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हाथों पैरों की त्वचा के लिए वैक्सिंग बेस्ट या शेविंग, जानें दोनों के स्किन पर होने वाले फायदे-नुकसान

हाइलाइट्स

शेविंग की तुलना में वैक्सिंग कराने से बाल सख्त नहीं होते.वैक्सिंग कराने से बाल जल्दी नहीं निकलते.

Waxing vs Shaving which is best: अपने हाथों-पैरों से बालों को हटाने के लिए सबसे ज्यादा जो तरीका महिलाएं आजमाती हैं, वो है वैक्सिंग और शेविंग. पैरों, हाथों से अनचाहे बालों को एक मिनट में हटा देते हैं ये दोनों ही तरीके. इन्हें यूज करने के बाद हाथ-पैर बेहद साफ-सुथरे, सॉफ्ट और स्मूद हो जाते हैं. हालांकि, वैक्सिंग कराने से कुछ महिलाएं बचती हैं, क्योंकि इसमें दर्द अधिक होता है. इस कारण से वे शेविंग करना ही बेहतर समझती हैं और खुद से ही घर में हाथों-पैरों के बालों को शेविंग की मदद से हटा लेती हैं. लेकिन, क्या आप जानती हैं कि शेविंग से कहीं ज्यादा बेहतर वैक्सिंग है? जी हां, वैक्सिंग कराने से बाल जल्दी नहीं आते और ये त्वचा के लिए भी बेहतरीन होता है. वहीं, शेविंग करने से कई बार बाल हार्ड निकलने लगते हैं. अनचाहे बालों को हटाने के लिए आप भी ये तरीके आजमाती हैं, तो जाने लें वैक्सिंग करना शेविंग करने से कैसे है बेहतर.

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वैक्सिंग कराने से बाल नहीं आते जल्दी
टाइम्सऑफइंडिया डॉट कॉम में छपी एक खबर के अनुसार, वैक्सिंग कराने से हाथों-पैरों की त्वचा अधिक मुलायम रहती है. ऐसा तीन सप्ताह तक रहता है, लेकिन शेविंग करने से कुछ ही दिनों में स्किन को छूने से कांटेदार जैसा महसूस होने लगता है. व्यस्त दिनचर्या में बार-बार शेविंग करना भी संभव नहीं, ऐसे में एक बार वैक्सिंग करा लें, तो फिर तीन सप्ताह तक हाथों-पैरों के बालों की तरफ ध्यान देने की ज़रूरत नहीं पड़ती है. वैक्सिंग कराने से बाल जड़ों से निकल जाते हैं, जिससे इन्हें दोबारा पूरी तरह से ग्रो करना पड़ता है.

वैक्सिंग कराने से नहीं होती खुजली, जलन
शेविंग करने पर कई बार त्वचा छिल या कट जाती है. जिनकी स्किन संवेदनशील होती है, उन्हें शेव करने से स्किन में जलन, खुजली, इर्रिटेशन भी होने लगती है. वहीं, वैक्सिंग कराने से ऐसी समस्याएं बेहद कम ही देखने को मिलती है. वैक्सिंग करने से त्वचा कटती, छिलती नहीं है. एक ही रेजर को बार-बार इस्तेमाल करने या किसी और के साथ शेयर करने से इंफेक्शन होने की संभावना भी बढ़ जाती है. शेविंग से बालों के फॉलिकल्स में इंफ्लेमेशन, खुजली, रेजर बर्न जैसी समस्याएं भी होती हैं. वैक्सिंग एक्सफोलिशन का काम करती है.

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वैक्सिंग डेड स्किन सेल्स हटाए
वैक्सिंग कराने से मृत त्वचा कोशिकाएं हट जाती हैं. पोर्स में मौजूद गंदगी निकल जाती है. त्वचा मुलायम बनती है. शेविंग करने से त्वचा डार्क पड़ सकती हैं, लेकिन वैक्सिंग में ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है. वैक्सिंग ना सिर्फ स्किन को एक्सफोलिएट करती है, बल्कि हाइपरपिगमेंटेशन से भी बचाती है.

वैक्सिंग कराने से बाल नहीं होते सख्त
जब आप शेविंग करते हैं, तो बाल सख्त और मोटे निकलते हैं, वहीं वैक्सिंग कराने पर ऐसा नहीं होता है. यदि आप नियमित रूप से वैक्सिंग करते हैं, तो पतले बाल फिर से उगने लगते हैं. लगातार वैक्सिंग करने से आपके रोम छिद्र कमजोर हो जाते हैं, जिससे वे पतले और महीन दिखाई देते हैं. जब आप शेव करते हैं, तो बाल मोटे निकलने लगते हैं.

Tags: Beauty Tips, Beauty treatments, Fashion, Skin care

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