश्किल है. अपने थॉट प्रोसेस का इलाज करना इतना आसान नहीं है और कई बार तो आपको अंदाजा भी नहीं रहता है और आप नेगेटिव थॉट प्रोसेस में फंस चुके होते हैं. अधिकतर मामलों में स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि उसका दवा से इलाज मुमकिन ही नहीं रह जाता है. इसके बाद एक ही रास्ता बचता है खुद से खुद का इलाज करना. इस स्टेज पर पंहुचने से पहले अपने नेगेटिव विचारों को नेचुरल तरीके से कैसे शांत करें? इस बारे में जरूरी बातें जान लीजिए.

इन तरीकों से करें नेगेटिव विचारों को शांत

मेंटल शिफ्ट करना : हेल्थलाइन के अनुसार आप जिस तरीके से लगातार सोचते हैं उसके विपरीत सोचने की कोशिश करना यानी अपने सोचने का तरीका बदलना. सोचने का एक पैटर्न जो लगातार बनता आ रहा है उसको बदल देना. इस तरह आप मेंटल शिफ्ट की तरफ बढ़ेंगे और नेगेटिव थॉट प्रोसेस से बाहर निकल सकेंगे. मेंटल शिफ्ट करना नेगेटिव थिंकिंग और अतिरिक्त तनाव से उबरने में आपकी मदद करेगा.

नेगेटिव थिंकिंग के पैटर्न को पहचानें : अपने आप को मॉनिटर कर पाना आसान नहीं होता है, लेकिन फिर भी आपको लगातार अपने ऊपर नजर रखनी चाहिए. पहचानने की कोशिश करनी चाहिए कि आपकी थिंकिंग का पैटर्न क्या है. यदि कहीं भी आपको नेगेटिविटी नजर आती है तो फिर उस पैटर्न को समझते हुए उसको तोड़ने की कोशिश करनी चाहिए.

यह भी पढ़ें- जिद और गुस्सा करने वाले बच्चों पर चिल्लाएं नहीं, बस इन 5 बातों पर ध्यान दें

अपना सोशल सर्कल बदलें : कई बार नकारात्मकता आपके अपने आसपास से ही आ रही होती है. आपके सोशल सर्कल में मौजूद लोग आपके भीतर की नकारात्मकता के लिए रिस्पांसिबल हो सकते हैं. अगर आप अपने भीतर नकारात्मकता को पहचान पा रहे हैं तो एक बार अपने सोशल सर्कल को भी देखने की कोशिश करें. अगर उसके लिए जिम्मेदार आपका सोशल सर्कल है तो तुरंत उससे बाहर निकल जाएं.

यह भी पढ़ें- दिन में झपकी लेना प्री-स्कूल के बच्चों के लिए है फायदेमंद- स्टडी

Tags: Health, Lifestyle, Mental health

Source link

EXCLUSIVE: फिल्म ‘जहां चार यार’ ने दी मुझे अपनी ‘कमजोरी’ मानने की ताकत: स्वरा भास्कर

KBC 14, Sep 12: आज के एपिसोड में पूछे गए कुल 19 प्रश्न, देखिए आप कितने सवालों के जानते हैं जवाब