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मूड स्विंग की वजह लो कैलोरी डाइट तो नहीं, जानें क्या है इसके दूसरे साइड इफेक्ट

हाइलाइट्स

लो कैलोरी डाइट से कई हेल्‍थ इशूज भी हो सकते हैं. शरीर को हेल्‍दी रखने के लिए जरूरी हेल्‍दी डाइट.लो कैलोरी डाइट से बढ़ सकती है कब्‍ज की समस्‍या.

Side Effects Low Calorie Diet-  वेट मेंटेन करने और ओवरऑल हेल्‍थ के लिए बैलेंस्‍ड डाइट बेहद जरूरी है लेकिन व्‍यस्‍त लाइफस्‍टाइल के चलते कई बार एक्‍सरसाइज और डाइट से समझौता करना पड़ जाता है. जिस वजह से कैलोरी इंटेक बढ़ जाता है और कैलोरी बर्निंग प्रॉसेस स्‍लो हो जाती है. इतना ही नहीं कई लोग तो, लो कैलोरी डाइट फॉलो करने लगते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है. लो कैलोरी डाइट लेने से कई बार शारीरिक, मानसिक और भावनात्‍मक समस्‍याओं का सामना करना पड़ जाता है. ऐसी ही एक समस्‍या है मूड स्‍विंग्‍स की, जो लो कैलोरी डाइट की वजह से हो सकती है.
मूड स्‍विंग्‍स के दौरान अधिक गुस्‍सा, चिड़चिड़ापन और तनाव की स्थिति हो सकती है. लो कैलोरी डाइट की वजह से सिर्फ मूड स्‍विंग्‍स ही नहीं बल्कि कई हेल्‍थ इशूज होने के चांसेस बढ़ सकते हैं. चलिए जानते हैं लो कैलोरी डाइट के साइड इफेक्‍ट्स के बारे में.

लो एनर्जी लेवल
हर बॉडी की जरूरतें अलग-अलग होती हैं. यदि शरीर को पर्याप्‍त एनर्जी न मिले तो वो कमजोर हो सकता है. हेल्‍थ शॉट्स के अनुसार एक दिन में 1000 कैलोरी से कम का सेवन करना लो कैलोरी डाइट कहलाता है. 1000 कैलोरी से कम की डाइट लेने से मेटाबॉलिक रेट कम हो सकता है जिस वजह से लो एनर्जी लेवल की समस्‍या हो सकती है. इससे शरीर अधिक थका हुआ महसूस करता है.

नाखून, बाल और स्किन को नुकसान
लो कैलोरी डाइट लेने का मतलब है प्रोटीन का कम सेवन करना. नाखून, बाल और स्किन हेल्‍थ के लिए प्रोटीन सबसे महत्‍वपूर्ण माना जाता है. प्रोटीन की कमी से नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं वहीं स्‍किन डल और ड्राई हो जाती है. प्रोटीन की कमी से बाल भी डैमेज हो सकते हैं. इन टिशूज को हेल्‍दी बनाए रखने के लिए प्रोटीन के अलावा अन्‍य पोषक तत्‍व की भी आवश्‍यकता होती है जो हेल्‍दी डाइट से मिल सकती है.

इनफर्टिलिटी
लो कैलोरी डाइट लेने से वजन कम होने लगता है जिसका असर हार्मोंस पर पड़ता है. हार्मोनल इम्‍बैलेंस की वजह से इनफर्टिलिटी की समस्‍या का सामना करना पड़ सकता है. कंसीव करने के लिए एक महिला को 1400-1500 कैलारी की हेल्‍दी डाइट लेना बहुत जरूरी है. जिसमें सभी पोषक तत्‍वों को शामिल किया जाना चाहिए.

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मूड स्विंग्‍स
मूड स्विंग्‍स एक ऐसी समस्‍या है जो व्‍यक्ति के व्‍यवहार में बदलाव कर देती है. लो कैलोरी डाइट लेने से कई बार व्‍यक्ति चिड़चिड़ा और गुस्‍सैल हो जाता है. लो एनर्जी लेवल की वजह से किसी भी काम में मन नहीं लगता और मूड स्विंग्‍स होने लगते हैं. मूड स्विंग्‍स की समस्‍या से छुटकारा पाने के लिए बैलेंस्‍ड डाइट लेना जरूरी है.

Tags: Food diet, Health, Lifestyle

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