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रातभर नहीं सोता है बच्चा? नींद न आने की समस्या दूर करने के लिए अपनाएं ये 7 तरीके

हाइलाइट्स

अनिंद्रा की वजह स्‍लीप पैटर्न में बदलाव हो सकता है. बच्‍चे के रूम में कोशिश रहे कि सोते वक्‍त शोर ना हो.

Childhood Insomnia Causes Symptoms Treatment: इनसोम्निया यानी अनिद्रा एक स्‍लीपिंग डिसऑर्डर है जिसमें नींद नहीं आती है और वे रात भर न चाहते हुए भी जागते हैं. बच्‍चों में अनिद्रा की समस्‍या शैशवावस्‍था के दौरान शुरू हो सकती है और कई बार तो यह समस्‍या किशोरावस्‍था तक रह जाती है. ऐसे बच्‍चों को नींद नहीं आती और अगर सो भी गए तो नींद बहुत ही हल्‍की होती है. यही नहीं, वे उठने के सामान्‍य समय से बहुत पहले ही जाग जाते हैं और फिर दोबारा सो नहीं पाते. कम सोने की वजह से उनके मानसिक और शारीरिक सेहत को काफी नुकसान हो सकता है. मॉम जंक्‍शन के मुताबिक, इसकी वजह मेंटल हेल्‍थ की समस्‍या, किसी तरह का तनाव, किसी बात का डर, किसी तरह का मेडिकेशन या इनवायरमेंटल फैक्‍टर हो सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

अनिद्रा का असर
-थकान रहना
-सोने से इंकार करना या हर वक्‍त सोने की कोशिश करना
-रात में बार-बार जागना और सो नहीं पाना
-दिन में नींद आना, झपकी लेना या स्कूल में सो जाना
-एकाग्रता और याददाश्त की समस्या
-पढ़ाई, रिलेशन आदि पर ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता
-व्यवहार संबंधी समस्याएं
-अक्सर भावुक होना
-उत्तेजित और आक्रामक होना
-निर्णय लेने में असमर्थता.

बच्‍चों में अनिद्रा के उपाय

रुटीन बनाएं
बच्‍चों में अधिकतर अनिंद्रा की वजह स्‍लीप पैटर्न में बदलाव या सोते वक्‍त किसी तरह का डिस्‍टरबेंस को कहा जा सकता है. इसलिए आप बच्‍चों के सोने का निश्चित समय बनाएं और रुटीन को कठोरता से पालन करें.

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समय करें निर्धारित
आप अपने बच्‍चे के डॉक्‍टर से यह जान लें कि उसकी उम्र के हिसाब से 24 घंटे में कितना घंटा उसे सोना चाहिए. अगर बच्‍चा दिन में सो जाता है तो उसे रात में सोने के लिए प्रोत्‍साहित करें.

रूम का वातावरण
कोशिश करें कि सोते वक्‍त बच्‍चे के रूम के आसपास शोर ना हो, रूम में रोशनी अधिक ना हो, सही टेम्‍परेचर हो और कंफर्टेबल बेड हो. जिससे बच्‍चे की नींद बार-बार टूटे नहीं.

रिलेक्‍सेशन तकनीक का उपयोग
बच्‍चे को नींद नहीं आ रही तो आप उसे बेड पर लेटे लेटे डीप ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज, प्राणायाम आदि करने के लिए बोलें. बच्‍चे को गर्म पानी से नहाने के बाद सोने की आदत डालें. आप रूम में अच्‍छी  खुशबू छिड़क सकते हैं.

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स्‍क्रीन टाइम करें कम
अधिक स्‍क्रीन टाइम की वजह से भी बच्‍चों में नींद की समस्‍या हो सकती है. ऐसे में सोने से पहले कार्टून देखना या कुछ और देखना उनके दिमाग को लंबे समय तक एक्टिव रखता है, जिस वजह से उन्‍हें नींद नहीं आती है.

एक्टिव लाइफ
बच्‍चा अगर दौड़ दौड़कर खेलेगा तो उसका शरीर थकेगा और उसे नींद आएगी. इसलिए बच्‍चे को आउट डोर गेम के लिए मोटिवेट करें.

डॉक्टर से लें सलाह
अगर इन सारी चीजों को अपनाने पर भी बच्‍चे को स्‍लीप डिसऑर्डर की समस्‍या हो रही है तो आप उसे डॉक्‍टर के पास ले जाएं और सारी जानकारी शेयर करें.

Tags: Lifestyle, Parenting, Parenting tips

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