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Pollution affect eye: दिल्ली बना गैस चैंबर, आंखों का हुआ बुरा हाल, इन तरीकों से करें इनकी हिफाजत

हाइलाइट्स

बढ़ते एयर पॉल्यूशन में बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में सबसे ज्यादा दिक्कतें आती हैं. प्रदूषण के दौरान यदि आंखों में धूलकण चले जाएं तो इसे हाथ से रब नहीं करें.

Eye protection tips in Pollution: पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और एनसीआर गैस चैंबर बना हुआ है. खतरनाक स्तर वाला यह प्रदूषण आंखों के लिए दुश्मन से कम नहीं है. जब भी यहां लोग खुले आसमान में बाहर निकलते हैं, आंखों में बेपनाह जलन होने लगती है और आंखों से पानी निकलने लगता है. आंखें शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस प्रदूषण में इनके खराब होने का जोखिम ज्यादा बढ़ जाता है. बढ़ते एयर पॉल्यूशन में बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में सबसे ज्यादा दिक्कतें आती हैं. इसके साथ ही मध्यम आयु वाले प्रौढ लोगों को भी काफी तकलीफ होती है. सेंटर फॉर साइट के चेयरमैन और मैनेजिंग डाइरेक्टर प्रोफेसर डॉक्टर मनिपाल सिंह बताते हैं कि यदि लंबे समय तक इस तरह का एयर पॉल्यूशन झेलना पड़े तो इससे आंखों में रेडनेस, इरीटेशन, इचिंग और ड्राइनेस की समस्या हो सकती है. कुछ मामलों में आंखों में सूजन भी हो जाती है.

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प्रदूषण के कारण आंखों में ये होती है समस्याएं
नवंबर, दिसंबर के महीने में एयर पॉल्यूशन के कारण आंखों में समस्याएं बढ़ जाती है. पॉल्यूशन के कारण हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डायऑक्साइड और डस्ट पार्टिकल के कारण आंखों को नुकसान पहुंचता है. ये पार्टिकल नंगी आंखों के लिए खतरनाक होते हैं. इस दौरान आंखों में कई तरह की समस्या दिखाई देने लगती है. जैसे आंखों में खूब जलन होना, आंखों में चिड़चिड़ापन होना, आंखों का लाल हो जाना, आंखों में खुजली होना, इत्यादि. इसके अलावा गंभीर मामलों में आंखों में स्वेलिंग भी होने लगता है.

इस खतरनाक पॉल्यूशन से कैसे बचें
डॉ सचदेवा ने बताया कि इस खतरनाक प्रदूषण से बचने के लिए ये तरीके अपनाए जा सकते हैं.

प्रदूषण के दौरान यदि आंखों में धूलकण चले जाएं या आंखों में खुजली, इरीटेशन हो, तो इसे हाथ से रब नहीं करें. ऐसी स्थिति में आपको आंखों में पानी लेना चाहिए.

अर्ली मॉर्निंग और इवनिंग को बाहर जाने से बचें. इस समय बहुत अधिक फॉग रहता है जिसमें डस्ट और टॉक्सिन पार्टिकल लटकते रहते हैं. इस समय में यदि आप बाहर जाना चाहते हैं तो सनग्लास लगाकर जाएं. जिस तरह लंग्स को बचाने के लिए फेस मास्क है, उसी तरह आंखों को बचाने के लिए ग्लासेज हैं.

आंखों में नमी बनाए रखने के लिए आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें. इसके लिए डॉक्टर से सलाह लें. इससे आई मसल्स को राहत मिलती है..

इस समय में बच्चों और बुजुर्गों को अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए. इसमें पानी की मात्रा सबसे ज्यादा हो. इससे न सिर्फ आंखें हाइड्रेट रहती है बल्कि आंखों के माध्यम से जितने भी टॉक्सिन पार्टिकल शरीर के अंदर गए हैं वे सब बाहर निकल जाएंगे.

Tags: Eyes, Health, Health tips, Lifestyle, Pollution

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