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मोदी सरकार के इस फरमान के बाद अब CHS डॉक्टर एक से अधिक प्रशासनिक पदों पर नहीं रह सकेंगे!

नई दिल्ली. मोदी सरकार ने केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सेवा (CHS) से जुड़े डॉक्टरों (Doctors) को लेकर एक नई गाइडलाइंस जारी किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि एक से अधिक पदों पर सालों से कब्जा जमाए डॉक्टरों को अब एक को छोड़ बाकी सभी प्रशासनिक पदों को त्यागना होगा. ऐसे में अब जो डॉक्टर सालों से एक से अधिक प्रशासनिक पदों पर बैठे हैं, उनको सरकार के इस फैसले से परेशानी शुरू हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के इस फरमान के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में एक से अधिक पदों पर लंबे समय से विराजमान डॉक्टरों की नींद उड़ गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने नोटिस में लिखा है कि यह देखा गया है कि देश में कई सीएचएस डॉक्टर एक से अधिक प्रशासनिक पदों पर लंबे समय से बने हुए हैं. ऐसे में सीएचएस को निर्देश दिया जाता है कि ऐसे डॉक्टर, जो एक से अधिक पदों पर लंबे अरसे से पदास्थापित हैं, उनको एक पद को छोड़ कर बांकी सभी पदों से मुक्त कर दिया जाए.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के इस आदेश के बाद एक से अधिक सरकारी पदों पर बैठे डॉक्टरों की नींद उड़ सकती है.

सीएचएस डॉक्टरों के लिए नया फरमान
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के इस आदेश के बाद एक से अधिक सरकारी पदों पर बैठे डॉक्टरों की नींद उड़ सकती है. खासकर दिल्ली सरकार के कई अस्पतालों में एक से अधिक प्रशासनिक पदों पर एक ही डॉक्टर कई सालों से जमे हुए हैं. दिल्ली सरकार के सबसे बड़े अस्पताल एलएनजेपी और जीबी पंत के मौजूदा प्रमुखों को भी इस आदेश के बाद एक पद त्यागना पड़ेगा.

एक से अधिक पदों पर अब नहीं रह सकेंगे ये डॉक्टर्स
बता दें कि दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुरेश कुमार लंबे समय से अस्पताल प्रमुख के साथ-साथ मेडिसिन विभाग के एचओडी के पद पर भी विराजमान हैं. वहीं, जीबी पंत अस्पताल के निदेशक डॉ अनिल अग्रवाल भी पिछले कई सालों से दो-दो पदों पर हैं. डॉ अनिल अग्रवाल जीबी पंत के डायरेक्टर के साथ-साथ आईएलबीएस (ILBS) के भी डायरेक्टर हैं.

इस आदेश के बाद अब दिल्ली सहित कई राज्यों में एक से अधिक पदों पर बैठे डॉक्टरों को पद छोड़ना पड़ सकता है.

प्रशासनिक पद क्यों नहीं छोड़ना चाहते हैं डॉक्टर?
ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय के इस आदेश के बाद अब दिल्ली सहित कई राज्यों में एक से अधिक पदों पर बैठे डॉक्टरों को एक के अलावा सभी पद छोड़ना पड़ सकता है. आपको बता दें कि दिल्ली सहित देश के कई राज्यों से स्वास्थ्य मंत्रालय को यह शिकायत मिल रही थी कि प्रशासनिक पदों पर बैठे कुछ डॉक्टरों के कारण कॉलेज की पढ़ाई और अस्पताल की सेवा प्रभावित हो रही है. ये डॉक्टर दूसरे विभाग के प्रमुखों के पदों पर भी काफी लंबे समय से बैठे हैं. ऐसे में संबंधित विभाग के कामकाज के मुल्यांकन के लिए इनका हटना जरूरी हो गया है.

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आपको बता दें कि केंद्र सरकार के इस आदेश के बाद कुछ दिन पहले ही दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के डायरेक्टर ने अन्य प्रशासनिक पदों को छोड़ दिया था. स्वास्थ्य मंत्रालय के इस नोटिफिकेशन के बाद कई राज्यों में कार्रवाई शुरू हो सकती है. दिल्ली सरकार ने अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है, लेकिन बहुत जल्द ही दिल्ली सरकार भी पर कार्रवाई शुरू करेगी.

Tags: Delhi Government, Doctors, Health Minister Mansukh Mandaviya, LNJP Hospital, Modi government

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