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विश्‍व टीकाकरण दिवस 2022: बच्चों के लिए खास है वर्ल्ड टीकाकरण दिवस, जानें इसका इतिहास और मनाने का कारण

हाइलाइट्स

टीकाकरण एक जरूरी प्रकिया है लोगों को रोगों के प्रति जागरुक करने की. प्रतिवर्ष 10 नवंबर को विश्‍व टीकाकरण दिवस मनाया जाता है.टीकाकरण दिवस मनाने से बच्‍चों की मृत्‍यु दर में कमी आई है.

World Immunization Day : टीकाकरण शरीर को रोगों और वायरस से होने वाली समस्‍याओं के खिलाफ इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाता है. बच्‍चे के जीवन और उसके भविष्‍य को रोगों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. डब्‍ल्‍यू एच ओ के अनुसार यदि सही ढंग से टिकाकरण किया जाए तो विश्‍व भर में लगभग 15 लाख बच्‍चों को मृत्‍यु से बचाया जा सकता है. टीकाकरण परिवार और समुदाय को सुरक्षित रखने का काम करता है.

हर वर्ष ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके इसके लिए विश्‍व टीकाकरण दिवस मनाया जाता है जिसके माध्‍यम से विश्वभर में लगभग 2 करोड़ 70 लाख नवजात शिशुओं को टीका दिया जाता है.

बच्‍चों के लिए महत्‍वपूर्ण है टीकाकरण
इंडियन एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक्‍स के अनुसार 0 से 10 साल तक की उम्र के बच्‍चों को टीकाकरण की आवश्‍यकता होती है. जो पोलियो, टिटनस, चिकनपॉक्‍स, टाइफाइड और रोटावायरस जैसे संक्रमण से बचाता है. लोगों को टीकाकरण कार्यक्रम में भाग लेना अनिवार्य है. लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल विश्‍वभर में लाखों टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. बच्‍चों के अलावा व्‍यस्‍कों के लिए भी कई वैक्‍सीनेशन समय-समय पर निकाली जाती हैं जिससे बीमारियों को रोका जा सके.

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विश्‍व टीकाकरण दिवस का इतिहास

टीकाकरण की परंपरा हजारों साल पहले की है. माना जाता है कि 11वीं शताब्‍दी की शुरुआत में चीन में बौद्ध भिक्षु इम्‍यूनिटी बढ़ाने के लिए सांप का जहर पीते थे और चेचक के प्रति इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करने के लिए वायरस पर स्‍वयं का आंसू गिराते थे. एडवर्ड जेनर को वैक्‍सीनेशन का जनक माना जाता है. 1796 में उन्‍होंने 13 वर्ष के लड़के को पहली बार वैक्‍सीनिया वायरस का टीका लगाया था और लोगों को दिखाया था कि चेचक के प्रति कैसे इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत किया जा सकता है.

बता दे कि चेचक का पहला टीका 1796 में विकसित किया गया था. इसके बाद कई बीमारियों और वायरस के खिलाफ सफल टीके विकसित किए गए जिसमें हैजा, पोलियो, खसरा, कण्‍ठमाला, टिटनेस जैसे कई वैक्‍सीन शामिल हैं.

विश्व टीकाकरण दिवस मनाने का उद्देश्‍य
विश्‍व टीकाकरण दिवस डब्‍ल्‍यूएचओ द्वारा चलाया जा रहा स्‍वास्‍थ्‍य अभियान है जिसे प्रतिवर्ष नवंबर के महीने में मनाया जाता है. टीकाकरण का मुख्य उद्देश्‍य हर उम्र के व्‍यक्ति को बीमारी से बचाने हेतु टीकों के उपयोग और महत्‍व के प्रति जागरुक करना है. विश्‍व टीकाकरण दिवस के माध्‍यम से टीका निवारणीय रोगों के खिलाफ समय पर टीकाकरण करवाने के महत्‍व के बारे में बताया जाता है. एसआरएस के आंकड़ों के अनुसार भारत में 5 वर्ष से कम आयु के बच्‍चों की मृत्‍युदर में कमी आई है. इसके तरत नवजात शिशु को सुरक्षा प्रदान करने के लिए गर्भवती महिला को आवश्‍यकतानुसार वैक्‍सीन दिया जाता है.

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टीकाकरण एक जरूरी प्रक्रिया है जिसमें ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को भागीदारी लेनी चाहिए. इससे कई रोगों को फैलने से रोका जा सकता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Health, Health benefit, Lifestyle, Vaccination

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