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भाई-बहन में झगड़ा न हो, इसके लिए पैरेंट्स करें सिर्फ ये काम, एक-दूसरे में जल्द बढ़ जाएंगे प्यार

हाइलाइट्स

घर में छोटा बच्चा आने के बाद बड़े बच्चों को तरजीह कम दी जाने लगती है, इससे वह विद्रोही हो सकता हैपेरेंट्स अक्सर बच्चों की तुलना करते हुए किसी एक बच्चे का बखान करते हैं, इससे नाराजगी बढ़ती है

Parenting tips: भाई बहन का रिश्ता काफी स्पेशल होता है. हल्की फुल्की नोंक-झोंक के साथ ढ़ेर सारा प्यार अमूमन इसी रिश्ते में देखने को मिलता है. वहीं सभी माता-पिता चाहते हैं कि भाई बहन का रिश्ता सबसे मजबूत रहे और इनका प्यार भी हमेशा बना रहे. हालांकि कई बार पेरेंट्स की भी कुछ आदतें भाई-बहन के रिश्ते पर भारी पड़ जाती है. जी हां, आपके द्वारा किए गए कुछ काम भाई बहन के रिश्ते (Sibling relationship) में दूरियां ला सकते हैं.

वैसे तो सभी माता-पिता अपने बच्चों को बराबर का प्यार और स्नेह देते हैं. वहीं पेरेंट्स कभी अपने बच्चों में भेदभाव भी नहीं करते हैं. मगर जाने-अंजाने पेरेंट्स अक्सर कुछ कॉमन मिस्टेक्स कर बैठते हैं. जिससे भाई बहन के रिश्तों में खटास आने लगती है. तो आइए जानते हैं पेरेंटिंग की कुछ आम गलतियों के बारे में, जिसे अवॉयड करके माता-पिता भाई बहन के रिश्ते को मजबूत बना सकते हैं.

बड़े बच्चे पर भी दें ध्यान

कई बार सेकेंड बेबी आने की खुशी में पेरेंट्स बड़े बच्चे की तरफ ठीक से ध्यान नहीं दे पाते हैं. बेशक दूसरा बेबी आना आपके लिए खुशी का मौका होता है. मगर ऐसे में घर के बड़े बच्चे को भी पूरा अंटेशन दें और उसे भी इन खुशियों का हिस्सा बनाने की कोशिश करें. इससे आपका बच्चा हर्ट नहीं होगा और अपने छोटे भाई या बहन को पूरा प्यार दे सकेगा.

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दोनों को दें समान महत्व

कई बार पेरेंट्स छोटे बच्चों की खूब केयर करते हैं और बड़े बच्चों को इग्नोर कर देते हैं. इससे बड़े बच्चे के मन में अपने छोटे भाई या बहन को लेकर मनमुटाव पैदा होने लगता है. इसलिए दोनों बच्चों को समान महत्व देने की कोशिश करें.

शेयरिंग के लिए फोर्स न करें

घर में छोटा बच्चा आने के बाद बड़े बच्चों को अक्सर अपने खिलौने और खाने की चीजें अपने छोटे भाई या बहन के साथ शेयर करनी पड़ती है. जाहिर है बच्चे बड़ों की तरह मैच्योर नहीं होते हैं. वहीं कई बार बच्चे अपनी चीजें शेयर करने से इंकार भी कर देते हैं. ऐसे में बच्चों को चीजें शेयर करने के लिए फोर्स करने के बजाए प्यार से समझाएं.

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भेदभाव करने से बचें

बच्चों की आपस में लड़ाई होने के बाद कुछ पेरेंट्स अक्सर किसी एक बच्चे का पक्ष ले लेते हैं. वहीं पेरेंट्स छोटे बच्चों की नादानियों को अवॉयड कर देते हैं और बड़े बच्चे को गलती करने पर फटकार लगाने से भी नहीं चूकते हैं. ऐसे में भाई बहन के बीच दूरियां आना स्वाभिवक होता है. इसलिए लड़ाई करने पर किसी एक बच्चे का पक्ष बिल्कुल न लें और दोनों बच्चों को उनकी गलती का एहसास करवाएं.

कम्पेयर बिल्कुल न करें

भाई बहन में अक्सर कोई एक शैतान होता है, तो दूसरा बच्चा काफी सीधा-साधा और होनहार लगता है. ऐसे में पेरेंट्स अक्सर बच्चों की तुलना करते हुए किसी एक बच्चे का बखान करते हैं. तो दूसरे में कमियां निकालने में जुट जाते हैं. हालांकि पेरेंट्स की इस आदत से बच्चों में ईर्ष्या का जन्म हो सकता है. इसलिए बच्चों को आपस में कम्पेयर करने से बचें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Child Care, Lifestyle, Parenting

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