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Hepatitis E Prevention: क्या है हेपटाइटिस ई? इससे जुड़े खतरे, ट्रांसमिशन मोड और बचाव के बारे में जान लें

Hepatitis Prevention, Casus of Hepatitis: बदल रही लाइफस्टाइल के चलते लोगों में अब ब्लड प्रेशर, शुगर, ओबेसिटी जैसी बीमारियां आम होती जा रही हैं. दूषित खान-पान से शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंच रहा है. इन दिनों एक और बीमारी है जो तेजी से पैर पसार रही है, वह है हेपेटाइटिस ई (Hepatitis E), जो लिवर से जुड़ी एक बड़ी समस्या है. हेपेटाइटिस ई होने पर लिवर में सूजन बढ़ने लगती है, जो हेपेटाइटिस ई वायरस (एचईवी) के कारण होता है.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 2015 में हेपेटाइटिस ई के कारण करीब 44 हजार मौतें हुई हैं. अब तो आप इसकी गंभीरता समझ ही गए होंगे. तो चलिए आपको बताते हैं हेपेटाइटिस ई से जुड़े खतरे, ट्रांसमिशन मोड और बचाव के बारे में बताते हैं.

कैसे फैलता है हेपेटाइटिस ई वायरस?
हेपेटाइटिस ई वायरस फैलने के कई कारण हो सकते हैं. हालांकि, मौखिक और मल मार्ग से यह वायरस तेजी से फैलता है. वायरस मल मार्ग से निकलता है और स्वस्थ व्यक्ति की आंत में प्रवेश करता है. जिससे दूसरा व्यक्ति भी हेपेटाइटिस ई की चपेट में आ जाता है. इसके अलावा दूषित पानी पीना भी हेपेटाइटिस ई का सबसे बड़ा कारण है.

हेपेटाइटिस ई के लक्षण
हेपेटाइटिस ई के लक्षण आसानी से पकड़ में आ जाते हैं. हालांकि, कई बार स्वास्थ्य की अनदेखी के चलते ऐसा नहीं हो पाता. तो हेपेटाइटिस ई के क्या लक्षण हैं, चलिए आपको बताते हैं-
– बुखार
– थकान
– ज्वॉइंट पेन
– भूख ना लगना
– पेट दर्द, खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते
– घबराहट होना
– उल्टी जो कुछ दिनों तक चलती है
– पीलिया
– मिट्टी के रंग का मल

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हेपेटाइटिस ई से सबसे ज्यादा किन्हें खतरा है?
विकासशील देशों में रह रहे लोगों में हेपेटाइटिस ई का सबसे ज्यादा खतरा होता है. इन देशों में 15 से 44 साल की उम्र के लोगों में इस बीमारी के लक्षण देखने को मिलते हैं. इम्यूनोसप्रेस्ड लोगों में भी हेपेटाइटिस ई संक्रमण होने का खतरा होता है. खासतौर पर जिन्होंने अंग प्रत्यारोपण कराया है. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं में भी इस वायरस के संक्रमण का खतरा होता है.

हेपेटाइटिस ई से बचाव के उपाय
हेपेटाइटिस ई से बचाव का सबसे अच्छा और आसान उपाय है साफ-सफाई. अपने आस-पास सफाई का विशेष ध्यान रखें. गंदे पानी के इस्तेमाल से बचें और समय-समय पर हाथ धोते रहें. इससे इस वायरस को फैलने से रोका जा सकता है. अगर कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है तो पानी को उबाल कर इस्तेमाल करें.
इसके अलावा व्यक्ति को सूअर का कच्चा मांस और हिरन का मांस खाने से बचना चाहिए, क्योंकि वे दूषित हो सकते हैं.

Tags: Health, Lifestyle

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