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प्रेग्नेंसी में इन वजहों से होती है पल्पिटेशन की समस्या, ऐसे मिलेगी राहत

हाइलाइट्स

प्रेग्‍नेंसी में डाइट और मेडिटेशन से हार्टबीट को नॉर्मल कर सकते हैं.हार्ट पल्पिटेशन से महिलाओं को किसी प्रकार का खतरा नहीं होता.

Palpitation Problem In Pregnancy: प्रेग्‍नेंसी के दौरान महिला को कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है. हर महिला की प्रेग्‍नेंसी अलग होती है. किसी को उल्‍टी और चक्‍कर जैसी दिक्‍कतों को सहना पड़ता है तो किसी को ब्‍लड सर्कुलेशन से संबंधित समस्‍या हो जाती है. ऐसी ही एक समस्‍या हार्ट पल्पिटेशन है, जो ब्लड सर्कुलेशन की वजह से हो जाती है. प्रेग्‍नेंसी के दौरान ज्‍यादातर महिलाओं की हार्ट बीट घबराहट और बेचैनी की वजह से बढ़ जाती है, जिस वजह से हार्ट पल्पिटेशन हो सकती है. यह एक सामान्‍य समस्‍या है, जो कुछ ही देर में अपने-आप ठीक हो जाती है. अगर यह समस्‍या बार-बार होती है तो डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाहिए. इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें जान लें..

क्‍या है हार्ट पल्पिटेशन की वजह?
हेल्‍थलाइन के मुताबिक प्रेग्‍नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिसमें से हार्ट पल्पिटेशन एक कॉमन बदलाव है जिसका सामना लगभग हर महिला करती है. इस दौरान ब्‍लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है, जिस वजह से दिल की धड़कन सामान्‍य से 25 प्रतिशत अधिक बढ़ जाती है. ऐसा अधिकतर तीसरे ट्राइमेस्‍टर में होता है जब बच्‍चे के डेवलपमेंट के लिए अधिक ब्‍लड की आवश्‍यकता होती है. बॉडी का 20 प्रतिशत ब्‍लड बच्‍चे की ग्रोथ बढ़ाने का काम करता है और बाकी 80 प्रतिशत ब्‍लड हार्ट को पंप करता है. ऐसे में हार्ट तेजी से काम करता है जिस वजह से हार्ट बीट बढ़ जाती है.

हार्ट पल्पिटेशन का इलाज
प्रेग्‍नेंसी के दौरान हार्ट पल्पिटेशन होना सामान्‍य है ऐसे में डाक्‍टर्स भी किसी प्रकार का ट्रीटमेंट नहीं करते. यदि महिला को सांस लेने में अधिक परेशानी आती है तो हार्ट बीट को नॉर्मल करने की मेडिसिन दी जा सकती है. ऐसी स्थिति में जहां तक हो शांत रहना चाहिए साथ ही मेडिटेशन का सहारा लिया जा सकता है. हार्ट को नॉर्मल करने के लिए ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज भी की जा सकती है. इससे भी हार्ट की स्‍पीड को कम करने में मदद मिल सकती है.

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हार्ट पल्पिटेशन के कारण
– तनाव
– चिंता
– ब्‍लड की मात्रा का बढ़ना
– चाय या कॉफी का अधिक सेवन
– दवाओं के कारण
– हार्ट प्रॉब्‍लम
– थायराइड
– हार्ट को नुकसान
– थकावट
– सूजन
– अधिक एक्‍सरसाइज करना
– स्‍मोकिंग करना
– हार्मोनल चेंजेज

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Tags: Health, Lifestyle, Pregnancy

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