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    क्यों इस वक्त विटमिन-C से भरपूर डायट है बेहद जरूरी, जानें वजह

    क्यों इस वक्त विटमिन-C से भरपूर डायट है बेहद जरूरी, जानें वजह

    Published By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 24 Mar 2020, 06:45:00 PM IST

    शरीर के लिए विटमिन्स की जरूरत से जुड़े कई शोधों में यह बात सामने आ चुकी है कि विटमिन-C हमारे इम्यून सेल्स (White Blood Cells) बढ़ाने में मदद करता है। इनमें लिंफोसाइट्स (Lymphocytes) और फैगोसाइट्स (Phagocytes) मुख्य रूप से शामिल हैं। ये हमारी बॉडी को इंफेक्शन्स से बचाने में मदद करते हैं।

    डैमेज से बचाए
    विटमिन-C हमारी बॉडी में ना केवल WBC की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है बल्कि उन्हें हार्मफुल मॉलेक्यूल्स से सुरक्षा भी प्रदान करता है। जैसे कि फ्री रेडिकल्स यानी शरीर में पाए जाने वाले मुक्त कण।

    फ्लू से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है विटमिन-सी

    त्वचा की सुरक्षा
    विटमिन-C हमारी त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्किन के लिए विटमिन-C ऐंटिऑक्सीडेंट्स की तरह काम करता है। और त्वचा की ऊपरी सुरक्षा परत को मजबूत बनाता है। कुछ स्टडीज में यह बात सामने आई है कि विटमिन-C घावों के भरने का समय काफी कम करता है। यानी विटमिन-C से भरपूर डायट लेने पर चोट को जल्दी ठीक करने में मदद मिलती है।

    यह भी पढ़ें:टीबी के बारे में जरूर पता होनी चाहिए ये 9 बातें

    विटमिन-C की मात्रा कम होने के नुकसान
    अगर शरीर में विटमिन-C की मात्रा आवश्यकता से कम होती है तो व्यक्ति में कई बीमारियों के होने की संभावना बन जाती है। जैसे कि निमोनिया। कई केसेज में देखा गया है कि निमोनिया के मरीज को यदि विटमिन-C के सप्लिमेंट्स दिए जाएं तो मरीज जल्दी ठीक होता है।

    कोरोना में विटमिन-C के फायदे
    आपको जरूर पता होगा कि जिस व्यक्ति Covid-19 का शिकार हो जाता है, उसके शरीर में निमोनिया तेजी से बढ़ता है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट्स का […]

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    Hantavirus : कोरोना के बाद चीन में अब हंता वायरस का नया मामला, जाने क्या हैं लक्षण

    Hantavirus : कोरोना के बाद चीन में अब हंता वायरस का नया मामला, जाने क्या हैं लक्षण

    Published By Somendra Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 24 Mar 2020, 05:08:00 PM IST

    पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कारण सहमी हुई है तो वही चीन में एक नए वायरस के संक्रमण ने वहां के लोगों के साथ-साथ पूरी दुनिया को इसके बारे में परेशान कर दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह वायरस covid-19 जितना खतरनाक नहीं है। चीन में कोरोना वायरस के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है, इसी बीच इस वायरस के बारे में भी लोग जानना चाह रहे हैं। इसके कारण चीन में एक इंसान की मौत भी हो चुकी है। हंता वायरस कितना खतरनाक है और उसके लक्षण क्या है इसके बारे में नीचे आपको पूरी जानकारी दी जा रही है।

    क्या है हंता वायरस (Hantavirus)

    कोरोना वायरस के कारण चीन पहले ही परेशान था लेकिन चीन के यूनान में हंता वायरस कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार हंता वायरस चूहों और गिलहरियों के संपर्क में आने के कारण फैलता है। अभी तक के किए गए शोध के अनुसार यह वायरस हवा के जरिए नहीं फैलता और ना ही पर्सन टू पर्सन। लेकिन अगर कोई व्यक्ति चूहा या गिलहरी के संपर्क में आता है तो, उसे हंता वायरस का संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। हंता वायरस के कारण लोगों में हंता वायरस रोग हो जाता है, जिसके कारण इंसान की मौत भी हो सकती है।

    क्या है हंता वायरस के लक्षण
    हंता वायरस के लक्षण को आप बड़ी आसानी से पहचान सकते हैं। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और प्रेवेंशन के अनुसार जब कोई इंसान हंता वायरस से संक्रमित हो जाता है तो उसे 101 डिग्री के ऊपर बुखार होता है, उसकी मांसपेशियों में दर्द रहता है […]

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    Drink For Good Sleep : वर्क फ्रॉम होम के बाद लेना चाहते हैं गहरी नींद तो, दूध में 2 बादाम मिलाकर बनाएं ये ड्रिंक

    Drink For Good Sleep : वर्क फ्रॉम होम के बाद लेना चाहते हैं गहरी नींद तो, दूध में 2 बादाम मिलाकर बनाएं ये ड्रिंक

    Published By Somendra Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 23 Mar 2020, 08:59:00 PM IST

    वर्क फ्रॉम होम करते-करते कई लोगों का पूरा दिन बीत जाता है और फिर भी उनका टारगेट और कुछ काम बच ही जाता है। ऐसे में लोगों के मन में काम न पूरा होने की वजह से स्ट्रेस बढ़ जाता है और उन्हें रात में अच्छी नींद नहीं आती है। ऐसे लोगों की रात करवट बदलते ही बीत जाती है और फिर सुबह उठते ही ऑफिस से काम में लग जाने के कारण नींद अधूरी ही रह जाती है। हालांकि अच्छी क्वालिटी की नींद के लिए आप एक खास ड्रिंक को भी पी सकते हैं, जिससे आपको रात में अच्छी नींद आएगी।

    यह ड्रिंक बादाम मिल्क ड्रिंक है जिसे पीने के बाद आपको गहरी नींद आएगी और आप सुबह उठने के बाद फ्रेश फील करेंगे और आपका काम करने में भी मन लगेगा। नीचे ड्रिंक को बनाने की विधि के साथ-साथ इस ड्रिंक को पीने से अच्छी नींद कैसे आ सकती है, इसके बारे में आपको नीचे पूरी जानकारी दी जा रही है।

    कैसे आ सकती है अच्छी नींद

    रात में सोने से पहले दूध पीने की प्रथा तो पुरानी ही है लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। दरअसल दूध में ऐसे विशेष औषधि गुण पाए जाते हैं जो बेटर स्लीप क्वालिटी प्रदान कर सकता है। वहीं बादाम के साथ जब दूध का सेवन किया जाता है तो यह अनिद्रा की समस्या को दूर करके गहरी नींद दिलाने में मदद कर सकता है। बादाम मिल्क को बनाने के लिए साबुत बादाम को पीसकर दूध में मिलाने के बाद तैयार करते हैं।

    वहीं वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टिकोण से देखा जाए तो बादाम में नींद को बढ़ाने […]

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    Milk and Turmeric Benefits : रोजाना 1 चम्मच हल्दी को दूध में मिलाकर पीएं, पास नहीं आएगी ये बीमारी

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    Published By Somendra Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 19 Mar 2020, 05:51:00 PM IST

    अक्सर आपने अपने घर के बड़े बुजुर्गों को यह कहते हुए सुना होगा कि दूध में हल्दी मिलाकर पीने से यह बीमारी ठीक हो जाएगी या फिर आप स्वस्थ रहेंगे। ऐसा होता भी है, लेकिन क्यों ? दरअसल दूध में मौजूद पौष्टिक तत्व और हल्दी के औषधीय गुण इसे एक ऐसी औषधीय रूप दे देते हैं। जिसके कारण ही यह आपको कई बीमारियों से बचाए रखने का काम करता है।

    इसके अलावा इन दिनों संक्रमण के कारण बढ़ने वाली कई बीमारियों के खतरे को देखते हुए यह भी इस बारे में कहा गया है कि दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से आप संक्रमण से बचे रहेंगे। आप किस प्रकार संक्रमण से बचे रहेंगे, इसके बारे में नीचे जानकारी दी जा रही है।

    इम्म्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है हल्दी और दूध

    हल्दी और दूध के मिश्रण को पीने से इम्म्युन सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है। दरअसल हल्दी और दूध को एक साथ मिलाने पर यह मिश्रण एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल एजेंट के रूप में कार्य करने लगता है। उसके बाद जब आप इसका सेवन करते हैं तो इन विशेष गुणों के कारण यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते हैं। इससे आप कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों से बचे रहते हैं।

    यह भी पढ़ें : Coronavirus And Blood Group : इस ब्लड ग्रुप के लोगों को कोरोना से सबसे ज्यादा खतरा, वायरस से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके

    घर पर कैसे तैयार करें ये ड्रिंक

    सामग्री

    एक गिलास दूध
    एक छोटा चम्मच हल्दी

    कैसे बनाएं

    सबसे पहले दूध को उबालने के लिए गैस/इंडक्शन पर रख दें।
    जब दूध उबलने लगे तो इसमें हल्दी डाल दें।
    अब […]

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    फ्रीलांसिंग कॅरियर में बनाने के लिए ध्यान रखें; पहले अपनी काबिलियत को समझें और कॉन्ट्रेक्ट करने के बाद ही काम करें

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    दैनिक भास्कर

    Mar 18, 2020, 11:00 AM IST

    रूमानी सैकिया फुकन, डिजिटल कंटेंट हेड, gharsenaukri.comआज के समय में फ्रीलांसिंग जॉब का बहुत चलन है। जॉब मार्केट में फ्रीलांसिंग के ढेरों अवसर हैं। आप घर बैठे विदेशों से भी प्रोजेक्ट हासिल कर सकती हैं। फ्रीलांसर्स यूनियन के अनुसार, 54 मिलियन अमेरिकी लेखन, ग्राफिक डिजाइन और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में फ्रीलांसर के तौर पर काम कर रहे हैं। भारत में भी भारतीय “फ्रीलांसर्स’ का बाजार 2025 तक लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ने का अनुमान है। यदि आप कुछ कारणों से अपने कॅरिअर को छोड़ देती हैं और कुछ वर्षों के बाद फिर से काम करना चाहती हैं, तो आप अपनी फील्ड में लेखन शुरू कर सकती हैं।

    4 स्टेप : फ्रीलांसिंग कॅरिअर को ऐसे बनाएं सफल

    फ्रीलांसिंग को कॅरिअर के तौर पर गंभीरता से लेंइसे केवल ‘खाली समय’ में टाइम-पास करने के लिए न करें। कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो कभी फुल-टाइम और कभी फ्रीलांसर के तौर पर काम करती हैं। लेकिन, मेरी राय है कि फ्रीलांसिंग को एक वैकल्पिक कॅरिअर के तौर पर नहीं अपनाना चाहिए। फ्रीलांसिंग में भी समर्पित समय और ऊर्जा को वैसे ही दें जैसे आप फुल-टाइम जॉब के लिए समर्पित करती हैं। शुरुआत में, ज्यादा कमाई नहीं होती, लेकिन उम्मीद नहीं खोना चाहिए। रोज नया काम खोजें और अपनी क्षमता के अनुसार कई प्रोजेक्ट्स पर काम करें। आपके रिज्यूमे में जितने अधिक प्रोजेक्ट्स होंगे, आगे जाकर आपको उतने ही बड़े और बेहतर प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं।

    अपनी काबिलियत को जानेंसिर्फ इसलिए कि आप फ्रीलांसिंग काम कर रही हैं, इसका यह मतलब नहीं है कि आप अपने ‘पे पैकेज’ से समझौता करने को तैयार हैं। यदि आप किसी प्रोजेक्ट के लिए 15,000 रुपए की योग्य हैं तो बेझिझक इतने ही […]

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    इन 7 तरीकों से मुलेठी बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

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    बदलते मौसम में अधिकतर लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसकी वजह मुख्य रूप से लगातार घटता-बढ़ता तापमान होता है, जिसके साथ हमारे शरीर को संतुलन बनाने करने में दिक्कत होती है। इस स्थिति में शरीर को एक्स्ट्रा सपॉर्ट की जरूरत होती है, जो उसे एजेस्टमेंट के लिए एनर्जी दे सके। मुलेठी एक ऐसी ही आयुर्वेदिक औषधि है, जो हमारी बॉडी में पॉवर बूस्टर की तरह काम करती है…

    रोगों को दूर करे और रोगों से बचाए भी

    ऐसा नहीं है कि मुलेठी का सेवन तभी करना चाहिए, जब हम किसी रोग के शिकार हो चुके हों। अगर आप चाहते हैं कि आप हमेशा हेल्दी और फिट रहें तो आप निश्चित मात्रा में मुलेठी का सेवन नियमित रूप से कर सकते हैं। इसके सेवन से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस हमारे शरीर पर जल्दी से अटैक नहीं कर पाते हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस बचने के लिए भी हेल्थ एक्सपर्ट मुलेठी के सेवन की सलाह दे रहे हैं। इसे लिक्यॉरस (Liquorice) और लिकरिस (liquorice) नाम से भी जाना जाता है।

    रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
    मुलेठी का नियमित सेवन हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मुलेठी में जो एंजाइम्स पाए जाते हैं वे शरीर में लिंफोसाइट्स (lymphocytes) और (macrophages) का उत्पादन करने में मदद करते हैं। लिंफोसाइट्स और मैक्रोफेज शरीर को बीमार बनानेवाले माइक्रोब्स, पॉल्यूटेंट, एलर्जी और उन हानिकार सेल्स को शरीर में विकसित होने से रोकते हैं, जो हमें ऑटोइम्यून सिस्टम से संबंधित बीमारियां दे सकते हैं।

    यह भी पढ़ें:Sexual Health: परफॉर्मेंस एंग्जाइटी और सेक्शुअल डिसऑर्डर के चलते आ जाती है तलाक की नौबत

    मुलेठी खाने के फायदे

    इन बीमारियों में है लाभकारी
    चलिए अब इस […]

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    डर के माहौल में बच्चों को वायरस के बारे में बताएं लेकिन पैनिक न हो दें, समय-समय पर उनका ध्यान डायवर्ट करें

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    दैनिक भास्कर

    Mar 18, 2020, 10:50 AM IST

    मानसी ज़वेरी, एडिटर, kidsstoppress.com
    अधिकांश शहरों के ऑफिस वर्क-फ्रॉम-होम की योजना अपना रहे हैं। स्कूल बंद हो चुके हैं। मूवी हॉल भी बंद हैं। सार्वजनिक जगहों पर जन्मदिन की पार्टियों को रद्द किया जा रहा है। हम डिनर टेबल पर “कैजुअल्टी’ की बढ़ती संख्या के बारे में चर्चा कर रहे हैं। पैरेंट्स के तौर पर क्या आप सोचती हैं कि बच्चों को इस बारे में समझा पा रही हैं या नहीं?
    बच्चे ये जरूर सोच रहे होंगे कि माता-पिता स्वच्छता को लेकर इतने उतावले क्यों हो रहे हैं और क्यों उनका व्हाट्सएप और समाचार चैनल कोरोना वायरस के बारे में ही चर्चा कर रहा है। इन सारी बातों से बच्चे आश्चर्यचकित हो रहे हैं। तो आज हम आपकी बच्चों को बेहतर तरह से समझने में मदद कर रहे हैं-

    बच्चों को COVID-19 की रासायनिक संरचना समझाकर उन्हें विद्वान बनाने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनको बिना कुछ बताए ये भी न कहें कि “यह चिंता की बात नहीं है।’ उन्हें इस वायरस की जरूरी जानकारी देना आवश्यक है।
    उन्हें समझाएं कि इसकी शुरुआत कैसे हुई और कैसे और क्यों ये इतनी तेजी से फैल रहा है। ये बहुत महत्वपूर्ण है कि उन्हें दुनियाभर में क्या हो रहा है, इसके बारे में जानकारी हो।
    सुनिश्चित करें कि आपको पता है कि आप अपने बच्चों को कीटाणुओं से कैसे बचा सकती हैं। बच्चों को छींकने, हाथ धोने और साफ-सफाई रखने के सही तरीके सिखाएं। अपने दैनिक व्यवहार में इन सब चीजों को आदत बनाने का यही बेहतर समय है।

    ये सब जानकार बच्चे चिंतित और तनावग्रस्त भी हो सकते हैं। उनसे बात करें और समझें कि वे क्या सोच रहे हैं और उनके सवालों का जवाब दें। हमारी तुलना में बच्चों […]

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    महिलाओं में पुरुषों से अलग होते हैं Heart Failure के कारण और लक्षण

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    Published By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 17 Mar 2020, 05:32:00 PM IST

    हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, महिलाएं और पुरुष दोनों की बायॉलजी कई मामलों में अलग होती है। यही वजह है कि एक ही बीमारी के लिए इनमें अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं। यह बात आमतौर पर हार्ट से संबंधित परेशानियों पर लागू होती है। खास बात यह है कि इन लक्षणों को पहचानने में काफी वक्त लग जाता है।

    महिलाओं में हार्ट फेल्यॉर के केस

    हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि हार्ट फेल्यॉल के लक्षणों और कारणों के रूप में महिलाओं में जिस तरह के हेल्थ फैक्टर्स नजर आते हैं, वे पुरुषों की तुलना में काफी अलग होते हैं। साथ ही लक्षण काफी पहले से नजर आने लगते हैं। ऐसे में अगर इन लक्षणों के प्रति जागरूकता रखी जाए तो महिलाओं को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। क्योंकि आमतौर पर देखने में आता है कि महिलाओं में हार्ट फेल्यॉर की स्थिति आने से पहले उन्हें कई दूसरी गंभीर बीमारियां अपना शिकार बनाती हैं।

    महिलाओं में हार्ट फेल्यॉर के लक्षण
    – मेनॉपॉज से पहले महिलाओं में सेक्स हॉर्मोन्स का स्तर काफी गड़बड़ा जाता है। फीमेल हॉर्मोन को एस्ट्रोजन और और मेल हॉर्मोन को टेस्टेस्टोरोन कहा जाता है। हालांकि ये दोनों ही हॉर्मोन महिलाओं और पुरुषों दोनों के शरीर में होते हैं लेकिन इनकी एक निश्चित मात्रा होती है। जिसके बढ़ने या घटने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

    यह भी पढ़ें:बीमारी का लक्षण है दूसरे की लाइफ में ज्यादा दिलचस्पी लेना, होती है इलाज की जरूरत

    महिलाओं में बीपी की समस्या के मुख्य कारण

    – मेनॉपॉज के दौरान घटा या बढ़ा हुआ एस्ट्रोजन लेवल महिलाओं में हृदय की कार्यप्रणाली में बाधा पहुंचाता है। जिससे हार्ट […]

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    Air Pollution: डायट और लाइफस्टाइल ठीक होने पर भी मोटा बनाती है यह वजह

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    Published By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 17 Mar 2020, 01:07:00 PM IST

    यह अलग बात है कि हम अपने बचपन में Air Pollution के बारे में बहुत अधिक नहीं जानते थे। लेकिन आजकल छोटे-छोटे बच्चों को पता है कि एयर पलूशन सांस और आंखों से संबंधित बीमारियों की वजह हो सकता है। लेकिन बच्चों के साथ ही बड़े लोग भी इस बात को लेकर कम जागरूक हैं कि एयर पलूशन का बढ़ता स्तर बढ़ते मोटापे की वजह हो सकता है…

    मोटापे की अलग-अलग वजह

    बढ़ते मोटापे को दुनियाभर के देश कंट्रोल करना चाहते हैं। यहां विकसित और विकासशील देशों की बात हो रही है। खास बात यह है कि कुछ जगहों पर मोटापे की वजह फास्ट फूड और लेजी लाइफस्टाइल है तो कहीं कुपोषण भी शरीर पर चढ़ी चर्बी की वजह है।

    एयर पलूशन है नई चुनौती
    लाइफस्टाइल से जुड़ी परिस्थितियों के साथ ही बढ़ते मोटापे के कारण के रूप में एक और बड़ी वजह सामने आ रही है औक वह है एयर पलूशन। अब एयर पलूशन पूरी दुनिया के लिए चुनौती का रूप ले चुका है। इस कारण ना केवल क्लाइमेट पर असर हो रहा है बल्कि इंसान का शरीर अब अधिक बीमार रहने लगा है।

    यह भी पढ़ें: लाइम डिजीज के बारे में वो सबकुछ जो आपको जानना चाहिए

    पलूशन से गट बैक्टीरिया को नुकसान
    पलूशन में लंबे समय तक रहने के कारण हवा में मौजूद प्रदूषण के कण सांस के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ये कण हमारे शरीर में मौजूद गट बैक्टीरिया, जो कि हमारी हेल्थ के लिए जरूरी और अच्छे बैक्टीरिया हैं, उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं और उनकी ग्रोथ को रोकते हैं।

    एयर पलूशन हो सकता है आपके बढ़ते मोटापे की वजह

    पलूशन से ऐसे बढ़ता […]

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