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Uric acid: यूरिक एसिड कितना भी बढ़ जाए बिना पैसा खर्च किए इस तरह निकलेगा शरीर से बाहर

हाइलाइट्स

यदि आपका भी यूरिक एसिड बढ़ गया तो शुरुआती दौर में इसका आसान इलाज किया जा सकता हैइलेक्ट्रोलाइट वाटर का मतलब पानी में खनिजों लवणों का समावेश जो विद्युत का सुचालक हो

Tips to control high uric acid without money: यूरिक एसिड का बढ़ना शरीर के लिए बेहद घातक होता है. यह शरीर को एक तरह से तोड़ देता है. यूरिक एसिड शरीर के वेस्ट प्रोडक्ट है जिसका बाहर निकलना ही बेहतर है. यूरिक एसिड प्यूरिन है जो शरीर में कई केमिकल के निर्माण के दौरान बाय प्रोडक्ट के रूप में बनता है. आमतौर पर प्यूरिन यूरिक एसिड में बदलकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाता है. लेकिन शरीर में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा हो जाने पर किडनी इसे पूरी तरह निकालने में सक्षम नहीं हो पाती है. कुछ फूड में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है जबकि कुछ स्थितियों में किडनी यूरिक एसिड को निकालने में असफल होने लगती है.

डाइट में प्यूरीन का सेवन करने से यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है. एक सामान्य महिलाओं में यूरिक एसिड की नॉर्मल रेंज 1.5 से 6.0 mg/dL होनी चाहिए जबकि पुरुषों में 2.4 से 7.0 mg/dL होनी चाहिए. यूरिक एसिड का स्तर इस रेंज से ज्यादा होने पर बॉडी में कई तरह की परेशानियां होने लगती है. यदि आपका भी यूरिक एसिड बढ़ गया तो शुरुआती दौर में इसका आसान इलाज किया जा सकता है. इससे पहले यह जानना जरूरी है कि किन लोगों में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा रहता है.

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इन लोगों में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा ज्यादा
मायो क्लिनिक के मुताबिक बढ़ता वजन, डायबिटीज, दवाइयों का अधिक सेवन, शराब का सेवन अधिक करने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है. इसके अलावा कुछ लोगों में यह वंशानुगत भी हो सकता है. अगर विटामिन बी-3 की कमी है या थायराइड बढ़ा हुआ है तो भी यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा है. हालांकि यूरिक एसिड बढ़ने के लिए सबसे बड़ा कारक गलत खान-पान है. डाइट में रेड मीट खासकर लीवर, किडनी, स्वीटब्रेड, एंटोवाइव्स, सेलफिश, सार्डिन, टूना आदि मछलियों का अधिक सेवन करने से यूरिक एसिड तेजी से बढ़ने लगता है.

इलेक्ट्रोलाइट वाटर से निकल जाता है यूरिक एसिड
अमेरिकी नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में चूहों पर किए गए अध्ययन के आधार पर दावा किया गया है कि इलेक्ट्रोलाइट पानी पीने से शरीर में मौजूद यूरिक एसिड को आसानी से बाहर निकाला जा सकता है. शोधकर्ताओं ने इसे साबित करने के लिए सबसे पहले चूहों में यीस्ट देकर उनमें यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ाया. इसके बाद वजन के हिसाब से इलेक्ट्रोलाइट पानी दिया गया. सात दिनों तक चूहों ने जितना पेशाब किया, उसके सैंपल से यूरिक एसिड, क्रेटीनाइन और यूरिया नाइट्रोजन लेवल की माप ली गई. इसके बाद विश्लेषण में चमात्कारिक रूप से चूहों के पेशाब से यूरिक एसिड निकलने लगा. शोध के निष्कर्ष में पता चला है कि इलेक्ट्रोलाइटिंग ड्रिंकिंग वाटर यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में बेहद कारगर है. इसके साथ ही पेशाब को अल्कलाइन बनाने में मदद मिली. पेशाब अल्कलाइन होने का मतलब कई बीमारियों से मुक्ति है.

क्या होता है इलेक्ट्रोलाइट वाटर
इलेक्ट्रोलाइट वाटर का मतलब होता है पानी में ऐसे खनिजों का समावेश जो विद्युत धारा को आसानी से ले जा सके. यानी पानी में जब सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड को मिला दिया जाता है तब यह इलेक्ट्रोलाइट वाटर बन जाता है. वैसे तो पानी में ये सब खनिज पदार्थ मिले होते हैं लेकिन शुद्ध पानी में इसकी कम मात्रा होती है. इसलिए इसमें ये तीनों चीजें मिलाकर इलेक्ट्रोलाइट वाटर बनाया जाता है. इलेक्ट्रोलाइट पाउडर या लिक्विड इसका उदाहरण है. इन तीन चीजों के अलावा मैग्नीशियम, कैल्शियम, फॉस्फेट, बायकार्बोनेट भी मिलाया जाता है.

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Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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