in

Bihar famous Kabab: पुरानी दिल्ली या लखनऊ छोड़िए..बिहार के इस गांव के कबाब का चलता है जादू, नेपाल तक से खाने आते हैं लोग

रिपोर्ट-आशीष कुमार

पश्चिम चम्पारण. वैसे तो आपने कई जगहों पर कई प्रकार का सीक कबाब खाया होगा , लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां देश के अलग अलग राज्यों से ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी लोग सिर्फ कबाब खाने के लिए आते हैं. जी हां, चम्पारण के हांडी मटन की तरह ही चम्पारण में बनने वाला सीक कबाब भी मशहूर है. ये कबाब बिहार के कई जिलों ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों तथा पड़ोसी देश नेपाल तक में लोगों को अपने स्वाद का दीवाना बनाता है.

17 प्रकार के मसाले
वैसे तो आज हर एक शहर में एक से बढ़ कर एक कबाब की दुकानें खुल चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी दूर दूर से लोग कबाब खाने के लिए चम्पारण के इस गांव का रुख करते हैं. इसपर जब हमने वहां के दुकानदार अनिल कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि मटन की ताजगी और मसाले टेस्ट की असली वजह है. उन्होंने बताया कि सीक कबाब बनाने के लिए वो 17 प्रकार के मसालों का उपयोग करते हैं. जो इसके स्वाद को सबसे अलग बेहद ही खास बनाता है. साथ ही मटन की ताज़गी और उसे कोयले पर पकाने का जो तरीका है, वही इसे बेजोड़ तथा इस जगह को कबाब के हब के रूप में एक खास पहचान दिलाता है. जहां दूर–दूर से लोग सिर्फ इसके ज़ायके के लिए खिंचे चले आते हैं.

चम्पारण का ये गांव है कबाब के लिए मशहूर
जिस तरह बिहार के चम्पारण में बनने वाले हांडी मटन के दीवाने पूरे देश में हैं , ठीक उसी प्रकार चम्पारण के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बनहौरा गांव में तैयार होने वाले सीक कबाब के भी दीवाने सिर्फ देश के कई राज्यों में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी हैं. पश्चिम चम्पारण जिले का बनहौरा एक ऐसा गांव है, जहां बड़े पैमाने पर सीक कबाब बनाने का काम किया जाता है. इस जगह की खासियत ये है कि इस छोटे से इलाके में सीक कबाब की दर्जनों दुकानें हैं, जिसमें सिर्फ मटन सीक कबाब तैयार किया जाता है. स्थानीय दुकानदार अनिल कुमार बताते हैं कि वो कबाब बनाने का ये काम पिछले 15 वर्षों से कर रहे हैं, 700 रुपए प्रति किलो के भाव से बिकने के बावजूद भी हर दिन कम से कम 25 से 30 किलो तक कबाब की बिक्री हो जाती है.

कबाब की बिक्री के बाद दुकानदारों से ग्राहकों के बारे में पूछा तब उन्होंने बताया कि वहां कबाब के ज़ायके का मजा लेने पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, सिवान, तथा गोपालगंज सहित यूपी के गोरखपुर तथा नेपाल से बड़े पैमाने पर लोग आते हैं.

व्यवसायी मनीष कुमार ने बताया कि वो मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं और यहां पश्चिम चम्पारण के बनहौरा गांव में लगभग 200 किलोमीटर का सफर तय कर सिर्फ कबाब का मजा लेने आते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं दुकान में मौजूद एक अन्य ग्राहक भूपेंद्र कुमार से जब हमने बात की तब उन्होंने बताया कि वो पूर्वी चम्परण के मोतिहारी से यहां लगभग 60 किलोमीटर का सफर तय कर सिर्फ कबाब का जायका लेने आते हैं. इनके अलावे वहां गोरखपुर तथा नेपाल से भी लोग मौजूद थे. जिनका ये कहना था कि वो यहां सिर्फ कबाब खाने अक्सर आया करते हैं.

Tags: Bihar News, Champaran news, Healthy food

Source link

Anushka Shetty HBD: दीपिका के कॉलेज से पढ़ी हैं अनुष्का शेट्टी, फिल्मों में आने से पहले करती थीं ये काम

Bollywood Celebs Parents 2022: आलिया भट्ट और रणबीर कपूर सहित इस साल ये सेलेब्स बने हैं पेरेंट्स