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RIP Jean-Luc Godard: फ्रेंच निर्देशक जीन ल्यूक गोडार्ड नहीं रहे, सिनेमा में की थी प्रयोग की शुरुआत

जिनेवा. मशहूर फ्रांसिसी फिल्म निर्देशक जीन ल्यूक गोडार्ड नहीं रहे. साठ के दशक में अपनी पहली फिल्म ‘ब्रेथलेस’ से सिनेमाजगत में क्रांतिकारी बदलावों की शुरुआत करने वाले जीन ल्यूक गोडार्ड का निधन हो गया. वह 91 साल के थे. स्विस समाचार एजेंसी एटीएस के अनुसार गोडार्ड के पार्टनर एन्नी-मैरी मिविल्ले और उनके निर्माताओं (प्रोड्यूसर्स) ने बताया कि मंगलवार को लेक जिनेवा में अपने घर पर जब उन्होंने अंतिम सांस ली तो उनके परिजन उनके पास ही थे.

जीन ल्यूक गोडार्ड कई बीमारियों से जूझ रहे थे. इसलिए उनकी मृत्यु को ‘स्वेच्छा मृत्यु’ (Associated Suicide) कहा जा रहा है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक स्विटजरलैंड में विशेष परिस्थितियों में सरकार ‘स्वेच्छा मृत्यु’ की इजाजत देती है. गोडार्ड के कानूनी सलाहकार पैट्रिक जेन्नेरेट ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि फ्रांसीसी फिल्म निर्देशक कई तरह की गंभीर और असामान्य बीमारियों से पीड़ित थे. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही उन्होंने ‘स्वैच्छिक मृत्यु’ के लिए सरकार से अनुमति ली थी.

पेरिस में 1930 में हुआ था जन्म
जीन ल्यूक गोडार्ड का जन्म पेरिस में 3 दिसंबर 1930 को एक समृद्ध फ्रांसिसी-स्विस परिवार में हुआ था. हालांकि उनका पालन-पोषण स्विटजरलैंड के न्योन में हुआ. उन्होंने पेरिस के सॉरबॉन विश्वविद्यालय से नृविज्ञान यानी एंथ्रोपोलॉजी में शिक्षा हासिल की. दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सिने क्लब लातिन क्वाटर्स के सांस्कृतिक परिदृश्य की ओर उनका झुकाव होता गया. उनकी फ्रांसिस ट्रूफॉट, जैक्स रिवेट्टे और एरिक रोहमर जैसे बड़े निर्देशकों से मित्रता हुई. वर्ष 1952 तक वह प्रतिष्ठित फिल्मी पत्रिका ‘कैहियर्स डू सिनेमा’ में लिखने लगे.

फिल्म समीक्षक बनकर शुरू किया करियर
जीन ल्यूक गोडार्ड ने 1950 के दशक में फिल्म समीक्षक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की. उन्हें लीक से हटकर सिनेमा जगत में एक नए युग की शुरुआत करने वाले के तौर पर याद रखा जाएगा. उन्होंने कैमरा, साउंड एवं कथात्मकता यानी फिल्म की कहानी कहने के नए नियम गढ़े. गोडार्ड ने कई ऐसी फिल्में बनाईं जो राजनीतिक रूप से संवेदनशील एवं प्रायोगिक थीं. उन फिल्मों से उनके प्रशंसकों के एक छोटे समूह से बाहर बहुत कम लोग ही खुश होते थे. कई समीक्षकों को उनकी अति बौद्धिकता रास नहीं आई. उनकी फिल्में ‘माई लाईफ टू लिव’, ‘अल्फाविले’, ‘क्रेजी पीट’, ‘द लिटल सोल्जर’ आदि है. बाद में उनकी वामपंथी राजनीतिक दृष्टिकोण से समझौता नहीं करने वाले शख्स के रूप में पहचान बनी.

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने जताया शोक
फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गोडार्ड ‘नई लहर के निर्देशकों में रूढ़िवाद को सबसे अधिक चुनौती देने वालों में से एक थे. उन्होंने पूरी तरह से आधुनिक, बेहद मुक्त कला विधा का सूत्रपात किया.’ मैक्रों ने कहा, ‘हमसे राष्ट्रीय धरोहर छिन गई…’. दूसरी ओर, कांस फिल्मोत्सव के निदेशक थियरी फ़्रेमॉक्स ने मंगलवार को एपी से कहा कि गोडार्ड के निधन की खबर सुनकर वह बहुत, उदास हैं. गोडार्ड की फिल्मों से जीन पॉल बेलमोंडों स्टार बने. उनकी विवादास्पद फिल्म ‘हेली मैरी’ तब सुर्खियों में आ गयी जब पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 1985 में उसकी निंदा की. (भाषा के इनपुट के साथ)

Tags: Cinema, Film world

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