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Children’s Day 2022: पंडित नेहरू के जन्‍मदिन पर क्‍यों मनाया जाता है बाल दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्‍व

हाइलाइट्स

देश का भविष्‍य उस देश के बच्‍चों के हाथ में होता है. साल 1925 में बाल दिवस की नींव रखी गई थी.

Children’s Day 2022 History Significance: बच्‍चे मन के सच्‍चे होते हैं और भविष्‍य के निर्माता भी. ऐसे में उनके अधिकार, उनकी देखभाल और उनकी शिक्षा के लिए हर साल 14 नवंबर को हमारे देश में बाल दिवस मनाया जाता है. यह दिवस भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. कहते हैं कि पंडित नेहरू बच्‍चों को काफी प्‍यार करते थे और बच्‍चे भी उन्हें चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे. यही वजह है कि पंडित नेहरू की जयंती को भारत में बाल दिवस की तारीख के रूप में चुना गया था.

तब से भारत में 14 नवंबर का बाल दिवस मनाया जाने लगा. आइए जानते हैं इसका इतिहास और महत्‍व.

बाल दिवस 14 नवंबर को भारत में क्यों मनाया जाता है?

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु को बच्चे प्यार से चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे. दरअसल, चाचा नेहरू को भी बच्चों के प्रति काफी लगाव था और वो हमेशा उनके बीच में रहना पसंद करते थे. भारत को आजादी  मिलने के बाद उन्‍होंने बच्चों और युवाओं के अधिकार और उनकी शिक्षा के लिए काफी काम किया था.

जब वे प्रधानमंत्री बने तो उनकी पहली प्राथमिकता थी बच्चों की शिक्षा. शिक्षा के क्षेत्र में उन्‍होंने देश को बेहतरीन शैक्षिक संस्‍थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान की स्थापना की. बच्‍चों और देश के भविष्‍य का निखारने में इन संस्‍थानों का अभूतपूर्व योगदान रहा है. उन्‍होंने नि:शुल्क प्राथमिक शिक्षा, कुपोषण से बचाने के लिए स्कूलों में मुफ्त भोजन आदि को भी उन्‍होंने शामिल कराया. यही वजह रही कि पंडित नेहरू की मृत्यु के बाद उनकी जयंती को भारत में बाल दिवस की तारीख के रूप में चुना गया.

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क्‍या मानना था पंडित नेहरू का

पंडित नेहरू का मानना था कि देश का उज्जवल भविष्य इन बच्‍चों के हाथ में ही है. उन्‍हें अगर शिक्षा, उचित देखभाल और प्रगति के लिए सही मार्ग दर्शन दिया जाए तो वे ही आगे चलकर राष्‍ट्र को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे.

जानें बाल दिवस का महत्व

किसी देश का भविष्‍य उस देश के बच्‍चों के हाथ में होता है. देश के भविष्‍य निर्माण के लिए जरूरी है कि वहां के बच्‍चे शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक और नैतिक रूप से सही मार्गदर्शन पाएं. बच्‍चों के प्रति इन्‍हीं जागरूकता को फैलाने के उद्देश्‍य से बाल दिवस  मनाया जाता है. ऐसे में अगर हम अपने आसपास के बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा या अच्‍छा माहौल दें तो यह उनके साथ साथ देश के भविष्‍य को भी अंधकार से बचा सकता है और एक खुशहाल देश बना सकता है.

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कुछ तथ्‍य
-वर्ष 1925 में बाल दिवस की नींव रखी गई थी और 1953 में दुनिया भर में इसे मान्‍यता मिली.
-20 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र ने बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की लेकिन कई देशों में ये अलग-अलग दिन भी मनाया जाता है.
-1950 से बाल संरक्षण दिवस यानी 1 जून को कई देशों में वर्ल्ड चिल्ड्रन डे मनाया जाता है.
-भारत में आजादी के बाद पहला बाल दिवस वर्ष 1959 में मनाया गया था.

Tags: Children, Jawaharlal Nehru’s birth anniversary, Lifestyle

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