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पुरुष भूलकर भी न खाएं ये चीज, कई गुना बढ़ जाता है कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क

हाइलाइट्स

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ आंतों के माइक्रोबायोटा को प्रतिकूल रूप से बदल देते हैं.रेडी टू ईट फूड पुरुषों में कोलोरेक्‍टल कैंसर की संभावना को अधिक बढ़ा सकते हैं.

Ultra Processed Foods Linked To Colorectal Cancer In Males: हमारे भोजन का गलत चुनाव कोलोरेक्टल कैंसर होने के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं. दुनियाभर में कैंसर से मरने वालों में दूसरी सबसे बड़ी वजह कोलोरेक्‍टल कैंसर ही है जिसकी चपेट में हम  खाने में असावधानी की वजह से आते हैं. क्‍लीनिकल ट्रायल सेरेना में ग्‍लोबल डेटा हेल्‍थ की छपी खबर में बताया गया है कि  वर्तमान में अमेरिका में यह तीसरा सबसे अधिक डायगनोस होने वाला कैंसर है जबकि दुनिया भर में कैंसर से मृत्यु का यह दूसरा प्रमुख कारण है.

इसकी सबसे बड़ी वजह  पिछले कुछ दशकों में रेडी-टू-हीट फॉर्मूलेशन वाले फूड जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ का अधिक सेवन बताया जा रहा है. शोधों में पाया गया है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोलोरेक्टल कैंसर के विकास के लिए अधिक जोखिम का काम करता है.

क्‍या है कारण
दरअसल, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ आंतों के माइक्रोबायोटा को प्रतिकूल रूप से बदल देते हैं और इंसान में मोटापा बढ़ने का खतरा बढ़ा देते हैं जो कोलोरेक्टल कैंसर के सबसे बड़े रिस्‍क की वजह बन जाता है. अल्‍ट्रा प्रोसेस्‍ड फूड हमें खराब पोषण तो देता ही है, यह कोलोरेक्टल कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाली बायोएक्टिव यौगिकों जैसे कैल्शियम, विटामिन डी और फाइबर की कमी भी कर देते हैं.

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पुरुषों में अधिक खतरा
बेस्‍ट लाइफ में प्रकाशित ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के 2022 के शोध के हवाले से बताया गया है कि जो पुरुष अल्‍ट्राप्रोसेस्‍ड फूड अधिक फ्रिक्‍वेंटली खा रहे हैं उनमें 29 प्रतिशत कोलोरेक्टल कैंसर होने का रिस्‍क बढ़ जाता है. ग्‍लोबल डेटा का अनुमान, 2022 के अंत तक पुरुषों में कोलोरेक्टल कैंसर के 75,000 केस और महिलाओं में 65,000 मामलों को डायगनोसिस किये जाने की उम्‍मीद है.

अल्‍ट्रा प्रोसेस्‍ड फूड आखिर क्‍यों है नुकसानदायक
कैंसर महामारी वैज्ञानिक और टफ्ट्स में फ्राइडमैन स्कूल ऑफ न्यूट्रिशन साइंस एंड पॉलिसी में अंतरिम चेयर एमडी, पीएचडी फेंग फेंग झांग के मुताबिक,अल्‍ट्रा प्रोसेस्‍ड फूड आंत में माइक्रोबायोटा को बदल सकते हैं और सूजन का कारण बन सकते हैं. जो धीरे धीरे कैंसर की संभावना को ट्रिगर कर सकते हैं.

पुरुषों को प्रभावित करने वाले खाद्य उत्‍पाद
अध्ययन के प्रमुख लेखक और फ्राइडमैन स्कूल में पोस्टडॉक्टरल फेलो लू वांग ने बताया कि रेडी टू ईट फूड कोलोरेक्‍टल कैंसर का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है. खासतौर पर‍ जिनमें मांस, मुर्गी या मछली  आदि शामिल हैं या  वैसे उत्पाद जिनमें सॉसेज, बेकन, हैम और फिश केक आदि प्रोसेस्ड मीट को शामिल किया गया है वैसे प्रोसेस्‍ड फूड  पुरुषों में कोलोरेक्‍टल कैंसर की संभावना को तेजी से बढ़ा सकते  हैं. इसके अलावा, जिनमें चीनी अधिक हो और फाइबर की कमी हो, वे वजन बढ़ाकर इस कैंसर के रिस्‍क को बढ़ा सकते हैं. शोधों में यह भी पाया गया है कि सोडा, मीठा जूस, चीनी से भरी मीठी मिल्‍क ड्रिंक भी खतरनाक हो सकते हैं. हालांकि जेंडर के हिसाब से इस कैंसर के होने की संभावनाओं पर अभी और रिसर्च की जरूरत है.

Tags: Cancer, Health, Lifestyle

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