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प्रोस्टेट कैंसर की चपेट में तेजी से आ रहे युवा, इन संकेतों की बिल्कुल भी न करें अनदेखी

हाइलाइट्स

प्रोस्‍टेट कैंसर का सही ट्रीटमेंट न होने पर ये किसी भी अंग में फैल सकता है. प्रोस्‍टेट कैंसर रीढ़ की हड्डी को डैमेज कर सकता है. इसे रोकना जरूरी है.

Symptoms Of Prostate Cancer: प्रोस्‍टेट कैंसर से सबसे ज्यादा पुरुष प्रभावित होते हैं. यह पुरुषों के कैंसर के नाम से भी जाना जाता है. पहले ये कैंसर केवल अधिक उम्र के पुरुषों को शिकार बनाता था लेकिन पिछले कुछ सालों में युवाओं में भी इसके लक्षण देखने में मिल रहे हैं. शुरुआत में इसके लक्षणों को पहचान पाना मुश्किल होता है. यही वजह है कि ये कैंसर कई बार लास्‍ट स्‍टेज पर पता चलता है. प्रोस्‍टेट कैंसर खतरनाक है, जिसका सही ट्रीटमेंट न मिलने पर जान चली जाती है. इस कैंसर में पुरुषों को बैठने, चलने और यूरिन करने में परेशानी आती है. प्रोस्‍टेट कैंसर का पता नियमित चेकअप से लगाया जाता है. इसके लिए स्क्रीनिंग का सहारा लिया जा सकता है. प्रोस्‍टेट कैंसर के शुरुआती संकेतों के बारे में जानते हैं.

क्‍या है प्रोस्‍टेट कैंसर?
प्रोस्‍टेट कैंसर प्रोस्‍टेट ग्रंथि में होता है जो केवल पुरुषों में पाई जाती है. हेल्‍थलाइन के अनुसार ये ग्रंथि कुछ लिक्विड सब्‍सटेंस का उत्‍पादन करती है, जो स्‍पर्म बनने में मदद करते हैं. प्रोस्‍टेट कैंसर काफी तेजी से फैलता है. प्रोस्‍टेट पुरुषों में एक गोलाकार ग्रंथि होती है, जो ब्‍लेडर के ठीक नीचे होती है. जब ये ग्रंथि ठीक प्रकार से काम नहीं करती तो कोशिकाएं आपस में चिपक जाती हैं, जो कैंसर का कारण बन सकती हैं. प्रोस्‍टेट कैंसर के लक्षणों को पहचान पाना मुश्किल होता है.

बॉवल कंट्रोल खोना
प्रोस्‍टेट कैंसर शरीर के किसी भी हिस्‍से में फैल सकता है. ये कैंसर प्रोस्‍टेट ग्रंथि के अलावा बॉवल में भी फैल सकता है. कैंसर सबसे पहले मलाशय में फैलता है. यह आंत का वह हिस्‍सा होता है जो प्रोस्‍टेट ग्रंथि के सबसे करीब होता है. इसमें पेट दर्द, कब्‍ज और मल में ब्‍लड जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं.

ब्‍लैडर में परेशानी
बड़े आकार का प्रोस्‍टेट ट्यूमर ब्‍लैडर और यूरिनरी पर दबाव डाल सकता है. ट्यूमर जब यूरिनरी ग्‍लेंड पर दबाव डालता है तो यूरिन करने में परेशानी आ सकती है. इस वजह से अधिक यूरिन आना, यूरिन में ब्‍लड और यूरिन न कर पाना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

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पैर में सूजन या कमजोरी
कैंसर बढ़ने पर ट्यूमर रीढ़ की हड्डी पर दबाव डाल सकता है, जिस वजह से पैरों में दर्द, झनझनाहट या सूजन हो सकती है. ये कैंसर धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना देता है, जिस वजह से बैठने और खड़े होने में भी परेशानी आ सकती है.

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बैक और हिप पेन
प्रोस्‍टेट कैंसर के फैलने से सबसे ज्‍यादा प्रभाव बैक और हिप पर पड़ता है. जब ये कैंसर फैलता है तो रीढ़ की हड्डी में मौजूद कोशिकाओं को डैमेज करना शुरू कर देता है जिस वजह से बैक और हिप पेन बढ़ जाता है. कई बार हड्डियां इतनी नाजुक हो जाती हैं कि टूटने लगती हैं.

Tags: Cancer, Health, Lifestyle

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