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natural alternatives to antacids: गैस की दवाई की जगह इन 5 घरेलू चीजों का करें इस्तेमाल, तुरंत मिलेगी राहत

हाइलाइट्स

प्रोबायोटिक में मौजूद फ्रेंडली बैक्टीरिया आंत में पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं दालचीनी कुदरती एंटासिड के रूप में काम करती है

नई दिल्ली. भोजन जब पेट के अंदर पचता है तो इस दौरान कई तरह के एसिड की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है. लेकिन कुछ कारणों से इन एसिड की मात्रा और सक्रियता घटती-बढ़ती रहती है. भोजन में मौजूद कुछ तत्वों के कारण एसिड की सक्रियता बढ़ जाती है. इसके अलावा जब गुड बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ता है तो भी गैस बनती है. कभी-कभी एसिड के रिएक्शन से जो टॉक्सिन बनते हैं वह भी बाहर नहीं आ पाते. इन सब परेशानियों के कारण पेट में गैस बनती है और कब्ज भी होने लगता है. इसमें सबसे पहले एसिडिटी की शिकायत होने लगती है.

एसिडिटी की शिकायत होते ही लोग एंटासिड टैबलेट लेने लगते हैं. लेकिन कई रिसर्च में कहा गया है कि एंटासिड में कैंसरकारक तत्व पाए जाते हैं. भारत सरकार भी एंटासिड को अब दवाइयों की जरूरी सूची से निकाल दिया है. तो आइए जानते हैं कि एंटासिड टैबलेट की जगह किन चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए जो गैस की समस्या से तुरंत राहत दें.

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ये 5 कुदरती चीजें जो तुरंत गैस से राहत दिलाए

प्रोबायोटिक–पुशडॉक्टर डॉट यूके वेबसाइट के मुताबिक प्रोबायोटिक को फ्रेंडली बैक्टीरिया या गुड बैक्टीरिया कहते हैं. ये बैक्टीरिया आंत में पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं जिससे एसिड का बैलेंस बना रहता है लेकिन इसकी कमी से सब गड़बड़ होने लगती है. इसलिए गैस होने पर प्रोबायोटिक का इस्तेमाल करें. इसके लिए छाछ, एप्पल वेनेगर, भेड़ या बकरी के दूध से बटर निकालकर बनने वाला पेय पदार्थ आदि का सेवन करें. बाजार में प्रोबायोटिक भी मिलता है.

कैमोमाइल की चाय-कैमोमाइल के फूल की चाय को आमतौर पर मानसिक स्वास्थ्य के लिए जाना जाता है. लेकिन लोगों को इस बात की कम जानकारी है कि कैमोमाइल की चाय पेट के लिए भी वरदान है. यह न सिर्फ पेट में होने वाले एसिड रिफ्लक्स को होने से रोकती है, बल्कि यह आपके गले की सूजन को कम कर सकती है. इसमें उपयोगी दर्द निवारक गुण होते हैं जो पेट दर्द की समस्या से भी छुटकारा दिला सकती है. इसे बबूने का फूल भी कहा जाता है.

अदरक-हम सब अदरक के गुणों से वाकिफ है. अदरक एक प्रभावी एंटीमेटिक है, जिसका अर्थ है कि यह मतली और उल्टी को रोक सकता है. यह आपके पेट के संकुचन को कम करके भोजन को पचने में मदद करता है. अदरक में मौजूद तत्व एसिड रिफलेक्स को होने से रोकते हैं. कैमोमाइल की तरह इसमें भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं.

आराम-जैसा कि पुरानी कहावत है बीमारी के इलाज से इसकी रोकथाम ज्यादा बेहतर है. इसलिए आराम करें. आराम नहीं करने के कारण भी पेट की समस्याएं हो सकती है. आराम नहीं करने से तनाव आता है. तनाव अपच को बढ़ाता है. इसलिए काम करने के बाद बॉडी को आवश्यक आराम की जरूरत होती है.

5. दालचीनी और जीरा-दालचीनी कुदरती एंटासिड के रूप में काम करती है. यह पेट में अपच की समस्या से राहत दिलाती है. इसके अलावा यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में इंफेक्शन को ठीक कर सकती है. वहीं भूने हुए जीरा को पीसकर एक गिलास पानी में मिलाकर इसे पीएं. तुरंत राहत दिलाएगा.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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