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प्री-मैच्योर एजिंग से न हों परेशान, ऐसे करें इसे मैनेज

हाइलाइट्स

उम्र से पहले होने वाले स्किन में बदलाव को नजरअंदाज न करें.स्किन और बालों के लिए प्रोटीन और मल्‍टीविटामिन का सेवन करें.प्री-मैच्‍योर एजिंग के लक्षणों को कम करने के लिए स्किन को करें मॉइश्‍चराइज.

Premature Ageing: स्किन पर झुर्रियां, सफेद बाल और अन्य शारीरिक परेशानी उम्र बढ़ने के साथ बढ़ने लगती हैं. वैसे ये एक सामान्‍य प्रक्रिया है जो चेहरे और शरीर पर नजर आने लगती हैं. लेकिन कभी-कभी त्वचा से जुड़ी ये समस्या कम उम्र में भी शुरू होने लगती है जिसे मेडिकल टर्म में प्री-मैच्‍योर एजिंग कहते हैं. प्री-मैच्‍योर एजिंग के कारण हो रहे बदलावों को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता लेकिन इसे मैनेज जरूर किया जा सकता है. डेली रूटीन में की गई स्किन केयर रूटीन में सही बदलाव कर प्री-मैच्‍योर एजिंग के लक्षणों को कम किया जा सकता है. चलिए जानते हैं प्री-मैच्‍योर एजिंग से बचने के उपाय-

सनस्‍पॉट्स को करें कम
कम उम्र में ही यदि स्किन पर सनस्‍पॉट्स नजर आने लगे तो यह कमजोर होती स्किन सेल्स की ओर इशारा करती हैं. वहीं दूसरी ओर सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणों का भी त्वचा पर और ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ना तय माना जाता है. इसलिए इन हानिकारक किरणों से खुद को बचाने के लिए प्रतिदिन कम से कम 30 एसपीएफ वाला सनस्‍क्रीन इस्‍तेमाल करें. इसके अलावा बाहर जाने से पहले स्किन को पूरी तरह से कॉटन और हल्के रंग वाले कपड़े से जरूरी ढकें.

ऐसा करने से सनस्‍पॉट को बढ़ने से रोकने, त्वचा को तेज धूप और प्रदूषण से भी बचाने में सहायता मिलेगी. इसके अलावा सनस्‍पॉट को कम करने के लिए एलोवेरा, विटामिन सी और अल्‍फा हाइड्रॉक्‍सी एसिड युक्‍त प्रोडक्‍ट्स का इस्‍तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर समस्या ज्यादा है और घरेलू उपायों से समाधान नहीं मिल पा रहा हो तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.  

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हाइपरपिग्‍मेंटेशन को रोकें
हाइपरपिग्‍मेंटेशन की समस्या भी कई बार प्री-मैच्योर एजिंग हो सकती है. इसलिए ऐसी स्थिति में विटामिन-सी वाले मॉइस्‍चराइजर या ओवर द काउंटर मिलने वाली क्रीम का इस्तेमाल या दवाओं का सेवन करना लाभकारी हो सकता है.     

झुर्रियों को करें कम
कम उम्र में ही यदि चेहरे पर झुर्रियां दिखाई देने लगे तो ये प्री-मैच्‍योर एजिंग का संकेत हो सकता है. झुर्रियों को कम करने के लिए सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल किया जा सकता है. वहीं जो लोग धूम्रपान ज्यादा करते हैं उन्‍हें कम उम्र में झुर्रियां शुरू हो सकती हैं. इसलिए स्मोकिंग ना करें और पानी का सेवन ज्यादा करें. इसके साथ ही स्किन को दो से तीन बार मॉइस्‍चराइज करना ना भूलें. झुर्रियों को दूर करने के लिए ग्रीन टी एक्‍सट्रेक्‍ट, विटामिन-सी, रेटिनोइड्स और एंटी-ऑक्‍सीडेंटयुक्‍त ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट मददगार साबित हो सकते हैं.

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बालों की करें केयर
उम्र के साथ बालों की ग्रोथ पर भी असर पड़ता है. प्री-मैच्‍योर एजिंग की समस्या होने पर बालों की देखभाल खास तरह से करें. इसलिए आप बालों को झड़ने से बचाने के लिए हर्बल शैम्‍पू और कंडीशनर का प्रयोग कर सकते हैं. बालों को हेल्दी रखने के लिए केमिकल्‍स के इस्तेमाल से बचें. 

इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर प्री-मैच्‍योर एजिंग ही नहीं, बल्कि अन्य स्किन प्रोब्लेम से बचने में मदद मिल सकती है.

Tags: Health, Lifestyle, Skin care

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