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  • महिलाओं में पुरुषों से अलग होते हैं Heart Failure के कारण और लक्षण

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    Published By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: 17 Mar 2020, 05:32:00 PM IST

    हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, महिलाएं और पुरुष दोनों की बायॉलजी कई मामलों में अलग होती है। यही वजह है कि एक ही बीमारी के लिए इनमें अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं। यह बात आमतौर पर हार्ट से संबंधित परेशानियों पर लागू होती है। खास बात यह है कि इन लक्षणों को पहचानने में काफी वक्त लग जाता है।

    महिलाओं में हार्ट फेल्यॉर के केस

    हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि हार्ट फेल्यॉल के लक्षणों और कारणों के रूप में महिलाओं में जिस तरह के हेल्थ फैक्टर्स नजर आते हैं, वे पुरुषों की तुलना में काफी अलग होते हैं। साथ ही लक्षण काफी पहले से नजर आने लगते हैं। ऐसे में अगर इन लक्षणों के प्रति जागरूकता रखी जाए तो महिलाओं को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। क्योंकि आमतौर पर देखने में आता है कि महिलाओं में हार्ट फेल्यॉर की स्थिति आने से पहले उन्हें कई दूसरी गंभीर बीमारियां अपना शिकार बनाती हैं।

    महिलाओं में हार्ट फेल्यॉर के लक्षण
    – मेनॉपॉज से पहले महिलाओं में सेक्स हॉर्मोन्स का स्तर काफी गड़बड़ा जाता है। फीमेल हॉर्मोन को एस्ट्रोजन और और मेल हॉर्मोन को टेस्टेस्टोरोन कहा जाता है। हालांकि ये दोनों ही हॉर्मोन महिलाओं और पुरुषों दोनों के शरीर में होते हैं लेकिन इनकी एक निश्चित मात्रा होती है। जिसके बढ़ने या घटने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

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    महिलाओं में बीपी की समस्या के मुख्य कारण

    – मेनॉपॉज के दौरान घटा या बढ़ा हुआ एस्ट्रोजन लेवल महिलाओं में हृदय की कार्यप्रणाली में बाधा पहुंचाता है। जिससे हार्ट […]

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