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Chhath Puja 2022 Lok Geet: इन मशहूर लोकगीतों के बिना है अधूरी छठ पूजा, यहां पढ़ें बोल

हाइलाइट्स

कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से चार दिवसीय छठ पर्व प्रारंभ होगा.छठ पर घरों-घाटों पर छठी मइया के मधुर लोक गीत गाने और सुनने की परंपरा है.

Chhath Puja 2022 Lok Geet: महापर्व छठ पूजा की तैयारियां जोर शोर से जारी हैं. कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी ति​थि से ये चार दिवसीय उत्सव प्रारंभ होगा और घरों और घाटों पर छठी मैया के मधुर लोकगीत सुनाई पड़ेंगे. वैसे तो ये महापर्व बिहार, उत्‍तर प्रदेश का मुख्‍य पर्व है लेकिन इन दिनों इसे अन्‍य शहरों में भी काफी धूमधाम से मनाया जाता है. छठ पर्व पर छठी मैया और सूरज देव के लोकगीतों का बड़ा महत्‍व है. इन लोकगीतों को महिलाएं समूह में गाती हैं और इसके साथ ही छठ पर्व का माहौल चारों तरफ तैयार हो जाता है. ऐसे में हर साल मैथिली और भोजपुरी के कई गायक छठ के पर्व पर नया गीत भी रिलीज करते हैं.

अगर आप भी छठ के गीतों को बोल पढ़ना चाहते हैं या घर से दूर छठ के माहौल को जीना चाहते हैं तो यहां हम आपको छठ के कुछ ऐसे लोक गीत की जानकारी दे रहे हैं जो इन दिनों काफी लोकप्रिय हो रहे हैं.

ये हैं छठ के मशहूर लोक गीत

छठ पूजा गीत

छूटी नाही छठ के त्योहार

‘कबहुँ ना छूटी छठि मइया, हमनी से बरत तोहार

हमनी से बरत तोहार.

तहरे भरोसा हमनी के, छूटी नाही छठ के त्योहार

छूटी नाही छठ के त्योहार.

अपने सरन में ही रखिह, दिह आसिस हज़ार

दिह आसिस हज़ार.

गोदिया भराईल छठी मइय्या, बाटे राऊर किरपा अपार

बाटे राऊर किरपा अपार.

चाहें रहब देसवा बिदेसवा, छठ करब हम हर बार

छठ करब हम हर बार.

डूबतो सुरुज के जे पूजे, इहे बाटे हमर बिहार

इहे बाटे हमर बिहार.

फलवा दउरवा सजाके, अईनी हम घाट पे तोहार

अईनी हम घाट पे तोहार.

दिहनी अरघ छठी मईया, करीं हमर आरती स्वीकार

करीं हमर आरती स्वीकार.

कबहुँ ना छूटी छठि मइया, हमनी से बरत तोहार

हमनी से बरत तोहार.

तहरे भरोसा हमनी के, छूटी नाही छठ के त्योहार

छूटी नाही छठ के त्योहार.

छूटी नाही छठ के त्योहार.

छूटी नाही छठ के त्योहार.

(गीतकार–अशोक शिवपुरी
गायक- अल्‍का याग्निक और भरत शर्मा व्‍यास)

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छठ पूजा का गीत

छठी मईया वरत तोहार

‘पहिले पहिले हम कईनी,

छठी मईया वरत तोहार ,

छठी मईया वरत तोहार.

करिह छमा छठी मईया,

भूल-चुक गलती हमार ,

भूल-चुक गलती हमार.

गोदी के बालकवा के दिह,

छठी मईया ममता दुलार ,

छठी मईया ममता दुलार ,

पिया के स्नेहिया बनइहा,

मईया दिह सुख सार ,

मईया दिह सुख सार.

नारियल केलवा घवुद्वा ,

सजल नदिया किनार ,

सजल नदिया किनार.

सुनिह अरज छठी मईया ,

बढे कुल परिवार ,

बढे कुल परिवार.

घाट सजवानी मनोहर,

मईया तोर भक्ति अपार ,

मईया तोर भक्ति अपार.

लिही न अरगिया हे मईया,

दिही आशीष हज़ार,

दिही आशीष हज़ार.

पहिले पहिले हम कईनी,

छठी मईया वरत तोहार ,

छठी मईया वरत तोहार.

करिह छमा छठी मईया,

भूल-चुक गलती हमार ,

भूल-चुक गलती हमार.

भूल-चुक गलती हमार.’

(गायिका – शारदा सिन्‍हा
गीतकार– हृदय नारायण झा)

छठ पूजा गीत

गीत छठी माई के गाये

कांच ही बॉस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए,

पेन्ही न पवन जी पियरिया दउरा घाटे पहुचाये.

कांच ही बॉस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए,

पेन्ही न पवन जी पियरिया दउरा घाटे पहुचाये.

दउरा में सजल बाटे फल फलहरिया,

पियरे पियर रंग शोभे ला डगरिया ,

दउरा में सजल बाटे फल फलहरिया,

पियरे पियर रंग शोभे ला डगरिया.

जेकर जाग जाला भगिया उह्हे छठ घाटे आये,

पेन्ही न पवन जी पियरिया दउरा घाटे पहुचाये.

छठी माई चहिहे न होई कवनो कमी,

घरवा में भरल रही अन्न धन लक्ष्मी,

छठी माई चहिहे न होई कवनो कमी,

घरवा में भरल रही अन्न धन लक्ष्मी.

अक्षरा करे ली पूजनीया,

गीत छठी माई के गाये ,

कांच ही बॉस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए ,

पेन्ही न पवन जी पियरिया दउरा घाटे पहुचाये.

(गायिका–अक्षरा सिंह
गीतकार–मनोज मतलबी)

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Tags: Chhath Puja, Dharma Aastha, Lifestyle

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