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मैट्रेस से बढ़ सकती है सुन्‍नपन की समस्‍या, जानें क्‍यों बदलते रहना चाहिए मैट्रेस

हाइलाइट्स

हर साल बाद बदल देने चाहिए मैट्रेस. मैट्रेस को सुरक्षित रखने के लिए उनपर कवर चढ़ाना जरूरी होता है. अच्‍छे मैट्रेस से बेहतर हो सकती है नींद की क्‍वालिटी.

Why The Mattress Should Be Changed- अच्‍छी और गहरी नींद के लिए आरामदयक मैट्रेस यानी गद्दे का होना बेहद जरूरी है. मैट्रेस न केवल नींद की क्‍वालिटी इंप्रूव करने में मदद करता है बल्कि कई हेल्‍थ इशूज से भी बचाता है. एक आरामदायक गद्दा गर्दन दर्द,  मांसपेसियों की ऐंठन और कमर दर्द को कम करने में सहायक भूमिका निभा सकता है. वहीं पुराने और खराब मैट्रेस की वज‍ह से शरीर में सुन्‍नपन की समस्‍या बढ़ सकती है. मैट्रेस के खराब होने की वजह से सोते समय मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है जिस वजह से सुन्‍नपन की समस्‍या हो सकती है. सुन्‍नपन होने पर ज्‍यादातर लोग इसका ट्रीटमेंट करा लेते हैं लेकिन इसके पीछे की वजह को जानना जरूरी नहीं समझते. कई बार पुराने और ढीले मैट्रेस मानसिक बीमारी का भी कारण बन जाते हैं. इसलिए इसका समय पर बदलना जरूरी होता है. चलिए जानते हैं कितनी समय बाद और क्‍यों बदलने चाहिए मैट्रेस.

कितने समय में बदलना चाहिए मैट्रेस
बेटर स्‍लीप काउंसिल के अनुसार एक मैट्रेस को आमतौर पर 7 साल बाद बदलने की आवश्‍यकता होती है. मेडिकल न्‍यूज टुडे के अनुसार मैट्रेस की ड्यूरेबिलिटी उसकी क्‍वालिटी और प्रयोग करने पर निर्भर करती है. सामान्‍यतौर पर एक मैट्रेस को सात साल बाद बदल देना चाहिए. हाईब्रिड और इनरस्प्रिंग मैट्रेस के कॉइल समय के साथ ढीले हो सकते हैं और कम सपोर्ट करते हैं. इसके अलावा पुराने मैट्रेस में धूल कण अधिक जमा हो जाते हैं जो सांस संबंधी समस्‍या का कारण बन सकते हैं.

क्‍यों बदलना चाहिए मैट्रेस
मैट्रेस नींद की क्‍वालिटी और रीढ़ की हड्डी की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं. कई शोध से पता चलता है कि लगभग 7 प्रतिशत नींद की समस्‍या अनकंफर्टेबल मैट्रेस के कारण होती है. पुराने और अनकंफर्टेबल मैट्रेस दर्द का कारण बन सकता है. खराब मैट्रेस से दर्द के साथ जागना, सुन्‍नपन, स्‍किन और सांस संबंधी एलर्जी को जन्‍म दे सकता है. कई बार पुराने और नमी वाले मैट्रेस में बेडबग्‍स हो जाते हैं जो स्किन प्रॉब्‍लम को बढ़ावा दे सकते हैं.

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नए मैट्रेस लेते वक्‍त ध्‍यान रखें ये टिप्‍स
कई बार अच्‍छी कंपनी के मैट्रेस लेने से पुराने मैट्रेस को उनसे बदला जा सकता है. नए मैट्रेस लेने से पहले उसकी वारंटी को जांच लें ताकि मैट्रेस को जल्‍दी बदलना न पड़े. इसके अलावा पता कर लें कि मैट्रेस बेडबग्‍स और माइट्स से बचा सकता है कि नहीं. मैट्रेस को सुरक्षित और धूल व गंदगी से बचाने के लिए पतले कपड़े का कवर भी चढ़ाएं. मैट्रेस लेते वक्‍त ध्‍यान दें कि वह आरामदायक है कि नहीं.

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मैट्रेस खुद देता है संकेत
– सैगिंग और डिप्‍स
– गांठ और धक्‍के
– सोने में अनकंफर्टेबल
– गंध या गंदगी
– मैट्रेस में कीड़े
– मैट्रेस का टूटना.

Tags: Health, Health problems, Lifestyle

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