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पैरेंट्स के लिए सिंगल चाइल्ड की इन परेशानियों को समझना है ज़रूरी

हाइलाइट्स

घर पर अकेला होने से बच्चे में डिप्रेशन आ सकता है.सिंगल चाइल्स से पेरैंट्स की अपेक्षाएं काफी बढ़ जाती हैं.

Parenting Tips: तेज़ी से बदलती दुनिया में आज कल पैरेंट्स से लेकर बच्चे सभी अपनी-अपनी गति से भाग रहे हैं. बढ़ता काम का प्रेशर और कम्पीट करते हुए आगे बढ़ने की चाहत में फैमिली कहीं पीछे छूटती जा रही है. इसका असर परिवार के हर सदस्य पर बराबर पड़ता नज़र आता है. बढ़ती ज़िम्मेदारियों के बीच सिंगल चाइल्ड का ट्रेंड तेज़ी से बढ़ा है. पैरेंट्स ये मानते हैं कि एक बच्चे की ही ज़िम्मेदारी अच्छी तरह निभ जाए तो बेहतर है. इसके अलावा पैरेंट्स मानते हैं बढ़ती ज़रूरतों और खर्चों बीच एक से अधिक बच्चे की परवरिश मुश्किल हो सकती है.  वीहैवकिड्स के मुताबिक सिंगल चाइल्ड के फायदे होने के अलावा कुछ नुकसान भी है. क्या है वो नुकसान आइए जानते हैं.

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सिंगल चाइल्ड होने के नुकसान

बच्चे को अकेलापन महसूस होता है – बच्चे को अपनी उम्र का कोई ऐसा सदस्य नहीं मिलता है घर पर, जिसके साथ वो अपनी बातें शेयर कर सके और खेले. ऐसे में उसे अकेलापन महसूस होता है.

बच्चा ज़िद्दी बनता है – जब बच्चा अकेला हो और उसकी सारी बातें मान ली जाए, तो मुमकिन है वह ज़िद्दी बनता जाए. यह पैरेंट्स और बच्चे दोनों के लिए बुरा साबित हो सकता है.

पैरेंट्स की उम्मीदें बढ़ती हैं – जब बच्चा अकेला होता है, तब पैरेंट्स की सारी उम्मीदें बच्चे पर टिकती हैं, जो कई बार पैरेंट्स और बच्चे दोनों को निराश करते हैं.

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बच्चा डिप्रेस हो सकता है – बच्चे पर बढ़ता माता-पिता का दबाव उस पर अतिरिक्त बोझ बढ़ाता है, इसकी वजह से बच्चा डिप्रेस हो सकता है.

चुनौतियों के लिए तैयार नहीं हो पाता –  पैरेंट्स का इकलौता बच्चा होने की वजह से पैरेंट्स बच्चे की हर ज़रूरत और मांग पूरी करते हैं, जिसकी वजह से बच्चा चुनौतियों के लिए तैयार नहीं हो पाता है.

आत्मविश्वास में कमी आती है – घर पर अकेला होने की वजह से बच्चा किसी से ज़्यादा बातचीत नहीं करता. पब्लिक प्लेस में वो कॉन्फिडेंस का अभाव महसूस करता है, क्योंकि उसने अपनी उम्र के बच्चे को पास से नहीं देखा होता है.

बच्चे में बांटने की भावना नहीं होती – अकेला होने की वजह से बच्चे को सारी सुविधाएं खुद के लिए मिली होती है, ऐसे में अपनी चीज़ें और खिलौने दूसरों के साथ बांटना उस बच्चे के लिए मुश्किल होता है.

Tags: Lifestyle, Parenting

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