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प्रेम की निशानी माना जाता है चित्तौड़गढ़ का किला, इससे जुड़े हैं कई अनोखे किस्से

हाइलाइट्स

इसका सबसे आकर्षक हिस्सा सफेद रंग का तीन मंजिला रानी पद्मावती का महल है. यह किला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है. यह दुनियाभर में काफी फेमस है.

Travel to Chittorgarh Fort: भारत की जमीन कई ऐतिहासिक इमारतों को संजोए हुए है, जिसमें इमारतें, महल और कई किले भी हैं. भारत के इन्हीं स्मारकों की खूबसूरती की चर्चा दुनियाभर में होती है. इनमें कुछ इमारतें ऐसी भी हैं, जो प्यार की मिसाल पेश करती हैं. देखा जाए तो इतिहास भी सच्चे प्यार की इन कहानियों को इमारतों के रूप में संजोकर रखे हुए है. पहले के समय में सच्चा प्यार करने वालों ने कुछ ऐसी निशानियां बनवाई थीं, जो उनके प्यार को हमेशा जिंदा रख सके. कोई इमारत प्यार से जुड़ी हुई है तो कोई प्यार में हुई कुर्बानी से. ऐसा ही एक किला है जो प्रेम की निशानी माना जाता है, जिसके कई किस्से भी हैं. यह चित्तौड़गढ़ का मशहूर किला है.

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जरूर घूमकर आएं चित्तौड़गढ़ का किला
चित्तौड़गढ़ का किला भारत के सबसे बड़े किलों में से एक है. इस किले को सातवीं शताब्दी में बनवाया गया था. रानी पद्मिनी और राजा रतन रावल सिंह की कभी न भुलाई जा पाने वाली प्रेम कहानी को चित्तौड़गढ़ का किला बयां करता है. रानी पद्मिनी को जीतने के लिए राजा रतन रावल सिंह को काफी परीक्षाएं पास करनी पड़ी थीं. इसके बाद वो रानी को जीतकर चित्तौड़गढ़ के किले में लेकर आये थे. इस किले का सबसे आकर्षक हिस्सा सफेद रंग का तीन मंजिला रानी पद्मावती का महल है. ये महल कुंड के किनारे बसा हुआ है. जिसका नाम कमल कुंड है. इस किले की शिल्पकला और वास्तुकला किसी का भी मन मोह ले. 

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चित्तौड़गढ़ के किले की खासियत
-चित्तौड़गढ़ का किला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है.
-चित्तौड़गढ़ किले पर कई बार हमला किया जा चुका है.
-इस किले के अंदर भी कई महल हैं, जिसमें पद्मिनी महल और राणा कुंभी महल सबसे खूबसूरत है.
-किले के अंदर दो पाषाणीय स्तंभ कीर्ति और विजय के नाम से जाने जाते हैं, जिन्हें बनाने में दस साल का समय लगा था.
-किले के अंदर बने जौहर कुंड में रानी पद्मिनी ने सैंकड़ों रानियों के साथ कूदकर अपनी जान दे दी थी.

यहां घूमने का सही समय
चित्तौड़गढ़ का किला एक ऐसी प्रेम कहानी की मिसाल पेश करता है, जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता. गर्मी की वजह से यहां घूमने के लिए अप्रैल और मई में प्लान न करें. सर्दियों के समय यहां आने का प्लान कर सकते हैं. सितंबर-अक्टूबर का समय भी इस जगह को घूमने के लिए परफेक्ट माना जा सकता है, क्योंकि इस दौरान न ज्यादा गर्मी होती, न ज्यादा सर्दी.

Tags: Lifestyle, Tourist places in rajasthan, Travel

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