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साबुन या सैनिटाइजर, कोरोना वायरस से बचने के लिए दोनों में से क्या है बेहतर


भारत में तेजी से कोरोना वायरस (Coronavirus) अपने पैर पसार रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में समय-समय पर अपने हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से धोकर इस वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है। लेकिन उससे पहले ये जानना जरूरी है कि साबुन या सैनिटाइजर में से कोरोना से लड़ने के लिए सबसे मजबूत हथियार क्या है?

Tripti Sharma | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

चीन के वुहान शहर में पैदा हुआ कोरोना वायरस अब तक से भी दुनियाभर के कई देशों को अपना शिकार बना चुका है। भारत में भी कोरोना वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है। देश के चारों कोनों में जारी लॉकडाउन के बीच भी कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक देश में संक्रमण के 724 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दुनियाभर में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़कर पांच लाख से अधिक हो गई है और 22,000 से अधिक लोग इस महामारी के चलते दम तोड़ चुके हैं।

इस जानलेवा वायरस के फैलने के बाद शुरुआत से ही लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। COVID-19 से बचने के लिए कुछ लोगों का मानना है कि हैंड सैनिटाइजर-साबुन से बेहतर है। कुछ स्वास्थ्य-विशेषज्ञों का कहना कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथों का बैक्टीरिया फ्री होना बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अपने हाथों को समय-समय पर साबुन से धोकर या हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल कर वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है। (ये भी पढ़ें: Coronavirus And Asthama : कोरोना वायरस से अस्थमा के मरीजों को कितना खतरा, जानें क्या है डॉक्टरों की सलाह)

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यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन के अनुसार, कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन को ज्यादा बेहतर विकल्प बताया गया है। वायरस में मौजूद लिपिड को साबुन आसानी से खत्म कर सकता है। आपको बता दें साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है। साबुन में छिपे ये तत्व वायरस की बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं। जिससे संक्रमित होने का खतरा न के बराबर हो जाता है।

COVID-19 से बचने के लिए सैनिटाइजर से बेहतर क्यों हैसाबुन?


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हैंड सैनिटाइज़र और साबुन दोनों में ही वायरस को मारने के सक्षम गुण हैं। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते कहर से बचने के लिए सैनिटाइज़र से बेहतर साबुन है। क्योंकि साबुन में सैनिटाइज़र के मुकाबले वायरस को तेजी से मारने की क्षमता है।

हम में से ज्यादातर लोग दिन में कई बार मुंह को छूते हैं, ऐसी स्थिति में वायरस का जड़ से खात्मा होना बेहद जरूरी है। सैनिटाइज़र आपको वायरस से लड़ने के लिए तैयार तो करेगा लेकिन उसको जड़ से खत्म करने के लिए साबुन बेहतरीन विकल्प है। (ये भी पढ़ें: Lock down में रहने के हैं ये 10 खास फायदे, गौर करेंगे तो Stress Free रहेंगे)

यदि आप टॉयलेट या बाहर से कहीं से आकर अपने हाथों को सिर्फ पानी से धो लेते हैं तो ये बिल्कुल गलत तरीका है। वायरस चिपचिपा होता है, जो केवल पानी से हाथ धो लेने के बाद भी नहीं जाता है। इसलिए आप जब भी बाहर से आएं या किसी चीज को छुएं तो अपने हाथों को साबुन से धुलें। साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे पदार्थ होते हैं जो वायरस से लड़ने में अधिक सक्षम हैं।

आपने कई बार महसूस किया होगा कि साबुन से हाथ धोते-धोते आपकी स्किन थोड़ी ड्राइ हो गई है। दरअसल ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि साबुन काफी गहराई में जाकर कीटाणुओं को मार गिराने की शक्ति होती है। वहीं, हैंड सैनिटाइज़र केवल हाथ को गहराई से साफ़ करता है कीटाणुओं को जड़ से खत्म करने में ये इतना असरदार नहीं है।

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सैनिटाइजर क्यों साबुन जितना प्रभावशाली नहीं है



जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की एक शोध के अनुसार, लिक्विड या क्रीम के रूप में मौजूद सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना बेहतर नहीं है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सिर्फ और सिर्फ वही सैनिटाइजर काम करेगा जिसमें एल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। इसके अलावा घरों में इस्तेमाल होने वाला साबुन ज्यादा बेहतर है। इसलिए कोशिश करें कि अपनी उंगुलियों के बीच और नाखूनों के अंदर ठीक से साबुन लगाकर हाथ धोने की, क्योंकि तभी हम इस जानलेवा बीमारी को मात दे सकते हैं।

​अलसी या फ्लैक्स सीड्स

  • ​अलसी या फ्लैक्स सीड्स

    अपनी हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए अलसी यानी फ्लैक्स सीड्स को अपनी डायट में जरूर शामिल करें। अलसी, ओमेगा 3 फैटी ऐसिड का बेहतरीन सोर्स है और इनके सेवन से ब्रेस्ट कैंसर और हार्ट डिजीज होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। साथ ही अलसी में ऐंटि-इन्फ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज भी होती हैं जिससे आर्थराइटिस और पेट से जुड़ी कई बीमारियों को भी होने से रोका जा सकता है।

  • ​साल्मन फिश

    आमतौर पर महिलाओं के शरीर में जिस डायट्री न्यूट्रिशन की कमी सबसे ज्यादा देखने को मिलती है वह है आयरन और आयरन की कमी की वजह से अनीमिया होने का खतरा सबसे ज्यादाा रहता है। लिहाजा आयरन रिच फूड खाना महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है। लिहाजा अगर आप सी-फूड की शौकीन हैं तो साल्मन फिश को अपनी डायट का हिस्सा बनाएं। साल्मन में न सिर्फ आयरन होता है बल्कि ओमेगा-3 फैटी ऐसिड भी होता है जो महिलाओं के मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो ओमेगा-3, मूड स्विंग्स की प्रॉब्लम को दूर कर डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है।

  • ​ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करती हैं क्रैनबेरीज

    अब तक हो चुकी बहुत सी स्टडीज में यह बात साबित हो चुकी है क्रैनबेरीज खाने से ब्रेस्ट कैंसर और हार्ट डिजीज का खतरा काफी कम हो सकता है। साथ ही साथ क्रैनबेरीज खान से यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की समस्या जो महिलाओं में बेहद कॉमन है उसका भी इलाज हो सकता है। लिहाजा महिलाओं को हर दिन 1 गिलास क्रैनबेरी का जूस जरूर पीना चाहिए।

  • ​पालक है फायदेमंद

    पालक की सब्जी को वैसे तो ज्यादातर लोग पसंद नहीं करते लेकिन यह विटमिन्स, मिनरल्स, मैग्नीशियम और आयरन से भरपूर होती है। लिहाजा महिलाओं को पालक को अपनी डायट में जरूर शामिल करना चाहिए। पालक में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है और यह एक सुपरफूड है जो पीरियड्स से पहले होने वाले पीएमएस के लक्षणों जैसे सूजन, ब्रेस्ट टेंडरनेस, ब्लोटिंग और वेट गेन की समस्या को दूर करने में मदद करता है।

  • ​अखरोट जरूर खाएं

    एक्सपर्ट्स की मानें तो अखरोट यानी वॉलनट्स में ओमेगा-3 फैटी ऐसिड के साथ ही ऐंटिऑक्सिडेंट्स और फाइटोस्टेरॉल्स भरपूर मात्रा में होता है और ये तीनों ही चीजें ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करती हैं। ओमेगा-3 की उच्च मात्रा हड्डियों की सेहत, आर्थराइटिस और डिप्रेशन को भी कम करने में मदद करती है। साथ ही साथ अखरोट में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉलिक ऐसिड भी पाया जाता है और ये सारे न्यूट्रिएंट्स महिलाओं की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।

  • ​बेहद फायदेमंद है ओट्स

    महिलाओं की सेहत के लिए बेहतरीन सुपरफूड है ओट्स क्योंकि ये महिलाओं के हार्ट को हेल्दी रखता है, डाइजेशन को बेहतर बनाता है और ब्लड प्रेशर के लेवल को भी कंट्रोल में रखने में मदद करता है। साथ ही साथ ओट्स में विटमिन बी6 भी पाया जाता है जो पीएमएस के लक्षणों और मूड स्विंग्स की दिक्कत को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा ओट्स में फॉलिक ऐसिड होता है जो प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे में होने वाले किसी भी तरह के जन्म दोष की दिक्कत को दूर करता है।

  • ​दूध और डेयरी प्रॉडक्ट्स

    दुनियाभर की महिलाओं में सेहत से जुड़ी एक समस्या जो सबसे ज्यादा देखने को मिलती है वह है कैल्शियम की कमी। लिहाजा किसी भी उम्र की महिलाओं के लिए दूध पीना बेहद जरूरी है। दूध और दूध से बनने वाले डेयरी प्रॉडक्ट्स में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में जब दूध को विटमिन डी के साथ मिलाकर सेवन किया जाता है तो यह ऑस्टियोपोरॉसिस को दूर रखने में मदद करता है। हालांकि एक रिसेंट स्टडी में यह बात सामने आयी है कि ज्यादा दूध पीने से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क हो सकता है। इसलिए दूध पिएं लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।

  • ​कैंसर रोकने में मददगार है टमाटर

    महिलाओं की सेहत के लिए बेहद जरूरी तत्व एक और है- लाइकोपीन और यह टमाटर में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। बहुत सी स्टडीज में यह बात साबित भी हो चुकी है कि लाइकोपीन, ब्रेस्ट कैंसर को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा, लाइकोपीन हार्ट डिजीज के खतरे से भी बचाता है। लिहाजा लाल-लाल टमाटर को अपनी डायट में शामिल करना महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है।

  • ​कई फायदों वाली है ब्रॉकली

    ब्रॉकली भी ऐसी ही एक सब्जी है जो कैंसर के खतरे से बचाने में मदद करती है। लिहाजा अपनी डेली डायट में ब्रॉकली को शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि ब्रॉकली में पाया जाने वाला केमिकल सल्फरोफेन, ल्यूकेमिया और मेलानोमा जैसे कैंसर सेल्स को मारने में मदद करता है। 1 कप ब्रॉकली में आपके डेली विटमिन सी की जरूरत का 135 प्रतिशत हिस्सा पाया जाता है।

  • ​चुकंदर खाएं, बीमारियां दूर भगाएं

    चुकंदर में इतने सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं कि आप इसे अपनी डायट में शामिल किए बिना रह नहीं पाएंगी। चुकंदन में फाइबर, फॉलेट, विटमिन बी9, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन और विटमिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है और जैसा की हमने पहले ही बताया है ये सभी न्यूट्रिएंट्स अनीमिया के खतरे को कम करने, पीएमएस के लक्षणों को कम करने, मूड स्विंग की प्रॉब्लम दूर करने जैसी समस्याओं में बेहद कारगर है। 1 गिलास चुकंदर का जूस पीने से हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है।

Web Title coronavirus-soap or hand-sanitizer-who is-better-to-fight-corona-virus(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

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