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विवादों में है Box Office पर ताबड़तोड़ कमाई करने वाली Kantara का ये गाना, लगा चोरी करने का आरोप

कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा’ (Kantara Movie) लगातार चर्चा में बनी हुई है और ये बॉक्स ऑफिस (Kantara Box Office Collection) पर शानदार कमाई कर रही है. हालांकि, कुछ चीजों को लेकर ये विवादों से भी अछूती नहीं रही. पिछले दिनों एक यूजर ने फिल्म में भूत काला परंपरा को हिंदू संस्कृति से जोड़ने पर आपत्ति जताई थी और अब इसे लेकर नया विवाद उपजा है. कंतारा के सीन और स्टोरी हर किसी को अपनी ओर खींच रहे हैं और इसी बीच इसके मेकर्स पर ‘नवरसम’ गाने की चोरी करने के आरोप हैं. केरल के एक बैंड ‘थैक्कुडम ब्रिज’ ने कन्नड़ फिल्म के निर्माताओं पर उनके गाने ‘नवरसम’ को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है.

कांतारा के मेकर्स पर लगा गाना चोरी करने का आरोप

बैंड ने दावा किया कि ‘वराह रूपम’ (Varaha Roopam Daiva Va Rishtam) गाना उनके गाने ‘नवरसम’ की एक कॉपी है, क्योंकि कंतारा के गाने का राग ‘नवरसम’ के समान है. बैंड की ओर से बयान में कहा गया है, ‘हम अपने श्रोताओं को यह बताना चाहते हैं कि थैक्कुडम ब्रिज किसी भी तरह से या रूप में कांतारा से संबद्ध नहीं है. ऑडियो के संदर्भ में हमारे आईपी ‘नवरसम’ और ‘वराह रूपम’ के बीच समानताएं कॉपीराइट का एक साफ उल्लंघन है. आरोप लगाने वाले बैंड ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और उसी के संबंध में एक बयान जारी कर कहा कि वे कंतारा के निर्माताओं, होम्बले फिल्म्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं ताकि विवाद और उनकी बौद्धिक संपदा के उल्लंघन का निपटारा हो सके.

कुछ ऐसी ही कांतारा की कहानी

कांतारा की कहानी 1847 में शुरू हुई थी, जब तटीय कर्नाटक के एक गांव के राजा ने स्थायी खुशी और शांति के लिए स्थानीय देवता, पंजुरी की मूर्ति के बदले ग्रामीणों को जमीन का एक बड़ा पार्सल दान किया था. एक्सचेंज के दौरान उन्हें जंगल की आत्माओं द्वारा चेतावनी दी गई थी कि यदि राजा ने कभी इस भूमि को वापस मांगा, तो देवता उसे माफ नहीं करेंगे. वहीं 1970 के दशक में, राजा का एक वंशज भूमि वापस लेना चाहता है. इस पूरी घटना को जानने के लिए आपको फिल्म देखनी चाहिए. फिल्म में श्री विष्णु भगवान के बराह अवतार की झलक भी दिखने को मिलती है और ये एक अलौकिक एक्शन थ्रिलर है.

अभिनय और निर्देशन से तारीफें बटोर रहे ऋषभ शेट्टी

फिल्म में शिव के रूप में ऋषभ शेट्टी एक ऐसे व्यक्ति के रूप में एक यादगार प्रदर्शन करते हैं जो अपने गांव की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. वो एक मनमौजी है, जो अपना समय दोस्तों के साथ घूमने, लोलुपता में लिप्त रहने में व्यतीत करेगा. लेकिन अगर कोई अपने लोगों पर उंगली उठाने की हिम्मत करता है, तो उसके क्रूर क्रोध को कोई रोक नहीं सकता है. इस फिल्म के जरिए ऋषभ शेट्टी खूब वाहवाही बटोर रहे हैं और देश के सिनेमा की कई हस्तियां उनके डायरेक्शन और एक्टिंग की मुरीद हो गई हैं.

Tags: South Indian Films, South Indian Movies

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