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मेकअप को लेकर बनी इन गलत धारणाओं से बचना है जरूरी, ऐसे समझें सही-गलत में फर्क

हाइलाइट्स

परफेक्ट फाउंडेशन को तलाशने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपनी जॉ लाइन से मैच करें.मेकअप के बाद ब्रेक-आउट का सबसे बड़ा कारण ठीक प्रकार से चेहरी की सफाई न करना भी हो सकता है.

Makeup Facts, Beauty Tips: सोशल मीडिया में मेकअप को लेकर काफी कंटेंट भरा पड़ा है. मेकअप के बारे में कई सारे ऐसे तथ्य और सुझाव हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश सुझाव गलत ही मिलते हैं. मेकअप ऐसी चीज है कि इसमें कोई भी टेस्टिंग पर निर्भर नहीं होता. आपकी स्किन चाहे सूखी हो, संवेदनशील हो या फिर सामान्य हो आप अपनी त्वचा पर किसी भी तरह की टेस्टिंग नहीं कराना चाहेंगी.

स्टाइल क्रेज के अनुसार मेकअप करने से पहले यह जान लेना बहुत जरूरी होता है कि जो प्रोडक्ट मेकअप में यूज किए जा रहे हैं वो आपकी स्किन को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाएंगे. आइए जानते हैं मेकअप के बारे में 10 मिथक तथ्यों के बारे में.

1- गलतफहमी: प्राइमर और मॉइस्चराइजर एक ही तरह से काम करते हैं
फैक्ट: मेकअप के टर्म में प्राइमर और मॉइस्चराइजर दोनों पूरी तरह से अलग है. प्राइमर को अक्सर मेकअप के पहले यूज किया जाता है जो कि स्किन के ओपेन पोर्स को बंद करने का काम करता है और साथ ही मेकअप के साइड इफेक्ट को भी कम करता है. वहीं पर मॉइस्चराइजर प्राइमर से एकदम अलग है. इसे हम डेली यूज में लाते हैं ताकि हमारी स्किन सॉफ्ट बनी रहे. मॉइस्चराइजर स्किन के सूखेपन को कंट्रोल करता है.

2- गलतफहमी: लाल लिपस्टिक हर किसी के द्वारा अच्छी तरह से नहीं ली जा सकती है!
फैक्ट- मेकअप में लाल लिपस्टिक को लेकर भी कई तरह के मिथक मौजूद है. अक्सर सुना जाता है कि हर कोई परफेक्ट तरीके से लाल लिपस्टिक का इस्तेमाल नहीं कर सकता, लेकिन यह गलत है. लाल लिपस्टिक हर कोई इस्तेमाल कर सकता है लेकिन ध्यान रखना चाहिए आप अपनी स्किन टोन के हिसाब से रेड लिपस्टिक का इस्तेमाल करें क्योंकि यह कई रंगो में आती है.

3: गलतफहमी: अपने फाउंडेशन को अपने माथे, गर्दन, गाल या हाथों के हिसाब से चुने
फैक्ट- मेकअप में अगर सबसे मुश्किल कोई काम है तो स्किन के हिसाब से एक परफेक्ट फाऊंडेशन की तलाश करना है. हमारे खुद के शरीर में भी अलग अलग जगह पर त्वचा का रंग अलग होता है. फाउंडेशन यूज करने से पहले आप एक शीशे के सामने खड़े हों और फिर चेहरे के पास अपने हाथों को लाए आपको मालूम चलेगा कि आपके हाथों का रंग चेहरे के रंग से अलग है. मेकअप में अपनी त्वचा के हिसाब से फाउंडेशन का मिलान करना सबसे बड़ी गलतफहमी है. कई बार मौसम की स्थिति से भी आपकी स्किन का रंग बदलता रहता है. इसलिए सही फाउंडेशन को चुनने के लिए अपने चेहरे की जॉ लाइन से मिलान करें.

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4: गलतफहमी: लिप प्लंपर आपके होठों का आकार बढ़ा सकता है!
फैक्ट: अगर आपके होठ पतले हैं तो अक्सर आपने अपने लिए लोगों से लिप प्लंपर की सलाह देते हुए सुना होगा. इसमें लोग गर्म मिर्च, दालचिनी, मेन्थॉल और कैफीन का मिश्रण होता है. इससे होठों में जलन होती है और होंठ सूज जाते हैं. मेकअप में यह बहुत बड़ी गलत धारणा है कि यह एक उपचार है और इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है. यह एक स्थायी उपचार नहीं है. होठों को मोटा बनाने के लिए हयालूरोनिक एसिड फिलर्स का उपयोग किया जाना चाहिए.

5- गलतफहमी: मस्कारे की छड़ी को पंप करने से ज्यादा दिन तक चलता है
फैक्ट: एक गलत फहमी यह भी है कि मस्कारे वैंड को अंदर बाहर करने से वो ज्यादा दिन तक खराब नहीं होता और न ही उसमें किसी तरह के गठान पड़ते हैं. लेकिन जब आप मस्कारे की छड़ी को पंप करते हैं तो मस्कारे के ट्यूब में हवा चली जाती है जिससे वह काफी तेजी से सूखने लगता है. मस्कारे को जब भी यूज करें तो छड़ी को ट्यूब के अंदर घुमा कर ही प्रयोग करें.

6: गलतफहमी: आईशैडो आपकी आंखों के रंग से मेल नहीं खा सकता है!
फैक्ट: आईशैडो को लेकर भी कई सारी भ्रांतियां हैं. अक्सर लोग कहते हैं कि आईशैडो को आखों के रंग के साथ मिलान नहीं किया जा सकता. अगर आप की आखों का रंग भूरा है तो आप भूरा आईशैडो इस्तेमाल कर सकते हैं, नीली रंग की आंखे हैं तो नीला आईशैडो भी इस्तेमाल किया जा सकता है. आजकल तो वास्तव में मैचिंग रंग का आईशैडो आपको एक बोल्ड लुक देता है.

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7- गलतफहमी: कंसीलर हमेशा फाउंडेशन से हल्का होना चाहिए!
तथ्य: सोशल मीडिया में मेकअप में कंसीलर को लेकर भी काफी भ्रांतियां मौजूद हैं. अपने फाउंडेशन जैसे कंसीलर को अपनी स्किन टोन से जितना हो सके मैच करना सबसे अच्छा है. हल्के कंसीलर केवल आपके डॉर्क स्पॉट को भी कम कर देते हैं. इसके अलावा यह चेहरे में हल्के फुल्के निशान को भी छुपा देते हैं.

8: गलतफहमी: ऐसा फाउंडेशन चुनें जो आपकी त्वचा से हल्का हो!
फैक्ट: फाउंडेशन के बिना मेकअप अधूरा है. सबसे मिथक फाउंडेशन को लेकर ही हैं. कई बार लोग यह सलाह देते हैं कि ऐसा फाउंडेशन यूज करना चाहिए जो कि आपकी स्किन के रंग से हल्का हो. लोगों का मानना है कि गोरा दिखना ही एक परफेक्ट मेकअप है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. अधिकांश भारतीयों का रंग सावला और भूरा होता है लेकिन वे अपने स्किन टोन से हल्का फाउंडेशन इस्तेमाल करते हैं. परफेक्ट फाउंडेशन को तलाशने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपनी जॉ लाइन से मैच करें. अगर फाउंडेशन आपकी त्वचा में आसानी से मिल जाता है, तो आपने सही रंग चुना है.

9- गलतफहमी: मेकअप करने से चेहरे में कई दिक्कतें आ जाती हैं
फैक्ट : मेकअप को लेकर अक्सर कहा जाता है कि ज्यादा मेकअप करने से चेहर में कई तरह से दिक्कते आने लगती हैं. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. हमारे चेहरे में मुहासे होना, जलन होना जैसी दिक्कतें तब आती हैं जब हम सस्ते या फिर एक्सपायरी वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं. मेकअप के बाद ब्रेक-आउट का सबसे बड़ा कारण ठीक प्रकार से चेहरी की सफाई न करना भी हो सकता है. ब्रेकआउट गलत उत्पादों का उपयोग करने के कारण भी हो सकते हैं, जैसे कि अत्यधिक तैलीय स्किन पर डेवी फिनिश्ड फाउंडेशन का यूज करना.

10- गलतफहमी: मेकअप प्रोडक्ट त्वचा में स्किन में जलन पैदा करते हैं.
फैक्ट: लोगों के मन में यह मिथक बैठा हुआ है कि अगर चेहरे में जलन या फिर झुनझुनी हो रही है तो इसका कारण मेकअप ही होगा. यह धारणा भी पूरी तरह से गलत है. हो सकता है कि आपको किसी चीज से एलर्जी हो और इसी वजह से आपको दिक्कत हो रही हो. अगर ऐसा होता है तो आपको वह प्रोडक्ट नहीं इस्तेमाल करना चाहिए जिसके यूज के बाद आपको जलन होती है.

Tags: Beauty Tips, Lifestyle

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