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Yoga Session: रक्‍त संचार को बढ़ाने में मदद करता है कपालभाति, जानें इसे करने का सही तरीका

हाइलाइट्स

कपालभाति प्राणायाम का अभ्‍यास अपनी क्षमता के अनुसार ही करें.हेल्‍थ से जुड़ी समस्‍या हो तो डॉक्‍टर के परामर्श के बाद ही इसे करें.

Yoga Session With Savita Yadav : कपालभाति एक फोर्सफुली एक्‍हेलेशन है जो हमारे संपूर्ण शरीर को फायदा पहुचाने में मदद करता है. नियमित कपालभाति का अभ्‍यास शरीर में रक्‍त संचार को बेहतर करता है और तमाम अंगों को एक्टिव रखने में मदद करता है. न्यूज़18 हिंदी के फेसबुक लाइव सेशन में योग प्रशिक्षिका सविता यादव (Savita Yadav) ने आज कपालभाति प्राणायाम के अभ्‍यास के तरीके को बताया बताया और इसके फायदे व सावधानियों की जानकारी दी.

 कपालभाति के फायदे
कपालभाति हमारे शरीर में रक्‍त के संचार को बढ़ाता है. यह रक्‍त को उर्धमुखी यानी कि ऊपर की तरफ करता है और ब्रेन मसल्‍स तक हमारे ब्‍लड को सर्कुलेट करता है. इस तरह यह हमारे शारीरिक और मानसिक दोनों ही सेहत के लिए काफी फायदेमंद है.

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कपालभाति से जुड़ी सावधानियां
अगर पेट से जुड़ी किसी भी तरह की समस्‍या है आप कपालभाति ना करें. अगर आपका लंग्‍स कमजोर है, कोविड से रीकवर हुए एक दो महीना ही हुआ है, तो भी इसे ना करें. बेहतर होगा अगर आप डॉक्‍टर से बात कर ही इसे करें. हार्ट पेशेंट लोगों को भी अपने डॉक्‍टर की सलाह पर ही इसे करना चाहिए. अगर आप हाइपर एसिडिटी के मरीज हैं तो भी इसे ना करें. महिलाएं पीरियड्स के दौरान इसे ना करें.

कपालभाति का अर्थ
कपाल का अर्थ होता है मस्‍तक, जबकि भाति का अर्थ है चमकना. यानी कि भाग्‍य तभी चमकता है जब आप अंदर से स्‍वस्‍थ्‍य हैं. कपालभाति के अनगिनत फायदे हैं और इसी वजह से इसका नाम कपालभाति रखा गया है.

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इस तरह करें कपालभाति
-सबसे पहले पद्मासन में बैठें और आंखों को बंद कर ध्‍यान लगाएं. अब गहरी सांस लें और ध्‍यान की मुद्रा बनाते हुए गहरी सांस लें. ध्‍यान रहे कि आपकी दोनों हथेलियां घुटने पर  हों. अपनी कमर और गर्दन को बिलकुल सीधी रखें. इसे करने से पहले यह जान लें कि यह एक फोर्सफुली एक्‍हेलेशन का अभ्‍यास है. इसके लिए  आप गहरी सांस लें और नाक से तेजी से सांस को बाहर निकालें. ऐसा कम से कम 1 मिनट तक करें.

-धीरे से अभ्‍यास को रोकें और शांत होकर शरीर पर इसके असर को महसूस करें. विस्‍तार से देखने के लिए नीचे दिए गए विडियो लिंक देखें.

-इस बात का ध्‍यान रखें कि इसके करते वक्‍त आपका चेहरा सामान्‍य हो. नाक मुंह पर किसी तरह का सिकुड़न आदि ना बनाएं. पेट को जबरदस्‍ती अंदर बाहर करने की जरूरत नहीं. सांस छोड़ते वक्‍त अपने आप ही पेट अंदर बाहर होगा.

-उद्यापन करने के लिए गहरी सांस लें और पेट में पूरी तरह से सांस को भर लें, होल्‍ड करें और फिर धीरे धीरे सांस को पेट अंदर की तरफ सिकोड़ते हुए निकालें. अब कपालभाति का दूसरा चक्र करें. इसके लिए आप आंख बंद कर गहरी सांस लें और  1 मिनट तक फोर्स से सांस को बाहर निकालें. अगर आप इसे रोज अभ्‍यास करें तो कई फायदा मिलेगा.

Tags: Benefits of yoga, Health, Lifestyle, Yoga

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