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Pankaj Tripathi : ‘कालीन भैया’ जब दिवाली पर दीपक जलाने के लिए सरसों-तीसी पेरवाने जाते थे, अधूरे थे सपने!

मुंबई: बिहार के गोपालगंज जिले से ताल्लुक रखने वाले पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. कई फिल्मों और वेब सीरीज को अपने अभिनय की बदौलत हिट करवाने वाले पंकज को अपना गांव बहुत याद आता है. पंकज ने अब मुंबई में अपना ठिकाना बना लिया है और धूमधाम के साथ दिवाली मनाते हैं, लेकिन बचपन के दिवाली को आज भी भूल नहीं पाते हैं. पंकज भले ही सफलता की सीढ़ी चढ़ रहे हैं,लेकिन आज भी अपने गांव और जमीन से जुड़े हुए हैं. पंकज के पास धन दौलत की कोई कमी नहीं हैं, लेकिन उन्हें अपने गांव की दिवाली ही याद आती है.

कालीन भैया के नाम से फेमस पंकज त्रिपाठी फिल्मी सफलता ने उनके जीवन में बहार ला दी है. सफलता के साथ-साथ पंकज कमाई भी कर रहे हैं तो बचपन की अधूरी इच्छाएं भी पूरी हो रही हैं. ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ (Gangs Of Wassepur) से मिली सफलता के बाद पंकज को पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी.

पंकज को याद आती है बचपन की दिवाली
मीडिया की खबरों के मुताबिक पंकज त्रिपाठी का नेटवर्थ 40 करोड़ रुपए से अधिक है. मुंबई में अपना खुद का घर भी है. पंकज ने दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि ‘आज मेरे पास सब कुछ है फिर भी दिल से मैं अपने गांव की दिवाली को ही जीता हूं. उन दिनों बिजली बत्ती न होने के बावजूद मेरे लिए दीपों का त्योहार अद्भुत होता था. कुम्हार के घर से दीये आते थे. पेराई मशीन पर जाकर हम सरसों और तीसी पेरवाते थे. घर पर गाय थी तो घी की कमी नहीं होती थी. दीपावली वास्तव में सामूहिकता का त्योहार है. कहीं से तेल लाए, कहीं से दीया तो कहीं से बाती के लिए कपास’.

खपरैल का घर होने से दिवाली पर ख्वाहिश रहती थी अधूरी
गोपालगंज के बेलसंड गांव में पंकज त्रिपाठी का घर खपरैल का हुआ का करता था. बचपन में उनकी बड़ी इच्छा होती थी कि घर की छत पर मोमबत्ती और दीया जलाएं लेकिन खपरैल की छत होने की वजह दीया, मोमबत्ती गिर जाता था. अब पंकज ने गांव में भी पक्का मकान बना लिया है और दिवाली पर अपने बचपन की ख्वाहिश पूरी करते हैं.

फिल्म के एक सीन में पंकज त्रिपाठी. (फोटो साभार: pankajtripathi/Instagram)

संघर्ष के बाद पंकज को मिली सफलता
पंकज त्रिपाठी का बचपन मुफलिसी में गुजरा है. पंकज के घर में टीवी भी नहीं था, फिल्मों में आने के बाद उनके घर टीवी लगा. मजे की बात ये है कि 10वीं कक्षा तक तो पंकज को ये भी नहीं पता था कि फिल्में क्या होती हैं. किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले पंकज छठ पूजा के मौके पर होने वाले नाटकों में लड़की का रोल प्ले किया करते थे. लोगों की तालियां उनका हौसला बढ़ाती, यही वो पल था जब पंकज ने एक्टिंग में हाथ आजमाने का फैसला किया. एनएसडी में एडमिशन लिया और काफी संघर्ष किया लेकिन आज सफलता कदम चूम रही है.

पंकज गांव जाना नहीं भूलते
पंकज ने बेहतरीन एक्टिंग की वजह से  ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के अलावा, ‘मसान ‘, ‘कागज’, ‘मिमी’ जैसी कई फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग का परिचय दिया है. एक्टर इन दिनों कई फिल्मों और वेब सीरीज में लगातार बिजी रहते हैं लेकिन अपने गांव जाना नहीं भूलते.

Tags: Diwali Celebration, Diwali festival, Entertainment Special, Pankaj Tripathi

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